हिजबुल्लाह का सुप्रीम लीडर आज करेगा इजराइल के खिलाफ जंग का ऐलान? समर्थकों को कुछ देर में करेगा संबोधित
Hezbollah chief Hassan Nasrallah: लेबनानी शिया इस्लामवादी समूह हिजबुल्लाह का सुप्रीम लीडर हसन नसरल्ला आज, यानि शुक्रवार को अपने समर्थकों को संबोधित कर सकता है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार हसन नसरल्ला अपने समर्थकों को संबोधित करने वाला है।
माना जा रहा है, कि हिज्बुल्लाह का नेता आज अपने संबोधन में इजराइल के खिलाफ अपने अगले कदम का ऐलान कर सकता है, क्योंकि इसके लड़ाके और इजरायली सेना, लेबनान-इजरायल सीमा पर लगातार झड़प में लगे हुए हैं। इजराइल ने लेबनान सीमा के भीतर हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर ड्रोन हमले भी किए हैं।
इससे यह आशंका बढ़ गई है, कि यह क्षेत्र संघर्ष का एक और मोर्चा बन सकता है। हालांकि, अब तक हिंसा पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है।

हमास ने 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमला किया था, जिसमें 1,400 से ज्यादा लोग मारे गए और उसके बाद से ही लेबनान खतरे में है और हिज़्बुल्लाह पर कड़ी नजर रख रहा है। हालांकि, हिज्बुल्लाह ने इजराइल पर अपने हमले तेज कर दिए हैं और इजराइल भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है, लेकिन फिर भी दोनों पक्षों ने अभी तक एक दूसरे खिलाफ जंग का ऐलान नहीं किया है। इसीलिए, ज्यादातर हमले सीमा क्षेत्र तक ही सीमित हैं।
हिज्बुल्लाह के सुप्रीम लीडर करेगा जंग का ऐलान?
हालांकि, माना जा रहा है, कि आज जब हिज्बुल्लाह के सुप्रीम लीडर का सार्वजनिक संबोधन होगा, तो स्थितियां बदल सकती हैं और संबोधन में इजराइल के खिलाफ जंग का ऐलान किया जा सकता है।
हमास को खत्म करने के लक्ष्य के साथ, इजराइल गाजा पर अपने जमीनी आक्रमण को आगे बढ़ा रहा है, जबकि हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्र में मारे गए फिलिस्तीनियों की संख्या 9,000 के आंकड़े को पार कर गई है।
इस बीच, हमास ने बार-बार अपने सहयोगियों से लड़ाई में शामिल होने का आग्रह किया है, और कई विश्लेषकों ने आश्चर्य जताया है, कि अभी तक हिज्बुल्लाह ने आधिकारिक तौर पर इजराइल के खिलाफ जंग का ऐलान क्यों नहीं किया है, लिहाजा कई विश्लेषकों का मानना है, कि ईरान, जो आर्थिक संकट में फंसा हुआ है, वो जंग में जाने से डर रहा है और इसीलिए, उसने हिज्बुल्लाह को रोककर रखा हुआ है।
हिज़्बुल्लाह, जिसे हमास की तरह ब्रिटेन, अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश आतंकवादी संगठन मानते हैं, वो लेबनान में सबसे बड़ी राजनीतिक और सैन्य शक्ति है। इसका मतलब यह है, कि हिज़्बुल्लाह के फैसले उसके समर्थन आधार से कहीं ज्यादा दूर तक सुनाई देते हैं और माना जा रहा है, कि कई कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन, हिज़्बुल्लाह प्रमुख के संबोधन का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं, हिज़्बुल्लाह के प्रमुख नसरल्ला का ठिकाना, हमेशा की तरह, एक रहस्य बना हुआ है।

नसरल्ला के संबोधन का इंतजार
नसरल्ला का संबोधन उसके समर्थकों तक पहुंचे, इसके लिए पूरे लेबनान में टीवी स्क्रीन लगाए गये हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है और इसे हिजबुल्लाह द्वारा एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में तैयार किया जा रहा है।
लेबनान में कई लोग अभी भी 2006 में इजराइल के खिलाफ लड़े गए महीने भर के विनाशकारी युद्ध को याद करते हैं, और टेंशन में हैं, कि अगर नसरल्ला अपने संबोधन में युद्ध का ऐलान करता है, तो इजराइल की प्रतिक्रिया फिर से विनाशक हो सकती है।
लेबनान के लोग डरे हुए हैं, नसरल्ला एक बार फिर से उन्हें युद्ध में घसीट सकता है।
हिज़्बुल्लाह का मकसद इजराइल का विनाश है, जो इसे हमास से भी ज्यादा खतरनाक और इजराइल का दुर्जेय दुश्मन बनाता है। हिज़्बुल्लाह के पास हथियारों का एक विशाल भंडार है, जिसमें सटीक-निर्देशित मिसाइलें शामिल हैं, जो इजरायली क्षेत्र में गहराई तक हमला कर सकती हैं। इसके अलावा, हिज़्बुल्लाह के पास हजारों की संख्या में प्रशिक्षित लड़ाके हैं, जो युद्ध की स्थिति में इजराइल के खिलाफ नया मोर्चा खोल सकते हैं।

दूसरी तरफ, इजरायली प्रधान मंत्री, बेंजामिन नेतन्याहू ने वादा किया है, कि अगर हिज़्बुल्लाह संघर्ष में दूसरा मोर्चा खोलता है, तो उसे "अकल्पनीय" परिमाण भुगतने होंगे। वहीं, अमेरिका ने इजराइल के खिलाफ दूसरा मोर्चा खोलने की स्थिति में संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए पूर्वी भूमध्य सागर में दो एयरक्राफ्ट कैरियर भेज दिए हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है, कि हिज़्बुल्लाह का मुखिया अगर युद्ध का ऐलान करता है, तो ये लेबनान के लिए विनाशकारी फैसला होगा, क्योंकि लेबनान पहले ही गरीबी और आर्थिक दुर्दशा से जूझ रहा है और राजनीतिक गतिरोध ने इसे ठीक से काम करने वाली सरकार के बिना छोड़ दिया है।












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