जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज का भारत दौरा: PM मोदी बोले- यूरोप में जर्मनी हमारा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाली में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर चांसलर ओलाफ शोल्ज से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने आर्थिक संबंधों, रक्षा सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की थी।

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जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गए हैं। चांसलर शोल्ज़ के साथ वरिष्ठ अधिकारी और एक उच्चाधिकार प्राप्त व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी है। पीएम मोदी 2 दिनों की भारत यात्रा पर पहुंचे हैं। वह कल बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे। यहां उन्होंने राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन जंग, क्लाइमेट चेंज, चीन के साथ ही द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा- जर्मनी पूरे यूरोप में हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार होने के साथ ही निवेश का एक प्रमुख सोर्स भी है। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच मजबूत संबंध एक दूसरे के हितों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं।
गहरी समझ पर आधारित हैं संबंध
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी के संबंध दोनों देशों के बीच गहरी समझ पर आधारित हैं। हमारे पास व्यापार विनिमय का इतिहास है। भारत और जर्मनी ट्रैंगुलर डेवलपमेंट को-ऑपरेशन के तहत थर्ड वर्ल्ड के डेवलपमेंट के लिए आपसी सहयोग बढ़ा रहे हैं। पिछले कुछ सालों में हमारे बीच पीपुल-टू-पीपुल संबंध भी गहरे हुए हैं। पिछले साल मेरी जर्मनी यात्रा के दौरान हमने ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप की घोषणा की थी। इसके माध्यम से, हम क्लाइमेट एक्शन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। शोल्ज की इस यात्रा में दोनों देशों के बीच साथ मिलकर 6 कन्वेंशनल सबमरीन बनाने के लिए 5.2 अरब डॉलर की एक डील होगी।
युद्ध की शुरुआत से ही शांति की बात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूक्रेन युद्ध की शुरुआत से ही हम शांति की बात कह रहे हैं। हमने कहा है कि बातचीत करके मुद्दा सुलझाया जाए। भारत किसी भी शांति प्रक्रिया में योगदान के लिए तैयार है। इसी तरह सुरक्षा और डिफेंस को-ऑपरेशन भारत-जर्मनी स्ट्रैटिजिक पार्नटरशिप का एक महत्वपूर्ण पिलर बन सकता है। इस क्षेत्र में हमारे पोटेंशियल को पूरी तरह इस्तेमाल करने के लिए हम साथ मिलकर कोशिश करते रहेंगे। वहीं, जर्मन चांसलर ने कहा कि पुरी दुनिया रूस-यूक्रेन जंग का परिणाम दुनिया भुगत रही है। ये बड़ी तबाही है क्योंकि हम जानते हैं कि ये जंग उन इकोनॉमिक प्रिंसिपल्स का उल्लंघन करती है जिन पर हम सभी सहमत थे।
जर्मनी में भारतीयों को मिले जॉब
जर्मन चांसल शोल्ज ने कहा कि भारत में लगभग 1,800 जर्मन कंपनियां सक्रिय हैं। इनमें हजारों भारतीय लोग काम करते हैं। जर्मनी को प्रतिभा चाहिए, हमें स्किल्ड वर्कर्स की जरूरत है। भारत में आईटी और सॉफ्टवेयर का तेजी से विकास हो रहा है। भारत में इतनी प्रतिभा है और हम दोनों देशों के संबंधों का लाभ उठाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि जर्मनी में भी भारतीयों को नौकरी मिले। भारत और जर्मनी के बीच पहले से ही अच्छे संबंध हैं। हम इन्हें मजबूत करते रहेंगे।
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इससे पहले भारत में जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने नवंबर में कहा था कि शोल्ज भारत की द्विपक्षीय यात्रा की योजना बना रहे हैं। एकरमैन ने 30 नवंबर को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा था कि चांसलर 2022 में भारत यात्रा की योजना बना रहे हैं। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाली में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर चांसलर ओलाफ शोल्ज से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने आर्थिक संबंधों, रक्षा सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की थी।
G-20 बैठक 2022 में चांसलर शोल्ज और पीएम मोदी के बीच तीसरी बैठक थी। पीएम मोदी ने पिछले साल 2 मई को 6वें भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श के लिए बर्लिन का दौरा किया था, जिसके बाद चांसलर शोल्ज के निमंत्रण पर जी7 शिखर सम्मेलन के लिए जर्मनी में श्लॉस एल्मौ की उनकी यात्रा हुई थी।












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