यूरोपीय संघ चुनाव में किंगमेकर बन सकती हैं मोदी की दोस्त मेलोनी, क्या दक्षिणपंथ के रास्ते पर चलेगा यूरोप?
EU Elections 2024: यूरोपीय संसद के चुनाव में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी किंगमेकर बनकर उभर सकती हैं। मान जा रहा है, कि भले ही दक्षिणपंथी पार्टियों को यूरोपीय संसद में बहुमत मिलने का अनुमान नहीं है, लेकिन उन्हें इतनी सीटें हासिल हो सकती है, कि उनके बिना फैसले नहीं लिए जा सकते हैं।
यूरोपीय संसद, 27 सदस्य देशों वाले ब्लॉक यूरोपीय संघ (EU) का शीर्ष कानून बनाने वाला निकाय है। चूंकि इटली के पास 720 में से 76 सीटें हैं, इसलिए मेलोनी बहुमत हासिल करने और यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं, कि वर्तमान ईयू अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को एक और कार्यकाल मिलेगा या नहीं?

उर्सुला वॉन डेर लेयेन की तकदीर का फैसला
यूरोपीय संसद के चुनाव चल रहे हैं और इस बीच उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने जर्मनी, फ्रांस और हंगरी में यूरोप की रूस समर्थक दक्षिणपंथी पार्टियों के प्रति अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की है, लेकिन वे मेलोनी के साथ काम करने में मुखर रही हैं, जिन्हें उन्होंने "स्पष्ट रूप से यूरोप समर्थक" बताया है।
वॉन डेर लेयेन की पार्टी, यूरोपियन पीपुल्स पार्टी (ईपीपी) के संसदीय चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने की उम्मीद है। हालांकि, क्या यह बहुमत हासिल कर पाती हैं और क्या, मेलोनी बहुमत न होने की स्थिति में उनका समर्थन करती है, यह देखना अभी बाकी है। लेकिन, पोलिटिको की तरफ से किए गये नवीनतम सर्वेक्षण से पता चलता है, कि मेलोनी के नेतृत्व वाली यूरोपीय संघ की इकाई यूरोपियन कंजर्वेटिव्स एंड रिफॉर्मिस्ट पार्टी (ईसीआर) को 76 सीटें मिलने का अनुमान है।
रूढ़िवादी नेता के रूप में खुद को पेश करती हैं मेलोनी
यूरोपीय संसद के चुनावों में मेलोनी भी चुनाव लड़ रही हैं हालांकि, उनका चुनाव लड़ना प्रतीकात्मक है, क्योंकि अगर वे निर्वाचित होती हैं, तो उन्हें यूरोपीय संसद (एमईपी) के सदस्य के रूप में तुरंत इस्तीफा देना होगा, क्योंकि नियम किसी मौजूदा यूरोपीय मंत्री को एमईपी बनने की अनुमति नहीं देते हैं।
मेलोनी की यह मुहिम इटली और यूरोप में उनकी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली (एफडीएल) को बढ़ावा देने की कोशिश है। हाल ही में, मेलोनी ने खुद को यूरोप के रूढ़िवादी नेता के रूप में पेश किया है। उन्होंने कहा है, कि वह पूरे महाद्वीप में इतालवी नीतियों को आगे बढ़ाना चाहती हैं।
इससे पहले, मेलोनी ने कहा था, कि वह यूरोपीय संसदीय चुनाव लड़ रही हैं, क्योंकि वह खुद को यूरोपीय कंजर्वेटिव के नेता के रूप में देखती हैं और "यूरोपीय राजनीति की दिशा बदलने में निर्णायक भूमिका निभाना चाहती हैं।"
समाचार एजेंसी एफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में एक पार्टी सम्मेलन में मेलोनी ने कहा था, कि "मैं ऐसा इसलिए कर रही हूं, क्योंकि मैं इटालियंस से पूछना चाहती हूं, कि क्या हम जो काम इटली में कर रहे हैं, क्या वो उससे संतुष्ट हैं और जो हम यूरोप के लिए कर रहे हैं, क्या उन्हें पसंद है... मैं ऐसा इसलिए कर रही हूं, क्योंकि ब्रदर्स ऑफ इटली का अध्यक्ष होने के अलावा मैं यूरोपीय रूढ़िवादियों की नेता भी हूं, जो यूरोपीय राजनीति की दिशा बदलने में निर्णायक भूमिका निभाना चाहते हैं।"
मेलोनी ने आगे कहा कि वह "यूरोप में ठीक वैसा ही करना चाहती हैं जैसा हमने इटली में किया है।"
मेलोनी ने कहा, "हम यूरोप में ठीक वैसा ही करना चाहते हैं, जैसा हमने 25 सितंबर 2022 को इटली में किया था - एक ऐसा बहुमत बनाना, जो दक्षिणपंथी ताकतों को एक साथ लाकर, अंततः वामपंथियों को विपक्ष में खड़ा कर दे, यहां तक कि यूरोप में भी वामपंथियों को सत्ता से बाहर कर दें।"

दक्षिणपंथी नेता मानी जाती हैं मेलोनी
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन ने जॉर्जिया मेलोनी को "यूरोप समर्थक" नेता बताया है।
वॉन डेर लेयेन की टिप्पणी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब कई दक्षिणपंथी दल और नेता, जिनमें से कुछ दक्षिणपंथी भी हैं, रूस का खुलकर समर्थन कर रहे हैं, जबकि यूरोप, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से देश से सबसे गंभीर सुरक्षा खतरे का सामना कर रहा है।
वॉन डेर लेयेन ने ऐसी पार्टियों को पुतिन की "कठपुतली" करार दिया है। उन्होंने कहा है, कि वह नेशनल रैली (RN) पार्टी की फ्रांसीसी दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन और जर्मनी की AfD के साथ सहयोग नहीं करेंगी। लेकिन, मेलोनी के बारे में उन्होंने कहा है, "वह स्पष्ट रूप से यूरोप समर्थक हैं, पुतिन के खिलाफ हैं, वह इस मामले में बहुत स्पष्ट हैं, और कानून के शासन के पक्ष में हैं, अगर यह सही है, तो हम साथ मिलकर काम करने की पेशकश करते हैं।"
भले जॉर्जिया मेलोनी को अक्सर मीडिया में दक्षिणपंथी नेता कहा जाता है, लेकिन उनकी विदेश नीति, मुख्यधारा की यूरोपीय नीति के मुताबिक ही है। वह यूक्रेन की सहायता का समर्थन करती रही हैं और मध्य पूर्व संकट की स्थिति के साथ भी तालमेल बिठाती हैं। लिहाजा, कई लिबरल और लेफ्ट के नेता भी उन्हें पसंद करते हैं।
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