प्लाइंग कार ने पास किया हर टेस्ट, चलाने के लिए चाहिए खास लाइसेंस, देखिए कार कैसे बन जाती है एयरक्राफ्ट?
फ्लाइंग कार को कई तरह की विशेष क्षमताओं से लैस किया गया है और इसकी रफ्तार अधिकतम 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की हो सकती है।
नई दिल्ली, जनवरी 28: दुनिया में टेक्नोलॉजी का लगातार विस्तार होता जा रहा है और अब उड़ने वाली कार भी बाजार में आ गई है। लेकिन, हर कोई इस उड़ने वाली कार को नहीं चला सकता है और ना ही हर किसी को उड़ने वाली कार को चलाने के लिए लाइसेंस मिल सकता है। बल्कि, फ्लाइंग कार चलाने के लिए खास तरह का हूनरमंद होना जरूरी है।

यूरोप में उड़ने वाली कार
यूरोप के स्लोवाकिया में उड़ने वाली कार ने फ्लाइंग टेस्ट पास कर लिया है। इस कार को अद्भुत तरीके से डिजाइन किया गया है और ये कार काफी कम वक्त में एक कार से एक एयरक्राफ्ट में बदल सकती है और फिर एयरक्राफ्ट से फिर से कार में बदलना भी इस कार के लिए काफी आसान है। टेस्ट के दौरान इस कार को 70 घंटों तक अलग अलग तरह के कठोर टेस्ट से गुजरना पड़ा, लेकिन आखिरकार फ्लाइंग कार हर तरह के टेस्ट में पास हो गई है।

कार को मिला आधिकारिक सर्टिफिकेट
अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन ने कार बनाने वाली कंपनी क्लेन विजन के बयान के आधार पर बताया कि फ्लाइंग कार को स्लोवाक ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी द्वारा एक आधिकारिक सर्टिफिकेट ऑफ एयरवर्थनेस से सम्मानित किया गया है। क्लेन विजन वह कंपनी है जिसने फ्लाइंग कार को विकसित किया है। क्लेन विजन के प्रवक्ता ने सीएनएन को बताया कि फ्लाइंग कार में उड़ान भरने के लिए ड्राइवर के पास पायलट लाइसेंस होना जरूरी है और इसका लाइसेंस हर किसी को ऐसे ही नहीं मिल सकता है।

फ्लाइंग कार की क्षमता
फ्लाइंग कार को कई तरह की विशेष क्षमताओं से लैस किया गया है और इसकी रफ्तार अधिकतम 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की हो सकती है। इसके साथ ही फ्लाइंग कार हवा में 8 हजार फीट यानि, धरती से करीब 2500 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है। इस कार के इंजन को विश्वविख्यात कंपनी बीएमडब्ल्यू ने बनाया है, जबकि इस हाइब्रिड कार-एयरक्राफ्ट को कार से एयरक्राफ्ट में बदलने में करीब 2 मिनट 15 सेकंड का समय लगता है। यानि, कार को एयरक्राफ्ट में बदलने में, या फिर एयरक्राफ्ट को कार में बदलने में 2 मिनट 15 सेकंड का समय लगेगा।

8 विशेषज्ञों ने तैयार किया कार
कार बनाने वाली कंपनी क्लेन विजन के सह-संस्थापक एंटोन जाजैक ने अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन को दिए गये बयान में बताया कि, आठ विशेषज्ञों की टीम ने कठिन मेहनत के बाद इस कार के डिजाइन को तैयार किया है और इस कार के गणितीय मॉडल को विकसित करने के लिए आठों विशेषज्ञों ने करीब एक लाख घंटे से ज्यादा देर तक काम किया और फिर अंत में प्रोटोटाइप का निर्माण किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उड़ने वाली कार "किसी भी गैस स्टेशन पर बेचे जाने वाले ईंधन" पर चल सकती है। यानि, फ्लाइंग कार को उड़ान भरने के लिए खास तरह के गैस या पेट्रोल की जरूरत नहीं होगी।
लंदन से पेरिस उड़ान भरने की तैयारी
बीबीसी से बात करते हुए कार के निर्माता प्रोफेसर स्टीफन क्लेन ने कहा कि, "एयरकार को सर्टिफिकेट मिलना एक बड़ी बात है और अब प्रोफेशनल फ्लाइंग कार के बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन शुरू किया जाएगा।" वहीं, बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, प्लाइंग कार बनाने वाली कंपनी "निकट भविष्य में पेरिस से लंदन के लिए उड़ान भरने" के लिए प्लानिंग बना रही है। हाइब्रिड कार-एयरक्राफ्ट ने पिछले साल जून में नाइट्रा और ब्रातिस्लावा, स्लोवाकिया में हवाई अड्डों के बीच 35 मिनट की उड़ान पूरी की थी। लैंडिंग के बाद विमान एक कार में तब्दील हो गया था और फिर कार का ड्राइवर कार को लेकर शहर की सड़कों पर निकल गया था।












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