रूसी सैनिकों की पत्नियों का प्रदर्शन, यूक्रेन में जंग लड़ रहे पतियों की वापसी की मांग, 20 गिरफ्तार
रूस-यूक्रेन युद्ध के इस महीने 2 साल पूरे होने वाले हैं। इससे पहले रूस में सैनिकों की पत्नियां और उनके परिजन प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि जंग लड़ रहे सैनिकों को यूक्रेन से वापस बुलाया जाए।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 20 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें ज्यादातर पत्रकार हैं। इसमें से एक रॉयटर्स का रिपोर्टर और एएफपी का वीडियो जर्नलिस्ट भी शामिल था। हिरासत में लिए गए लोगों में कई विदेशी पत्रकार भी शामिल हैं। ये प्रदर्शन राष्ट्रपति पुतिन के चुनाव मुख्यालय के बाहर किया गया।

ये प्रदर्शन 3 जनवरी की सुबह शुरू हुआ था। रूस-यूक्रेन जंग के 500वें दिन पूरे होने पर सैनिकों के परिजन रूसी राष्ट्रपति भवन- क्रेमलिन के बाहर सैनिकों की याद में बनाए गए स्मारक- टूम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर पर जमा हुए थे। उन्होंने मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और यूक्रेन में मौजूद सैनिकों को वापस बुलाए जाने के लिए प्रदर्शन किया।
शनिवार का प्रदर्शन एक अभियान समूह द वे होम ग्रुप के कहने पर शुरू हुआ। इस ग्रुप ने टेलीग्राम चैनल पर रूस भर में सैनिकों की पत्नियों, बहनों, माताओं से सैनिकों की वापसी के लिए आवाज उठाने की अपील की। एक लोकप्रिय रूसी टेलीग्राम समाचार चैनल का अनुमान है कि लगभग 200 लोग आये थे।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक एक सैनिक की पत्नी ने स्वतंत्र रूसी समाचार आउटलेट से कहा कि वे चाहती हैं कि उनका पति जिंदा रहे। वो अपने पति की मौत के बदले सरकार से कोई मुआवजा नहीं चाहती। वो बस चाहती हैं कि उनका पति लौट आए।
रूस में राजनीतिक गिरफ़्तारियों पर नज़र रखने वाली एक स्वतंत्र वेबसाइट OVD-Info के अनुसार, पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के दौरान 27 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें ज़्यादातर पत्रकार थे। इन सभी को पुलिस वैन में डालकर कितेय-गोराड स्टेशन ले जाया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिरासत में लिए गए विदेशी पत्रकारों में फ्रांस प्रेस, स्पीगल और मानवाधिकार कार्यकर्ता शामिल हैं। साथ ही जापानी टेलीविजन कंपनी फ्यूजी के प्रतिनिधि आंद्रेई जाइको भी शामिल हैं। कई प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया गया है और कई अभी भी पुलिस की हिरासत में हैं।












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