Halloween 2024: आज के दिन क्यों बनते हैं भूत और चुड़ैल? क्या है 'ट्रिक और ट्रीट'का मतलब?
Halloween 2024: अगर आज पूरे भारत में दीवाली का पर्व मनाया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर पश्चिमी देशों में आज 'हैलोवीन' मनाया जा रहा है। मुख्य रूप से अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोपीय देशों में वृहद स्तर पर मनाए जाने वाले इस पर्व का इंतजार बच्चों से लेकर बूढ़ों तक को होता है।
आपको बता दें कि हर साल 31 अक्टूबर को ये पर्व मनाया जाता है।इस पर्व की खासियत है इसका अलग तरह का सेलिब्रेशन, क्योंकि इसमें लोग भूत वाले रूप धारण करते हैं और ईसाई धर्म के लोगों के इस पर्व में खास तौर पर 'ट्रिक और ट्रीट' का प्रयोग करते हैं।

चलिए विस्तार से जानते हैं कि ये पर्व इस तरह से क्यों मनााय जाता है?
- हैलोवीन की उत्पत्ति सेल्टिक परंपराओं से हुई मानी जाती है। सेल्टिक समुदाय के लोग 2,000 साल पहले आयरलैंड, यूनाइटेड किंगडम और उत्तरी फ्रांस के क्षेत्रों में रहते थे। उनका मानना था कि 31 अक्टूबर को साल की समाप्ति और अंधकार की शुरुआत होती है। इस दिन को "सामहिन" (Samhain) के नाम से जाना जाता था।
- मान्यता थी कि इस दिन मृत आत्माएं धरती पर आती हैं और जीवित लोगों के साथ संवाद करती हैं।
- रोमनों के ब्रिटेन में आने के बाद, सामहिन का त्योहार रोमन परंपराओं के साथ मिल गया। 1 नवंबर को "ऑल सेंट्स डे" (सभी संतों का दिन) घोषित किया गया, जिसे "ऑल हैलोज़" कहा गया और 31 अक्टूबर को "ऑल हैलोज़ ईव" कहा जाने लगा, जो बाद में हैलोवीन बन गया।
हैलोवीन का महत्व
- हैलोवीन का मुख्य उद्देश्य मृत आत्माओं का सम्मान करना और उनसे डर को दूर करना है।
- यह त्योहार जीवन और मृत्यु के चक्र को दर्शाता है और बताता है कि अंधकार में भी प्रकाश का महत्व है।
हैलोवीन की परंपराएं
- कद्दू का इस्तेमाल: हैलोवीन का प्रमुख प्रतीक है डरावने चेहरे वाले कद्दू। इसे "जैक ओ'लैम्पर्न" कहा जाता है। इसे बनाकर घर के बाहर रखा जाता है ताकि बुरी आत्माओं को दूर रखा जा सके।
- भूत-प्रेत की वेशभूषा: लोग डरावने कपड़े पहनते हैं और भूत, पिशाच, चुड़ैल आदि का रूप धारण करते हैं। यह माना जाता है कि डरावने कपड़े पहनने से बुरी आत्माएं भ्रमित हो जाती हैं और नुकसान नहीं पहुंचाती।
- ट्रिक-ऑर-ट्रीट: बच्चों द्वारा खेला जाने वाला यह एक लोकप्रिय खेल है जिसमें वे डरावने कपड़े पहनकर घर-घर जाते हैं और "ट्रिक-ऑर-ट्रीट" कहते हैं। लोग उन्हें मिठाइयां और चॉकलेट देते हैं। यह परंपरा अच्छे और बुरे के बीच सामंजस्य को दर्शाती है।
भारत में हैलोवीन की लोकप्रियता
भारत में हैलोवीन की लोकप्रियता मुख्यतः बड़े शहरों और युवाओं के बीच में बढ़ रही है। मॉल्स, क्लब्स, और अन्य जगहों पर हैलोवीन पार्टियों का आयोजन होता है। लोग डरावने कपड़े पहनकर इस दिन को मनाते हैं और इसे एक मस्ती के अवसर के रूप में देखते हैं।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।












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