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अमेरिका में उपराज्यपाल बनीं Ghazala Hashmi का भारत के किस शहर से है कनेक्शन? उनके माता-पिता क्या करते थे

Ghazala Hashmi Virginia Lieutenant Governor: भारतीय मूल की डेमोक्रेट गजाला हाशमी ने अमेरिकी राजनीति में एक और मील का पत्थर स्थापित किया है। उन्होंने रिपब्लिकन जॉन रीड को हराकर वर्जीनिया के उपराज्यपाल पद का चुनाव जीत लिया है। यह जीत न केवल हाशमी के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह वर्जीनिया के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

हाशमी पहले से ही वर्जीनिया सीनेट में सेवा देने वाली पहली मुस्लिम और पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी रही हैं, और अब उपराज्यपाल के रूप में उनकी यह नई भूमिका विविधता और समावेशिता की मिसाल कायम करती है। हैदराबाद में जन्मी गजाला हाशमी का जीवन और करियर दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए उनके समर्पण को दर्शाता है, खासकर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और पर्यावरण न्याय जैसे क्षेत्रों में।

Ghazala Hashmi Virginia Lieutenant Governor

वर्जीनिया की उपराज्यपाल बनीं गजाला हाशमी: ऐतिहासिक जीत

भारतीय मूल की डेमोक्रेट गजाला हाशमी ने रिपब्लिकन जॉन रीड को हराकर वर्जीनिया के उपराज्यपाल पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। यह जीत हाशमी के प्रभावशाली राजनीतिक करियर में एक और मील का पत्थर है। वह पहले से ही वर्जीनिया सीनेट में सेवा देने वाली पहली मुस्लिम और पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी रही हैं, और अब इस पद पर उनकी जीत विविधता और समावेशिता का प्रतीक है। हाशमी की इस सफलता का अर्थ है कि उनकी सीनेट सीट के लिए एक विशेष चुनाव होगा। उनकी जीत दर्शाती है कि अमेरिकी राजनीति में दक्षिण एशियाई समुदाय का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

कौन हैं गजाला हाशमी: हैदराबाद से जॉर्जिया तक का सफर

1964 में हैदराबाद में जन्मी गजाला हाशमी ने अपना बचपन मालकपेट में बिताया। चार साल की उम्र में वह अपनी मां और बड़े भाई के साथ भारत से अमेरिका आ गईं और जॉर्जिया में अपने पिता के पास रहने लगीं। उनके पिता, प्रोफेसर जिया हाशमी, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र रहे थे और साउथ कैरोलिना विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के बाद अध्यापन करियर में सक्रिय रहे। गजाला ने जॉर्जिया सदर्न यूनिवर्सिटी से बीए और एमोरी यूनिवर्सिटी से अमेरिकी साहित्य में पीएचडी की डिग्री हासिल की। साल 1991 में वह अपने पति अजहर रफीक के साथ रिचमंड क्षेत्र में बस गईं और उनकी दो बेटियां हैं।

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अकादमिक से राजनीति तक का प्रभावशाली सफर

गजाला हाशमी ने लगभग 30 वर्ष एक प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दी हैं, पहले रिचमंड विश्वविद्यालय में और फिर रेनॉल्ड्स कम्युनिटी कॉलेज में। रेनॉल्ड्स कम्युनिटी कॉलेज में, उन्होंने सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन टीचिंग एंड लर्निंग (CETL) की संस्थापक निदेशक के रूप में भी कार्य किया। 2019 में, उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और एक चौंकाने वाली जीत के साथ रिपब्लिकन के कब्जे वाली राज्य सीनेट सीट पर कब्जा करके वर्जीनिया जनरल असेंबली के लिए चुनी गईं। पांच साल बाद, 2024 में, उन्हें सीनेट शिक्षा एवं स्वास्थ्य समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जो प्रजनन स्वतंत्रता और सार्वजनिक शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण डेमोक्रेटिक प्राथमिकताओं के लिए एक महत्वपूर्ण नेतृत्व पद है।

हाशमी के प्राथमिकता वाले मुद्दे और जनसेवा का समर्पण

अपनी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, गजाला हाशमी ने "दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अपने प्रयासों को समर्पित किया है।" उन्होंने अपने राजनीतिक करियर के दौरान विशेष रूप से आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और पर्यावरण न्याय जैसे क्षेत्रों में असमानता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है। हाशमी का मानना है कि इन बुनियादी क्षेत्रों में सुधार करके ही समाज के सभी वर्गों के लिए बेहतर और समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकते हैं। उनकी यह प्रतिबद्धता उनके चुनावी अभियानों और विधायी कार्यों दोनों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिससे उन्हें व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है।

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