फ्रांस में ‘इस्लामिक कट्टरता’ के खिलाफ ‘एंटी मुस्लिम’ बिल कल होगा पेश, हर मुस्लिम माना जाएगा संदिग्ध!
कुछ सालों से लगातार आतंकवाद का शिकार बने फ्रांस के संसद में मंगलवार को विवादित आतंकवाद विरोधी बिल पेश किया जाएगा।
पेरिस: पिछले कुछ सालों से लगातार आतंकवाद का शिकार बने फ्रांस के संसद में मंगलवार को विवादित आतंकवाद विरोधी बिल पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि फ्रांसीसी संसद के दोनों सदनों में बेहद आसानी से ये बिल पास कर हो जाएगा, जिसके बाद विवादित बिल कानून का शक्ल ले लेगा। लेकिन, फ्रांस की मुस्लिम आबादी इस बिल का विरोध कर रही है। विरोधियों का कहना है कि इस कानून के आने के बाद मुस्लिमों की धार्मिक आजादी छिन जाएगी और हर मुस्लिम शक की निगाहों से देखा जाएगा।
आतंकवाद के खिलाफ कानून
दरअसल, फ्रांस में पिछले कुछ सालों में कई बड़े आतंकी हमले हो चुके हैं। जिनमें कई बेगुनाहों को निशाना बनाया गया है। जिसके बाद फ्रांस सरकार ने इस्लामिक कट्टरता के खिलाफ कानून बनाने का फैसला किया गया है। कल फ्रांस में विवादित बिल को पेश किया जाएगा, जिसके पास होने की संभावना है। फ्रांस सरकार का कहना है कि कानून का मकसद किसी की धार्मिक आजादी को छीनना नहीं है बल्कि धार्मिक कट्टरता पर नियंत्रण करना है। इस कानून के आने के बाद फ्रांस के मौलवी, किसी विदेशी मौलवी के प्रभाव में नहीं आ सकेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति ने इस बिल को लेकर कुछ दिन पहले कहा था कि इस बिल का मकसद फ्रांस की गणतांत्रिक व्यवस्था और फ्रांस की आदर्शों को सुरक्षित रखना है। इस बिल के तहत फ्रांस में रहने वाले इमामों को ट्रेनिंग के बाद सर्टिफिकेट दिया जाएगा उसके बाद ही वो धार्मिक प्रैक्टिस कर सकते हैं।
बिल के खिलाफ प्रदर्शन
फ्रांस सरकार ये बिल मंगलवार को पेश करने वाली है, लेकिन उससे पहले फ्रांस की राजधानी पेरिस में बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। बिल के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना है कि किसी एक शख्स के अपराध के खिलाफ पूरी कम्यूनिटी को बदनाम नहीं किया जा सकता है और अगर फ्रांस में विवादित बिल कानून बन जाता है तो फ्रांस के मुसलमानों को संदिग्ध नजरों से देखा जाएगा। बिल के विरोधियों का कहना है कि फ्रांस में पहले से ही आतंकवाद के खिलाफ कानून बना हुआ है, लिहाजा इस बिल की कोई जरूरत नहीं है और अल्पसंख्यक मुस्लिमों को शक की निगाहों से नहीं देखा जा सकता है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अगले साल देश में होने वाले चुनाव के मद्देनजर फ्रांस में वोटों का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं, लिहाजा इस विवादित बिल को कानून बनाया जा रहा है।

आपको बता दें कि फ्रांस सरकार के विवादित बिल का विरोध कई मुस्लिम देश कर चुके हैं। वहीं, फ्रांस में पिछले कुछ महीनों में कई आतंकवादी वारदातों को अंजाम दिया गया है और फ्रांस सरकार का मानना है कि फ्रांस में रहने वाले मौलवी विदेशी मौलवियों के प्रभाव में आकर धार्मिक कट्टरता को काफी बढ़ा रहे हैं लिहाजा मौलवी को ट्रेनिंग देने की जरूरत है।












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