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'किसी को मूर्ख मत समझिए', पाकिस्तान को F-16 पैकेज देने पर जयशंकर ने अमेरिका को लगाई लताड़

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों से होने वाले फायदों पर सवाल उठाया है और कहा है कि इस्लामाबाद के साथ वाशिंगटन के संबंधों से "अमेरिकी हित" को फायदा नहीं पहुंचा है।
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वाशिंगटन, 26 सितंबर : भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) ने पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों मजबूती पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि, इस्लामाबाद के साथ वाशिंगटन के संबंध अमेरिकी हितों की पूर्ति नहीं करता है। एस जयशंकर ने भारतीय अमेरिकी समुदाय की ओर से वाशिंगटन में आयोजित एक कार्यक्रम में अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों पर सवाल उठाए। उन्होंने पाकिस्तान के साथ एफ-16 लड़ाकू विमानों पर अमेरिका के फैसले को लेकर सवाल किया।

जयशंकर मे अमेरिका-पाकिस्तान रिश्तों पर सवाल उठाए

जयशंकर मे अमेरिका-पाकिस्तान रिश्तों पर सवाल उठाए

जयशंकर ने रविवार को वाशिंगटन में भारतीय अमेरिकी समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, "यह एक ऐसा रिश्ता है जिसने न तो पाकिस्तान की अच्छी तरह से लाभ पहुंचाया और न ही अमेरिकी हितों को फायदा हुआ। यह टिप्पणी तब की गई जब वहां मौजूद लोगों ने भारतीय मंत्री से पाकिस्तान के साथ एफ-16 लड़ाकू विमानों पर अमेरिकी कार्रवाई पर सवाल किया।

आप मुर्ख नहीं बना सकते

आप मुर्ख नहीं बना सकते

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका के इस तर्क का जिक्र करते हुए कहा कि हर कोई जानता है कि एफ-16 का कहां और किसके खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, 'आप इस प्रकार की बातें कहकर किसी को मूर्ख नहीं बना सकते।'

भारत अमेरिका की चाल को समझता है

भारत अमेरिका की चाल को समझता है

कुछ हफ़्ते पहले, 2018 के बाद पहली बार, अमेरिकी विदेश विभाग ने 450 मिलियन अमरीकी डालर की लागत से पाकिस्तान वायु सेना के F-16 बेड़े और उपकरणों के रखरखाव लिए पाकिस्तान सरकार को एक विदेशी सैन्य बिक्री (FMS) को मंजूरी दी थी।

बाइडेन का फैसला, राजनाथ ने चिंता जाहिर की

बाइडेन का फैसला, राजनाथ ने चिंता जाहिर की

वहीं, राष्ट्रपति जो बाइडन के पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमान के बेड़े के रखरखाव के लिए 45 करोड़ डॉलर की वित्तीय सहायता की मंजूरी के फैसले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने अमेरिकी समकक्ष लॉयड ऑस्टिन के समक्ष चिंता जाहिर कर चुके हैं।

अमेरिका को चिंतन करने की जरूरत

अमेरिका को चिंतन करने की जरूरत

जयशंकर ने जोर देकर कहा, यह वास्तव में आज संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए इस रिश्ते की खूबियों और इससे उन्हें क्या मिलता है, इस पर चिंतन करने की जरूरत है।

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English summary
"For someone to say I am doing this because it is all counter-terrorism content and so when you are talking of an aircraft like a capability of an F-16 where everybody knows, you know where they are deployed and their use. You are not fooling anybody by saying these things," Jaishankar noted.
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