Russia Coup: पुतिन के खिलाफ खड़े हुए रूस के महान शतरंज खिलाड़ी गैरी कास्पारोव, कहा, ये देश नहीं, माफिया राज है
Russia Coup: रूस में सैन्य तख्तापलट का खतरा मंडरा रहा है और प्राइवेट आर्मी वैगनर ग्रुप के मुखिया येवगेनी प्रिगोजिन ने अपने सैनिकों को देश के सैन्य नेतृत्व के खिलाफ उतार दिया है। येवगेनी प्रिगोजिन ने खुले शब्दों में चेतावनी दी है, कि अगर उनके रास्ते में कोई भी आएगा, तो उसे तबाह कर दिया जाएगा। उन्होंने अपने साथ भारी संख्या में रूसी सैनिकों के होने का दावा किया है।
तख्तापलट को रोकने के लिए रूस ने अपने सैनिकों को टैंकों के साथ राजधानी मॉस्को की सड़कों पर उतार दिया है और दर्जनों टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों को मॉस्कों की सड़कों पर लगातार पेट्रोलिंग करते हुए देखा जा रहा है। वेगनर ग्रुप के सैनिक यूक्रेन होते हुए रूस में दाखिल हुए हैं और दावा किया है, कि आदेश के बाद भी रूसी सैनिकों ने उनसे लड़ने से इनकार कर दिया है और वो बहुत जल्द मॉस्को पहुंच जाएंगे।

रूसी ग्रैंडमास्टर का छलका दर्द
वहीं, रूस के महान शतरंज खिलाड़ी और ग्रैंडमास्टर गैरी कास्परोव ने कहा है, कि रूस लंबे समय से एक माफिया राज्य में बदल गया है और वर्षों पहले रूस का पतन हो गया था। उन्होंने कहा, कि "जैसा कि मैंने कहा, कोई रूसी राज्य नहीं है, कोई राजनीतिक आदेश नहीं है, कोई पॉलिटिकल कमांड नहीं है और यूक्रेन युद्ध में मिली पूर्ण विफलता ने इसे उजागर कर दिया है। अब कौन किसके आदेशों का पालन करेगा? यदि प्रिगोजिन अभी भी जीवित है और 24 घंटों में मुक्त है, तो हम एक नई स्थित में प्रवेश कर रहे हैं।"
ग्रैंडमास्टर गैरी कास्परोव ने कहा, कि रूस एक माफिया मोर्चा है, जिसके गुट पैसे, संसाधनों और सत्ता के लिए एक-दूसरे से लड़ रहे हैं और मौजूदा स्थिति स्पष्ट संकेत है, कि पुतिन गुटों के बीच चल रहे अंदरूनी कलह को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं हैं।
गैरी कास्परोव ने एक लंबे ट्विटर थ्रेड में कहा, पुतिन या कोई और, स्थिति शायद ही बदलने वाली है और देश को "खतरों और अस्थिरता" का सामना करना पड़ेगा।
गैरी कास्परोव ने कहा, कि "जैसे-जैसे यूक्रेनी युद्धक्षेत्र में सफलताएं बढ़ रही हैं, रूस में चाकू लंबे और तेज होते जा रहे हैं। हार हमेशा अनाथ होती है... बलि का बकरा ढूंढ लिया जाएगा और उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। लेकिन अंततः जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।"
रूस में आखिर हो क्या रहा है?
बेहद आसान शब्दों में समझें, तो प्राइवेट आर्मी संगठन, जिसे वैगनर ग्रुप कहा जाता है, उसे रूस ने यूक्रेन में युद्ध लड़ने के लिए किराए पर लिया था। इस संगठन के प्रमुख का नाम है येवगेनी प्रिगोजिन, जो कुछ महीने पहले तक रूसी राष्ट्रपति के काफी करीबी हुआ करते थे, लेकिन अब येवगेनी प्रिगोझिन ने ही पुतिन के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है और उनका मकसद रूस की सत्ता पर कब्जा करना है।
येवगेनी प्रिगोजिन पिछले कई महीनों से हथियारों की कमी और अपने सैनिकों पर जानलेवा हमले के आरोप लगा रहे हैं। लेकिन, अब उन्होंने अपनी बंदूकों का मुंह रूस की तरफ कर दिया है, जो रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से पुतिन के सामने सबसे गंभीर चुनौती लगती है।
येवगेनी प्रिगोजिन को पुतिन के विश्वासपात्र के रूप में जाना जाता था, क्योंकि प्रिगोजिन और पुतिन बहुत पुराने दोस्त रहे हैं। दोनों का जन्म भी लेनिनग्राद में हुआ था। येवगेनी प्रिगोजिन को पुतिन के शेफ के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि उनके स्वामित्व वाले रेस्तरां क्रेमलिन के लिए वो सेवा प्रदान करते हैं।
रूस की सुरक्षा सेवाओं ने येवगेनी प्रोगोज़िन के तख्तापलट के आह्वान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है और फौरन उनकी गिरफ्तारी की मांग की है, जबकि मॉस्को और रोस्तोव-ऑन-डॉन में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
प्रिगोजिन ने दावा किया है, कि उनकी सेनाएं यूक्रेन से रूस में घुस गईं और रोस्तोव तक पहुंच गईं। उन्होंने कहा, "जो कोई भी हमारे रास्ते में आएगा, हम उसे नष्ट कर देंगे।" प्रिगोजिन ने अपने लोगों के इस सशस्त्र मार्च को सैन्य तख्तापलट मानने से इनकार कर दिया है और इसने मार्च को 'न्याय का मार्च' कहा है।
वहीं, रूस की राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी समिति, जो संघीय सुरक्षा सेवाओं या एफएसबी का हिस्सा है, उसने उन पर सशस्त्र विद्रोह का आह्वान करने का आरोप लगाया, जिसके लिए 20 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।












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