NATO में भारत की एंट्री कराने की हो रही तैयारी, रूस के विदेश मंत्री ने बताया अमेरिका का प्लान
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि यूक्रेन की तरह NATO और पश्चिमी देश साउथ चाइना सी के बहाने चीन के पास माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे रूस को भी खतरा है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने गुरुवार को NATO पर आरोप लगाया है कि वो भारत को रूस और चीन विरोधी गुट में घसीट रहा है। रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि रूस के प्रभाव को कम करने के लिए NATO और पश्चिमी देश भारत का इस्तेमाल करना चाहते हैं। लावरोव ने यह भी कहा कि भारत को NATO में शामिल कर पश्चिमी देश चीन से तनाव बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन इनका असली उद्देश्य रूस से भारत को अलग करना है। असल में वे रूस के लिए खतरा पैदा करना चाहते हैं।

चीन से टकराव लेकर आग से खेल रहा NATO
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि यूक्रेन की तरह NATO और पश्चिमी देश साउथ चाइना सी के बहाने चीन के पास माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे रूस को भी खतरा है। यह इलाका रूसी तटों के करीब है। उन्होंने यह भी कहा कि साउथ चाइना सी और ताइवान में टेंशन बढ़ाकर NATO आग से खेल रहा है। उन्होंने कहा कि NATO ने यूक्रेन में भी यही किया था। NATO दक्षिण चीन सागर में तनाव बढ़ाने में लगा है, ताकि रूस की घेराबंदी व मुश्किलें बढ़ सके।

NATO की वजह से बढ़ रहे सैन्य सहयोग
सर्गेई लावरोव ने यह भी कहा कि चीन उकसावे की इन हरकतों को गंभीरता से लेता है। उन्होंने कहा कि रूस और चीन के बीच सैन्य सहयोग बढ़ने की एक वजह साउथ चाइना सी में लगातार खराब हो रहे हालात भी हैं। उन्होंने बिना नाम लिए AUKUS संगठन को भी निशाना बनाया जिसमें अमेरिका के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन भी हैं। AUKUS इंडो-पैसिफिक रीजन को लेकर एक सुरक्षा समझौता है। जिसके बनने पर चीन भी नाराजगी जता चुका है।

क्राइम ट्रिब्यूनल बनाने के प्रस्ताव की आलोचना की
रूस ने यूरोपीयन यूनियन के उस प्रस्ताव की भी आलोचना की है जिसमें एक वॉर क्राइम ट्रिब्यूनल बनाने की बात कही गई है। सर्गेई लावरोव ने कहा कि यूक्रेन युद्ध को लेकर बनाया गया ऐसा कोई भी ट्रिब्यूनल रूस को स्वीकार्य नहीं होगा। इससे पहले यूरोपीयन यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला लेयेन ने बुधवार को कहा था कि यूनाईटेड नेशन की अध्यक्षता में यूरोपीयन यूनियन एक स्पेशल कोर्ट सेटअप करेगा जिसमें यूक्रेन युद्ध के अपराधों की जांच की जाएगी।

प्राइस कैप का भी लावरोव ने किया विरोध
इसके साथ ही रूस के तेल निर्यात पर प्रस्तावित प्राइस कैप का भी लावरोव ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि हमें इसका कोई डर नहीं है। इस बारे में हम भारत और चीन जैसे सहयोगियों से बात करेंगे। कोई तीसरा पक्ष सजा देने के लिए यह तय नहीं कर सकता। बतादें कि रूस यूक्रेन के युद्ध के 9 महीने पूरे हो चुके हैं। अब तक इस जंग में 13 हजार से अधिक यूक्रेनी सैनिकों की मौत हो गई है। यूक्रेन के अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के सलाहकार, मायखाइलो पोडोलीक ने इस बात की जानकारी दी है।












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