मलाला पर हमला करने वाले 8 आतंकवादियों को गोपनीय ढंग से रिहा किया गया
इस्लामाबाद। देश की सबसे छोटी नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला युसूफजई पर साल 2012 में जानलेवा हमला करने वाले 10 तालिबानी आंतकवादियों में 8 को गोपनीय ढंग से रिहा करने की बात सामने आयी है। जिसकी वजह से लोग सकते में हैं।
आपको बता दें कि इस साल के अप्रैल में पाकिस्तान में एक आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली मलाला यूसुफजई पर हमले के मामले में 10 व्यक्तियों को दोषी करार देते हुए 25 साल कैद की सजा सुनाई थी। मलाला यूसुफजई पर 2012 में हमला हुआ था। खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में स्थित एटीसी ने मलाला पर हमला करने वाले 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
मलाला पर हमला करने वाले आतंकवादियों को चोरी से रिहा किया गया
लेकिन अब बीबीसी की खबर के मुताबिक 10 लोगों में से 8 को रिहा कर दिया है और केवल दो लोगों को मलाला पर हमला करने में दोषी पाया गया है। बीबीसी के मुताबिक इस मामले में आठ लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया जिसके कारण अब मुकदमे की सुनवाई पर ही सवालिया निशान लग गये हैं। आपको बता दें कि इस केस की सुनवाई कोर्ट में नहीं बल्कि बंद कमरे में हुई थी।
आपको बता दें कि मलाला पर जब तहरीक-ए-तालिबान के बंदूकधारियों ने हमला किया था उस दौरान वह 14 साल की थी और स्कूल बस में सवार होकर जा रही थी। पिछले साल ही भारत के कैलाश सत्यार्थी के साथ मलाला यूसुफजई को शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।













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