पहली बार किसी इस्लामिक देश में रेडियो पर शुरू हुआ हिंदी में प्रोग्राम, मोदी सरकार की डिप्लोमेसी की ताकत
Kuwait Hindi radio broadcast: मुस्लिम देशों में मोदी सरकार की डिप्लोमेसी ने एक बार फिर से अपना दम दिखाया है और कुवैत वो पहला इस्लामिक देश बन गया है, जहां रेडियो पर हिंदी में कार्यक्रम शुरू किए गये हैं।
कुवैत में भारतीय दूतावास ने सोमवार को कहा है, कि कुवैत में पहला हिंदी रेडियो प्रसारण शुरू हो गया है। कुवैत में भारतीय दूतावास ने हर रविवार को कुवैत रेडियो पर एफएम 93.3 और एएम 96.3 पर एक हिंदी कार्यक्रम शुरू करने के लिए कुवैत के सूचना मंत्रालय की सराहना की है।

कुवैत में भारतीय दूतावास ने कहा है, कि कुवैत सूचना मंत्रालय की तरफ सले उठाया गया यह कदम, दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, कुवैत में भारतीय दूतावास ने कहा, "कुवैत में पहली बार हिंदी रेडियो प्रसारण की शुरुआत! भारतीय दूतावास 21 अप्रैल 2024 से प्रत्येक रविवार (8.30-9 बजे) कुवैत रेडियो पर एफएम 93.3 और एएम 96.3 पर एक हिंदी कार्यक्रम शुरू करने के लिए @MOInformation की सराहना करता है। ये एक ऐसा कदम है, जो भारत-कुवैत संबंध को और मजबूत करेगा।"
कुवैत में भारतीय समुदाय
आपको बता दें, कि कई और खाड़ी देशों की तरह कुवैत में भी भारी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं। भारतीय दूतावास के मुताबिक, कुवैत में करीब 10 लाख भारतीय नागरिक रहते हैं, जो कुवैत में सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। और कुवैत में भारतीय समुदाय ने अपन लगभग 1 मिलियन की ताकत वाला भारतीय समुदाय कुवैत में सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है और इसे प्रवासी समुदायों के बीच पहली पसंद का समुदाय माना जाता है।
बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियर, डॉक्टर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वैज्ञानिक, सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट, मैनेजमेंट सलाहकार, आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर और तकनीशियन और नर्स कुवैत में रहते हैं। इसके अलावा भारतीय खुदरा व्यापारी और व्यवसायी भी कुवैत में रहते हैं।
कुवैत में भारतीय व्यापार समुदाय ने खुदरा और वितरण क्षेत्र में कुवैती बाजार में एक जगह बना ली है। विशेष रूप से, विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, भारत और कुवैत के बीच पारंपरिक रूप से मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जो इतिहास और समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं।
भारत कुवैत का स्वाभाविक व्यापारिक भागीदार रहा है, और 1961 तक, भारतीय करेंसी कुवैत में कानूनी तौर पर चलती थी। वर्ष 2021-22 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ भी मनाई गई।












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