फुटबॉल डिप्लोमेसी: ईरान के लोगों के लिए बेंजामिन नेतन्याहू का मैसेज, देखिए वीडियो

नई दिल्ली। दुनिया को फीफा वर्ल्ड कप का फीवर चढ़ा हुआ है और मौका देखते ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ एक कूटनीति दांव खेल दिया। नेतन्याहू ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे ईरान के लोगों की प्रशंसा की है। नेतन्याहू ने अपनी कूटनीतिक बात को पुर्तगाल और ईरान खिलाफ हुए फुटबॉल मैच से जोड़ते हुए शुरू की। उन्होंने कहा कि ईरान की टीम ने जो हिम्मत मैदान में दिखाई है, ऐसा ही कुछ साहस लोगों ने सड़कों पर भी दिखाया है। बता दें कि ईरान के हजारों युवा इन दिनों अपनी सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

फुटबॉल डिप्लोमेसी: ईरान के लोगों के लिए नेतन्याहू का मैसेज

फुटबॉल को कैच करते हुए बेंजामिन ने कहा, 'क्या आप अंदाजा लगा सकते है कि रोनाल्डो को गोल करने से रोकना कितना मुश्किल है। मैं भी फुटबॉल खेलता हूं। मैं आपको बता दूं कि यह लगभग असंभव (रोनाल्डो को गोल करने से रोकना) है। लेकिन, ईरान की टीम ने इस असंभव को भी कर दिखाया।' नेतन्याहू करीब 20 सेकेंड तक फुटबॉल की बात करने के बाद अपने जरूरी और राजनीतिक मुद्दों पर आए।

उन्होंने कहा, 'आपने मैदान में साहस दिखाया और आज आपने वो ही साहस ईरान की सड़कों पर भी दिखाया। ईरान की बहुत समस्याएं हैं- पर्यावरण प्रदूषण, पानी की किल्लत, आतंकवाद पर खरबों रुपये खर्च। क्या आपको अंदाजा है कि अगर ईरान की सरकार आपका पैसा सीरिया, यमन और मिडिल ईस्ट में बेमतलब की लड़ाई में खर्च ना करे तो क्या होगा? क्या ईरान में इन समस्याओं से निपटने के लिए खर्च होगा? इन सभी समस्याओं का हल ईरान के लोग ही है। इसलिए मैंने ईरान में आए भयानक भुकंप के बाद ईरानियों की जिंदगी बचाने के लिए मेडिकल मदद भेजी थी। इसलिए मैंने ईरानी किसानों से बात करने के लिए फारसी टेलीग्राम की शुरुआत की, जिससे कि जल संरक्षण मुद्दे पर चर्चा हो सके। और इस वजह से मैं ईरान के लोगों के लिए शांति की वकालक करना कभी खत्म नहीं करूंगा। मुझे आशा कि एक दिन ईरान की टीम का सामना इजरायल के फुटबॉल टीम से एक मुक्त तेहरान में होगा। और उस दिन हम सब जीत जाएंगे।'

गौरतलब है कि सोमवार से राजधानी तेहरान और ईरान के कई हिस्सों में सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। ईरान की सड़कों पर देश के युवा 'फिलिस्तीन की मौत', 'गाजा नहीं', 'लेबनान नहीं', 'सीरिया छोड़ो और हमारे बारे में सोचों' जैसे नारे लगा रहे हैं। बता दें कि ईरान सरकार विरोधी रैलियों में 'हम अयातुल्ला नहीं चाहते, और 'तानाशाह की मौत' जैसे भी नारे लगे हैं।

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