यूरोपीय संसद ने रूस को 'आतंकवाद प्रायोजक देश' घोषित किया, बताई ये वजह
यूरोपीय संसद ने बुधवार को रूस को आतंकवाद के राज्य प्रायोजक के रूप में नामित करने का फैसला किया।
यूरोपीय संघ की संसद ने बुधवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए रूस को 'आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला राज्य' घोषित कर दिया है। यूरोपीय सांसदों ने रूस को आतंकवाद का प्रायोजक देश बताने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। यूरोपीय संघ के नेताओं ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे, अस्पताल, स्कूल और आश्रय जैसे नागरिक लक्ष्यों पर हमले कर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। उनका कहना है कि रूस ने जानबूझकर यूक्रेन की नागरिक आबादी पर हमले किए और अत्याचार किया है।

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क्या हैं इसके मायने?
बतादें कि यूरोपीय संसद के प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्य नहीं हैं। हालांकि, यूरोपीय संघ की मीडिया और राजनीतिक क्षेत्रों में विशिष्ट राजनीतिक पदों को बढ़ावा देने और फैलाने के लिए उनका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। विश्लेषकों के मुताबिक भी यूरोपीय संसद का यह कदम काफी हद तक प्रतीकात्मक है क्योंकि यूरोपीय संघ के पास इसका समर्थन करने के लिए कोई कानूनी ढांचा नहीं है। पश्चिमी देशों ने पहले से ही यूक्रेन पर रूसी आक्रमण को लेकर कई कठोर प्रतिबंध लगा रखे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य देशों से आग्रह किया है कि वे रूस को 'आतंकवाद का प्रायोजक देश' घोषित करें।
अमेरिका ने किया इनकार
इससे पहले यूक्रेन के रक्षा मंत्री ओलेक्सी रेजनिकोव ने कहा था कि रूसी सेना हाल के समय में नए प्रमुख की नियुक्ति के बाद से अधिक खतरनाक हो चुकी है। रूस ने नए कमांडर के आने के बाद यूक्रेन के बुनियादी ढ़ांचे पर हमला करना शुरू कर दिया है। वहीं, जेलेंस्की ने रूस की सेना पर यूक्रेन के नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जिसे मॉस्को ने नकार दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अब तक कांग्रेस के दोनों सदनों में प्रस्तावों के बावजूद रूस को 'आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देश' की लिस्ट में डालने करने से इनकार कर दिया है।












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