गज़ा: 13 हज़ार घायलों की मदद के लिए जूझ रहे हैं स्वास्थ्यकर्मी
अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस समिति ने कहा है कि उसके स्वास्थ्य कर्मचारी गज़ा में तक़रीबन 13,000 घायलों की मदद करने के लिए जूझ रहे हैं.
रेडक्रॉस के मध्यपूर्व प्रमुख रॉबर्ट मार्डिनी ने कहा कि गज़ा में हालात अभूतपूर्व रूप से गंभीर हैं. उन्होंने कहा कि घायलों में ज़्यादातर लोगों को गंभीर चोटें आई हैं. इनमें से बहुतों को कई बार गोली लगी है.
रेडक्रॉस समिति के इस बयान से पहले सोमवार को गज़ा पट्टी और इसराइल की सीमा पर एक फ़लस्तीनी नागरिक की मौत हो गई थी.
फ़लस्तीनी सूत्रों का कहना है कि उन्हें गोली मारी गई थी जबकि इसराइल के मुताबिक़ सुरक्षा घेरे को नष्ट करने की कोशिश के दौरान हुए एक विस्फोट में उनकी मौत हो गई.
इससे पहले इसराइली सुरक्षाबलों ने गज़ा में नौ ठिकानों को निशाना बनाया था. इसराइल का कहना था कि फ़लस्तीनी नागरिक इसराइल के इलाके में आग लगाने के इरादे से ज्वलनशील पतंगें और गुब्बारे उड़ा रहे हैं और इसके जवाब उन्होंने में गोलियां चलाई हैं.
गज़ा और फ़लस्तीन की सीमा पर पिछले एक महीने से ज़्यादा वक़्त से तनाव और संघर्ष की स्थिति है. हज़ारों की संख्या में फ़लस्तीनी इसराइल से सटी सीमा पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. लगातार चल रहे इन प्रदर्शनों के दौरान इसराइली सुरक्षाबलों की तरफ़ से हुई कई बार गोलियां चलाई गई हैं.
इसराइल फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास पर उसके इलाके में हमला करने के लिए इन विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का आरोप लगाता रहा है.
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दो हफ़्ते पहले घायलों की मदद कर रही 21 वर्षीय फ़लस्तीनी नर्स, रज़ान अल-नजर की इसराइली सुरक्षाबलों की गोलीबारी में मौत हो गई थी और इस पर काफी विवाद हुआ था.
उस वक़्त मध्य पूर्व में संयुक्त राष्ट्र के दूत निकोलाइ म्लादेनोव ने भी रज़ान की मौत पर शोक जताया था. उन्होंने ट्वीट करके कहा कि उनकी संवेदनाएं और दुआएं फ़लस्तीनियों के साथ हैं. म्लादेनोव ने इसराइली सुरक्षाबलों और हमास दोनों को संयम बरतने की नसीहत भी थी.
पिछले महीने ही संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार कार्यकर्ताओँ ने इसराइल पर असंगत रूप से सैन्य कार्रवाई का आरोप लगाया था.
दूसरी तरफ अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फ़लस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए लाए गए एक प्रस्ताव को वीटो कर दिया था.
इस प्रस्ताव में इसराइल द्वारा अनुचित तरीके से की गई सैन्य कार्रवाई और गज़ा की ओर से इसराइली नागरिक इलाकों पर रॉकेट से हमला किए जाने की निंदा की गई थी.
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