France Election: इमैनुएल मैक्रों दोबारा बनेंगे राष्ट्रपति या मरीन ले पेन को मिलेगा मौका? आज चुनाव

फ्रांस में वोटिंग को लेकर मतदाताओं के एक बड़े वर्ग में काफी असमंजस हैं और वो आखिरी वक्त तक अपने मनपसंद उम्मीदवार को लेकर आखिरी फैसला नहीं कर पाये हैं।

पेरिस, अप्रैल 10: फ्रांस में आज राष्ट्रपति चुनाव के लिए पहले दौर की वोटिंग की जा रही है और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की तकदीर का आज फैसला किया जाएगा। आज के वोटिंग में ही बहुत हद तक साफ हो जाएगा, कि मैंक्रों फिर से राष्ट्रपति बनेंगे या फिर दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को फ्रांस का अगला राष्ट्रपति चुना जाएगा। फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच काफी कड़ी टक्कर है और किसी भी एक नेता की जीत की एकतरफा घोषणा नहीं की जा सकती है।

मैक्रों और मरीन ले पेन में मुख्य मुकाबला

मैक्रों और मरीन ले पेन में मुख्य मुकाबला

फ्रांस में इस बार के चुनावी प्रचार में ही दिखने लगा था, कि इमैनुएल मैक्रों और उनकी दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी मरीन ले पेन के बीच काफी कड़ा मुकाबला है और वामपंथी उम्मीदवार मेलेनचॉन के तीसरे नंबर पर रहने की उम्मीद है। फ्रांस के करीब 4 करोड़ 90 लाख मतदादाओं को 12 प्रत्याशियों में तय करना है, कि देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा। हालांकि, यूक्रेन युद्ध की वजह से इस बार राष्ट्रपति मैक्रों को चुनाव प्रचार में भाग लेने का मौका काफी कम मिला और उन्होंने काफी कम प्रचार किया है। वहीं, ऊर्जा बिल और देश में बढ़ती महंगाई मुख्य चुनावी मुद्दे हैं।

मैक्रों ने बदल दिया था चुनाव

मैक्रों ने बदल दिया था चुनाव

फ्रांस के राष्ट्रपति ने साल 2017 में पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए अपनी नई पार्टी बनाकर चुनावी मैदान उतरे थे, लेकिन देश की दो धुरंधर बड़ी पार्टियों को पीछा छोड़ते हुए उन्होंने चुनाव जीत लिया था। देश की दोनों बड़ी पार्टियों को अभी भी यकीन नहीं है, कि वो इतनी आसानी से चुनाव हार गये थे, लिहाजा इस बार दोनों पार्टियां एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं।

किन-किन उम्मीदवारों में मुकाबला

किन-किन उम्मीदवारों में मुकाबला

सोसलिस्ट पार्टी की उम्मीदवार ऐनी हिडाल्गो लोगों के बीच अपनी पकड़ बनाने के लिए काफी संघर्ष करती नजर आईं हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी की वैलेरी पेक्रेस भी उम्मीदवारों को अपने पक्ष में मोड़ने में असफल नजर आए हैं। लिहाजा, मुख्य मुकाबला 44 साल के इमैनुएल मैक्रों और दक्षिणपंथी पार्टी की मरीन ले पेन के बीच होने की उम्मीद है। हालांकि, वामपंथी उम्मीदार जीन-ल्यूक मेलेनचॉन भी दावेदारी ठोक रहे हैं। लेकिन, विश्लेषकों का कहना है कि, जीन-ल्यूक मेलेनचॉन तीसरे नंबर पर रहेंगे।

वोटरों में असमंजस

वोटरों में असमंजस

फ्रांस में वोटिंग को लेकर मतदाताओं के एक बड़े वर्ग में काफी असमंजस हैं और वो आखिरी वक्त तक अपने मनपसंद उम्मीदवार को लेकर आखिरी फैसला नहीं कर पाये थे। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 37 प्रतिशत मतदादाओं में असमंजस का माहौल था। कोविड महामारी ने फ्रांस को बुरी तरह से प्रभावित किया है और यूक्रेन युद्ध ने भी फ्रांस की राजनीति को कुछ हद तक प्रभावित किया है। हालांक, यूक्रेन युद्ध वोट डालते समय मतदाताओं को कितना प्रभावित करेगा, ये तय करना अनिश्चित है। हालांकि, फ्रांस के आदिवासी इलाकों में अभी तक बारी बारी से वामपंथी या दक्षिणपंथी उम्मीदवारों को वोट डालने की परंपरा रही है, लेकिन पिछली बार ये परंपरा टूट गई थी और बड़ी आबादी ने मैक्रों को वोट किया था।

दक्षिणपंथी पार्टी की ताकत

दक्षिणपंथी पार्टी की ताकत

फ्रांस में दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली की उम्मीदवार मरीन ले पेन ने इस बार काफी मेहनत की है और पिछली बार जो वोटर पार्टी से छिटक गये थे, उन्हें वापस अपनी तरफ जोड़ने के लिए आक्रामक बयानबाजी भी कर रही हैं। उन्होंने चुनाव में जीत हासिल करने पर हिजाब पहनने पर पाबंदी लगाने का भी वादा किया है। लिहाजा, अब आदिवासी क्षेत्र में 53 साल की मरीन ले पेन को वोट मिलेगा या वामपंथी नेता 70 वर्षीय जीन-ल्यूक मेलेनचॉन को, देखना दिलचस्प रहेगा। हालांक, सोशलिस्ट पार्टी का एक बड़ा वोटर वर्ग राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर अब दक्षिणपंथी पार्टी के साथ जुड़ गया है और यही वजह है, कि मरीन ले पेन ने पिछले साल के मुकाबले जबरदस्त वापसी की है।

क्या कहता है ओपिनियन पोल?

क्या कहता है ओपिनियन पोल?

फ्रांस में करवाए गये लेटेस्ट ओपिनियन पोल में मौजूदा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों हालांकि अपनी प्रतिद्वंदी से थोड़े आगे हैं, लेकिन मरीन ले पेन काफी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। ताजा ओपिनयन पोल में पता चला है कि, इमैनुएल मैक्रों 54 प्रतिशत वोटों के साथ आगे हैं, तो मरीन ले पेन को भी 46 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। यानि, मरीन ले पेन और मैक्रों के बीच का फासला ज्यादा नहीं है।

24 अप्रैल को वोटों की गिनती

24 अप्रैल को वोटों की गिनती

फ्रांस में वोटों की गिनती 24 अप्रैल को होगी और इन सबके बीच वामपंथी उम्मीदवार मेलेनचॉन, जो काफी आक्रामक बयान देने के लिए जाने जाते हैं, वो भी तेजी से आगे बढ़ने का दावा कर रहे हैं और अपनी जीत की संभावना का दावा कर रहे हैं। फ्रांस में पिछले कुछ महीनों में मुद्दे काफी बदले हैं और कोविड-19 संकट के दौरान अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर सरकार को विरोधी कटघरे में खड़ा रहे हैं, वहीं यूक्रेन युद्ध का भी असर फ्रांस के चुनाव पर पड़ने की संभावना है, लिहाजा मैंक्रो यूक्रेन संकट पर सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+