Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

चांद से पूरे ब्रह्मंड पर नजर! बनेगा विशालकाय दूरबीन, जानिए कैसा होगा ब्लूप्रिंट, NASA को लेकर बड़ा दावा

अंतरिक्ष की दुनिया रहस्यों से भरी हुई है। हजारों करोडों वर्षों से दबे इन्हीं रहस्यों के उद्घाटन के लिए नासा ने टेलीस्कोप हबल के बाद अंतरिक्ष में जेम्स वेब टेलीस्कोप भेजा, जो काफी हाईटेक है। नासा के अलावा भी कई स्पेस एजेंसियों ने अपने- अपने टेलीस्कोप स्पेस में लॉन्च किए, जिनके द्वारा भेजी गई तस्वीरें बेहद विचित्र और रहस्यों से भरी हुई हैं। ऐसे ही रहस्यों को अब और बारीकी से परखने के लिए स्पेस एजेंसी भविष्य में एक ऐसा टेलीस्कोप बनाने पर विचार कर कर रही, जो चांद से पूरे ब्रह्मांड पर नजर रखेगा।

चांद पर जीवन की तलाश स्पेस एजेंसियों के लिए एक अहम विषय है। जिस पर दुनियाभार के साइंटिस्ट्स काम कर रहे हैं। साइंटिस्ट्स अब चंद्रमा की सतह पर एक विशाल दूरबीन स्थापित करने का ब्लूप्रिंट तैयार कर रहे हैं। इस प्रयास में भारत भी पीछे नहीं है। हाल ही में चांद पर कदम रखने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है। इसरो के चंद्रयान-3 की सफलता ने दुनिया की चौंकाया। दरअसल, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुप पर कदम रखने वाला भारत पहला देश है।

 Moon Telescope Blueprints

दुनियाभर के साइंटिस्ट्स चांद पर अपनी शोध को लेकर काफी उत्सुक हैं। ऐसे में स्पेस एजेंसियां डेटा एकत्र करने के लिए अपने मून मिशन पर फोकस कर रही हैं। दावा किया जा रहा है कि नासा मून पर विशाल टेलीस्कोप बनाने जा रहा है। हालांकि लूनर ऑप्टिकल यूवी एक्सप्लोरर का कॉन्सेप्ट के जरिए इस प्रयास को गति दी जा सकती है।

चंद्रमा पर टेलीस्कोप स्थापित करना एक बड़ी तकनीकी क्षमता वाला विचार है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अल्ट्रावायलेट वस्तुओं के साथ गुरुत्वाकर्षण तरंग वेधशाला का भी प्रस्ताव है। हालांकि ये एक कठिन कार्य अवश्य है, लेकिन तकनीकी स्तर संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।

कैसा होगा ब्लूप्रिंट?
कोलोराडो बोल्डर विश्वविद्यालय के रेडियो वेधशाला में काम कर रहे खगोलशास्त्री और प्रोफेसर जैक बर्न्स के मुताबिक बर्न्स ने कहा कि अगले तीन दशक के भीतर कई पायलट प्रोजेक्ट्स चंद्रमा के लिए आ सकते हैं। ये प्रोजेक्ट्स कैसे होंगे इसको लेकर बर्न्स ने कहा कि कई स्पेस एजेंसियों ने इस दिशा में प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। एक अन्य प्रस्ताव की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि स्पेस-एक्स के स्टारशिप का उपयोग चंद्र बेस-होटल-टेलीस्कोप हाइब्रिड बनाने के लिए किया जाएगा, जिसमें जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की तुलना में अधिक मजबूत मेगा-वेधशाला होगी, जो अब तक अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया सबसे शक्तिशाली टेलीस्कोप होगा।

वहीं चंद्रमा पर विशाल शंकु के आकार के निवास स्थान की सीजीआई छवि जिसमें कटअवे के साथ हरी फसलें उग रही हैं। चांद की सतर पर एक विशाल डिश जैसी तस्वीर सामने आई है, जिस पर सूर् की रोशन पड़ती है। इस तस्वीर ने एक फिर चंद्रमा पर जीवन की तलाश कर रहे स्पेस एजेंसियों और साइंटिस्ट्स को बल दिया है। कोलोराडो बोल्डर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जैक बर्न्स के मुताबिक चांद से टेलीस्कोप को लेकर नासा या किसी अन्य अंतरिक्ष एजेंसी या फिर अन्य कोई सरकारी एजेंसी इस दिशा में विचार कर रही है, तो काफी जल्द इसके परिणाम सामने आएंगे।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+