अब नाव से सिर्फ 3 घंटे में पहुंचेगे श्रीलंका, दोनों देशों के बीच बोट सर्विस जल्द होगी शुरू
भारत और श्रीलंका के बीच बहुप्रतीक्षित यात्री नौका सेवा जल्द ही शुरू हो सकती है। निमल सिरीपाला डी सिल्वा ने कहा कि भारत की तरफ से हरी झंडी मिलने के 6 महीने के भीतर ही ये यात्रा शुरू हो जाएगी।
इस परियोजना से दोनों देशों के यात्री और व्यापारी एक दूसरे देशों की यात्रा कम समय और कम पैसे में कर पाएंगे।

बंदरगाह, जहाजरानी और विमानन मंत्री निमल सिरीपाला डी सिल्वा की अध्यक्षता में सोमवार को कांकेसंथुराई बंदरगाह पर केंद्रित श्रीलंका और भारत के बीच यात्री और कार्गो सेवा शुरू करने की मंजूरी दी गई।
मंत्री ने आगे कहा कि भारत द्वारा इस परियोजना को अनुमति दिए जाने के बाद 6 महीने के भीतर यात्रियों और सामान का परिवहन संभव हो सकेगा। इस परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य जाफना शहर और कांकेसंथुराई बंदरगाह का विकास करना है।
ये यात्रा श्रीलंका के जाफना जिले के कांकेसंथुराई बंदरगाह से भारत सरकार द्वारा चुने गए बंदरगाह के बीच होगी। यह यात्रा इसी साल जनवरी में शुरू हो जाने वाली थी लेकिन भारत सरकार ने नौका सेवा के लिए पांडिचेरी बंदरगाह चुना था, जिसे बदल दिया गया।
यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए नौका सेवाओं के विस्तार से दोनों देशों के बीच यात्रा आम लोगों के लिए सस्ती हो जाएगी और माल की ढुलाई के माध्यम से श्रीलंका और भारत के बीच व्यापार का विस्तार करने के अवसर मिलेंगे।
श्रीलंकाई वेबसाइट संडे ऑब्जर्वर के मुताबिक नई सेवा के तहत जहाज एक यात्रा पर 300 से 400 यात्रियों को ले जाएगा। इसमें करीब साढ़े तीन घंटे का वक्त लगेगा। दोनों देशों के बीच यह यात्रा लगभग 8,000 रुपये में पूरी हो पाएगी। इस दौरान प्रत्येक यात्री 100 किलोग्राम तक का सामान ले जा सकता है।
आपको बता दें कि भारत ने उत्तरी श्रीलंका में कांकेसंथुराई हार्बर को एक वाणिज्यिक बंदरगाह के रूप में उन्नत करने और क्षेत्रीय समुद्री केंद्र बनने के श्रीलंकाई प्रयासों को मजबूत करने के लिए 2018 में 4,52, 70,000 डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान की थी।












Click it and Unblock the Notifications