गाजा पट्टी का गला घोंटने पर आतुर हुआ इजराइल, पानी खरीदने के लिए चीख-पुकार, ग्राउंड ऑपरेशन से पहले दहशत
Gaza Strip: 41 किलोमीटर लंबी गाजा पट्टी में इजराइली बमबारी जारी है और जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उसे देखकर तबाही का अंदाजा लगाया जा सकता है। इजराइल ने अल्टीमेटम जारी करते हुए कहा है, कि उत्तरी गाजा में रहने वाले लोग 24 घंटे के अंदर पूरे क्षेत्र को खाली कर दें, जिसके बाद पूरी आशंका है, कि जल्द ही गाजा पट्टी में इजराइल का ग्राउंड ऑपरेशन शुरू होने वाला है।
ग्राउंड ऑपरेशन से पहले गाजा पट्टी में भारी दहशत है और गुरुवार को गाजा में बेकरी और किराने की दुकानों के बाहर फिलिस्तीनियों की लंबी लंबी कतारें देखी गई हैं। लोग डरे हुए हैं और ज्यादा से ज्यादा समान खरीदकर रखना चाहते हैं, क्योंकि ये युद्ध कहां जाकर खत्म होगा, कोई नहीं जानता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी गाजा में कई मकाने अब खंडहर बन चुकी हैं और लोग खंडहरों से लेकर टेंट में रात बिता रहे हैं। गाजा पट्टी में पूरी तरह से बिजली काट दी गई है, लिहाजा पूरा शहर रातभर अंधेरे में रहा। वहीं, इज़राइल ने नए हवाई हमले शुरू किए हैं और कहा है, कि वह संभावित जमीनी आक्रमण की तैयारी कर रहा है।
गाजा का गला घोंट रहा इजराइल!
अंतर्राष्ट्रीय सहायता समूहों ने चेतावनी दी है, कि इज़राइल द्वारा भोजन, पानी, ईंधन और बिजली की सभी आपूर्ति बंद करने और मिस्र के साथ छोटे से इलाके का रास्ता बंद करने के बाद गाजा में मरने वालों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
ये युद्ध, जो आतंकवादी संगठन हमास के क्रूर और बर्बर हमलों से शुरू हुआ था, उसकी खूनी जंग में बदलने की पूरी आशंका थी। युद्ध में अभी तक करीब 3 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। वहीं, सवाल पूछे जा रहे हैं, कि इजराइल की कड़ी प्रतिक्रिया की सौ फीसदी संभावना होने के बावजूद हमास ने इतना क्रूर आक्रमण क्यों किया?
इजरायली सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल रिचर्ड हेचट ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, कि सेनाएं "यदि फैसला लिया गया, तो जमीनी युद्धाभ्यास की तैयारी कर रही हैं।" लेकिन राजनीतिक नेताओं ने अभी तक इसका आदेश नहीं दिया है।
वहीं, आशंका है, कि 41 किलोमीटर इलाके में फैले गाजा पट्टी में, जहां करीब 21 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं, वहां अगर इजराइल ने जमीनी ऑपरेशन शुरू किया, तो भारी संख्या में आम नागरिक और इजराइली सैनिक मारे जाएंगे। क्योंकि, हमास ने कहा है, कि उसने गाजा पट्टी में ऐसी तैयारियां कर रखी हैं, जिसका अंदाजा भी इजराइल को नहीं होगा।
वहीं, हमास ने जिन 150 से ज्यादा इजराइली लोगों को बंधक बनाकर रखा है, माना जा रहा है, कि उन्हें शरणार्थी कैंपों में छिपाकर रखा गया है, लिहाजा ये लड़ाई शरणार्थी कैंपों तक भी पहुंचने की संभावना है।

