यूरोपीय संघ-भारत ट्रेड एंट टेक्नोलॉजी काउंसिल लांच, अमेरिका के बाद मोदी सरकार का ऐतिहासिक समझौता
यूरोपीय संध और भारत के बीच टेक्नोलॉजिकल काउंसिल स्थापित होने से भविष्य में भारत को कई क्षेत्रों में काफी ज्यादा फायदा मिलने वाला है। खासकर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत को काफी फायदा होगा।
नई दिल्ली, अप्रैल 25: कारोबार के क्षेत्र में भारत सरकार बहुत बड़ा कदम उठाया है और यूरोपीय यूनियन के साथ मिलकर यूरोपीय संघ-भारत व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद को लॉन्च किया है, जो एक ऐतिहासिक फैसला है और यूरोपीय संघ ने भारत सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोपीय संघ-भारत व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद को लॉन्च करने के फैसले का स्वागत किया है और अमेरिका के बाद ये समझौता करने वाला दूसरा देश भारत बन गया है।

भारत और यूरोपीय संघ में समझौता
27 सदस्य देशों के यूरोपीय संघ के साथ भारत से पहले सिर्फ अमेरिका ने ही ये समझौता कर रखा था और ईयू और भारत के बीच यह कदम उस वक्त उठाया गया है, जब पीएम मोदी और यूरोपीय संघ के प्रमुख ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता हुई है, जहां उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी में प्रगति की समीक्षा की और व्यापार, जलवायु, डिजिटल प्रौद्योगिकी और लोगों से लोगों के संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।

यूरोपीय संघ ने किया स्वागत
यूरोपीय संघ-भारत व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद शुरू करने के पीएम मोदी के फैसले का स्वागत करते हुए, यूरोपीय संघ के प्रमुख ने कहा, "यूरोपीय संघ के पास केवल एक व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद है और वह अमेरिका के पास है। मुझे लगता है, इसलिए, यह समय है कि जब भारत के साथ दूसरी व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद बनाना हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। और अब हमारे पास एक तकनीकी शक्ति के रूप में भारत जैसा देश है।" ईयू प्रमुख ने यह भी कहा कि 2022 ईयू-भारत संबंधों की 60वीं वर्षगांठ है। उर्सुला वॉन डेर लेयन ने कहा कि, 'मुझे लगता है कि आज यह संबंध पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। हम जीवंत लोकतंत्र हैं, बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं और हमारे बीच बहुत कुछ समान है लेकिन हम एक चुनौतीपूर्ण राजनीतिक परिदृश्य का भी सामना कर रहे हैं। इसलिए, मैं इस बैठक की सराहना करती हूं'।
काउंसिल से भारत को क्या होगा फायदा?
यूरोपीय संध और भारत के बीच टेक्नोलॉजिकल काउंसिल स्थापित होने से भविष्य में भारत को कई क्षेत्रों में काफी ज्यादा फायदा मिलने वाला है, इसीलिए सोमवार को नई दिल्ली में अपनी बैठक में पीएम मोदी यूरोपीय संघ-भारत व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद को लॉन्च करने पर सहमत हुए। यूरोपीय आयोग ने एक प्रेस बयान में कहा कि, यह रणनीतिक समन्वय तंत्र दोनों भागीदारों को व्यापार, विश्वसनीय प्रौद्योगिकी और सुरक्षा की गठजोड़ की चुनौतियों से निपटने की अनुमति देगा, और इस प्रकार यूरोपीय संघ और भारत के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करेगा। इस समझौते के तहत भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए यूरोपीय संघ से टेक्नोलॉजिकल सपोर्ट मिलेगा और भारत भी यूरोपीय संघ की मदद करेगा।

यूरोपीय संघ से संबंध होंगे मजबूत
इस बीच, पीएम मोदी ने कहा कि, यूरोपीय संघ के प्रमुख वॉन डेर लेयेन के नेतृत्व में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं। गामी रायसीना डायलॉग में यूरोपीय संघ के प्रमुख की उपस्थिति की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, "रायसीना डायलॉग में आपके शब्द न केवल भारत की बौद्धिक और शैक्षणिक दुनिया तक सीमित रहेंगे, बल्कि दुनिया इस बात का इंतजार कर रही है कि आज आपको क्या कहना है।" पीएम मोदी ने कहा कि, "मुझे खुशी है कि जब हमारे विदेश मंत्री आए, तो आपने एक अच्छी बैठक का आयोजन किया और चर्चा का अवसर प्रदान किया। मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में, भारत-यूरोपीय संघ के संबंध नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहे हैं और सहयोग के नए क्षेत्रों का निर्माण हो रहा है। हमारा सहयोग होगा हमारे संबंधों को आगे बढ़ाएं"












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