गाजा के कैसे हैं हालात?
गाजा पट्टी में इजराइली हवाई हमलों से भाग रहे फ़िलिस्तीनियों को अपना सामान लेकर सड़कों पर भागते और सुरक्षित स्थान की तलाश करते देखा जा सकता है। हजारों लोग संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित स्कूलों में जमा हो गए हैं, जबकि अन्य लोग रिश्तेदारों या यहां तक कि अजनबियों के साथ रह रहे हैं, जिन्होंने उन्हें अंदर जाने दिया।
बेकरी और किराने की दुकानों के बाहर लंबी लंबी कतारें देखी जा रही हैं, क्योंकि लोग अलमारियां खाली होने से पहले भोजन का स्टॉक करने की कोशिश कर रहे थे। बुधवार को, गाजा के एकमात्र बिजली स्टेशन में ईंधन ख़त्म हो गया और वह बंद हो गया है, जिससे केवल निजी जनरेटरों द्वारा संचालित लाइटें ही बची रह गईं।
रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी कि बिजली की कमी अस्पतालों को पंगु बना सकती है।
आईसीआरसी के क्षेत्रीय निदेशक फैब्रीज़ियो कार्बोनी ने कहा, कि "जैसे ही गाजा की ऊर्जा खत्म हो जाएगी, अस्पतालों की शक्ति ख़त्म हो जाएगा, जिससे इनक्यूबेटरों में नवजात शिशुओं और ऑक्सीजन पर रहने वाले बुजुर्ग मरीज़ों की जान को गंभीर ख़तरा हो जाएगा। बिजली बंद होते ही किडनी डायलिसिस बंद हो जाएगा, आईसीयू के मरीज खतरे में आ जाएंगे और तमाम जाचें बंद हो जाएंगी।"
उन्होंने कहा, कि "बिजली के बिना, अस्पतालों के मुर्दाघर में तब्दील होने का ख़तरा है।"
जबकि, इज़रायल के ऊर्जा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने कहा, कि जब तक इजराइली बंदियों को रिहा नहीं किया जाता, गाजा में किसी भी चीज़ की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने ट्वीट किया, कि "जब तक इजरायली बंधकों की घर वापसी नहीं हो जाती, तब तक एक भी बिजली का स्विच चालू नहीं किया जाएगा, एक भी नल चालू नहीं किया जाएगा और एक भी ईंधन ट्रक गाजा में प्रवेश नहीं करेगा।"
हमास के आतंकवादियों ने शनिवार को सीमा बाड़ पर हमला करने और सैकड़ों इजरायलियों को उनके घरों, सड़कों पर और एक बाहरी संगीत समारोह में नरसंहार करने के बाद, इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उस समूह को "कुचलने और नष्ट करने" की कसम खाई।
आपको बता दें, कि गाजा पट्टी पर साल 2007 के बाद से हमास का नियंत्रण है, जो शांति समझौतों और इजराइल के साथ किसी भी तरह की बातचीत को खारिज कर देता है। वहीं, गाजा पट्टी में हमास को काफी समर्थन भी है, इसलीए गाजा पट्टी में सैकड़ों सुरंगे हैं, जहां से हमास अपने ऑपरेशंस को अंजाम देता है।
नेतन्याहू ने बुधवार देर रात एक टेलीविजन संबोधन में कहा, "हमास का हर सदस्य एक मृत व्यक्ति है।"
आपको बता दें, कि गाजा पट्टी के साथ चार-चार लड़ाइयां लड़ने वाली इजराइल सरकार के ऊपर हमास आतंकियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने का गंभीर दबाव है। वहीं, इजराइल को अंतर्राष्ट्रीय समर्थन भी हासिल है, लिहाजा इजराइली सरकार हमास को जड़ से उखाड़ने के लिए ऑपरेशन चला रही है।
इज़राइल ने 360,000 रिजर्व सैनिकों को इकट्ठा किया है और गाजा के पास अतिरिक्त फोर्स को तैनात किया है, वहीं दुनिया के अलग अलग हिस्सों में रहने वाले इजराइली भी देश की सेवा के लिए पहुंच रहे हैं।

गाजा को नहीं मिल रही है बाहरी मदद
मिस्र अपने राफा क्रॉसिंग पॉइंट के माध्यम से सहायता और ईंधन की डिलीवरी की अनुमति देने के लिए इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ गहन बातचीत में लगा हुआ है, जो इस सप्ताह के शुरू में हवाई हमले के बाद बंद है।
लेकिन इजराइल ने गाजा से बाहर ह्युमन कॉरिडोर स्थापित करने के प्रस्तावों का विरोध करते हुए कहा है, कि फिलिस्तीनियों के पलायन से एक दिन एक स्वतंत्र राज्य की स्थापना की उनकी उम्मीदों पर गंभीर परिणाम होंगे। वहीं, इजिप्ट को डर है, कि युद्ध की वजह से हजारों शरणार्थी देश में दाखिल हो सकते हैं, लिहाजा उसने भी अपने बॉर्डर को ब्लॉक करके रखा हुआ है।
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है, कि गाजा में मरने वालों की संख्या गुरुवार सुबह बढ़कर 1,200 हो गई, जिसमें कम से कम 326 बच्चे और 171 महिलाएं शामिल हैं। गाजा पट्टी के सबसे बड़े अस्पताल के सर्जन घासन अबू सिट्टा ने कहा, कि उनके पास 50 मरीज ऑपरेटिंग रूम में जाने के लिए इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "हम पहले से ही सिस्टम की कमी से परेशान हैं और एक हफ्ते के अंदर स्वास्थ्य प्रणाली ध्वस्त हो जाएगा। सिर्फ डीजल ही नहीं, बल्कि सभी आपूर्तियां कम हो रही हैं।"
दूसरी तरफ, इज़राइल में हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने के बाद सदमा, शोक और हमास के खिलाफ प्रतिशोध की मांग जोरों पर है।
हमास के आतंकवादियों ने इजराइल में सैकड़ों लोगों को प्वाइंट ब्लैंक से गोली मारकर हत्या कर दी है। 40 से ज्यादा बच्चों के गर्दन काटकर हत्या किए जाने की रिपोर्ट की भी पुष्टि हो गई है। हमास के आतंकियों ने लोगों को जिंदा जलाए हैं, महिलाओं और लड़कियों से बलात्कार किए हैं और सैनिकों के सिर भी काटे हैं, लिहाजा इजराइल में इतना गुस्सा है, कि अब उन्हें हमास के समूल नाश के अलावा कुछ और मंजूर नहीं है।
इज़रायली सेना ने कहा कि इज़रायल में 222 सैनिकों सहित 1,300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, मिस्र और सीरिया के साथ 1973 के हफ्तों तक चले युद्ध के बाद से इतनी बड़ी मौतों की संख्या कभी नहीं देखी गई। जबकि, इज़राइल का कहना है कि इज़राइल के अंदर लगभग 1,500 हमास आतंकवादी मारे गए, और गाजा के अंदर मारे गए सैकड़ों लोग हमास के सदस्य हैं।












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