ट्रंप के चुनाव जीतने पर रामास्वामी नहीं होंगे उपराष्ट्रपति, भारतवंशी नेता पर क्यों भड़के पूर्व राष्ट्रपति?
अमेरिका में इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच दुश्मनी चरम पर पहुंच गई है। ट्रंप और रामास्वामी एक दूसरे के हितैषी नजर आते थे मगर नए साल पर दोनों की दोस्ती में ग्रहण लग गया है।
इस बीच, पूर्व राष्ट्रपति के शीर्ष सलाहकार ने उपराष्ट्रपति पद के लिए रामास्वामी की संभावना को खारिज कर दिया है। इससे पूर्व ट्रंप ने रामास्वामीपर आरोप लगाया था कि वे छल-कपट से अपना प्रचार अभियान चला रहे हैं।

आपको बता दें कि अमेरिका में सोमवार यानी कि आज से आयोवा कॉकस शुरू हो रहा है। आज से औपचारिक रूप से उस लंबी प्रक्रिया की शुरुआत हो रही है जिसके द्वारा रिपब्लिकन और डेमोक्रेट 5 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों का चयन करते हैं।
इससे ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष सलाहकार जेसन मिलर ने कहा कि मतदाता 38 वर्षीय बायोटेक उद्यमी रामास्वामी को पूर्व राष्ट्रपति के साथी के रूप में "संभवतः" खारिज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह कहने में कुछ भी गलत नहीं है। यह बिल्कुल सही है कि अगर ट्रंप राष्ट्रपति बनते हैं तो रामास्वामी उपराष्ट्रपति नहीं बनेंगे।
इससे पहले शनिवार को 77 वर्षीय डोनाल्ड ट्रंप ने रामास्वामी पर जमकर हमला बोला था। ट्रंप और उनकी प्रचार अभियान टीम ने विवेक रामास्वामी को "धोखेबाज" और "कपटी" करार देते हुए अपने समर्थकों को बायोटेक उद्यमी का समर्थन ने करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि अगर रामास्वामी को वोट मिलता है तो इससे "दूसरे पक्ष" को फायदा होगा।
ट्रंप के कट्टर समर्थक थे रामास्वामी
आपको बता दें कि अपने राष्ट्रपति अभियान की शुरुआत के बाद से, विवेक रामास्वामी ट्रम्प के कट्टर समर्थक रहे हैं और उन्होंने राष्ट्रपति चुने जाने पर ट्रंप को माफ करने का वादा किया है। हाल ही में कोलोराडो और मेन राज्य ने ट्रम्प को मतपत्र से प्रतिबंधित कर दिया तो भी विवेक रामास्वामी ने नाराजगी जाहिर की थी। यहां तक कि ट्रंप भी रामास्वामी के प्रशंसक रहे हैं।
फिर क्यों शुरू हुआ झगड़ा?
हाल ही में रामास्वामी के प्रचार अभियान की ओर से ट्रंप के खिलाफ सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार पोस्ट और टिप्पणियां की गईं थी। इसके अलावा रामास्वामी के प्रचार अभियान में शर्ट पर 'सेव ट्रंप- वोट विवेक' लिख कर बांटे गए। इससे ट्रंप भड़क गए।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, विवेक ने अपने अभियान की शुरुआत उन्हें पीढ़ियों का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रपति बताकर की थी। लेकिन, अब वह छलपूर्ण चालें चल रहे हैं और अपना समर्थन छिपा रहे हैं।
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि यह बहुत बड़ी चालाकी है। विवेक के लिए वोट देने का मतलब दूसरे पक्ष के लिए वोट करना है। इससे ठगे मत जाना। ट्रंप के लिए वोट करना। अपना वोट बर्बाद मत करना। विवेक मेक अमेरिका ग्रेट अगेन वाले नहीं हैं।
हालांकि ट्रंप की नाराजगी भरी पोस्ट के बाद भी रामास्वामी, जो पहले ट्रंप को कोसने से दूर रहते थे, ने फिर से समझदारी दिखाते हुए ट्रंप की तारीफ की है। रामास्वामी ने कहा कि वह "ट्रम्प की निंदा" का सम्मान करते हैं और वह उनकी आलोचना नहीं करने वाले हैं। रामास्वामी ने ट्रंप को "21वीं सदी के सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रपति" बताया।
नवीनतम एनबीसी न्यूज़/मीडियाकॉम आयोवा पोल के अनुसार ट्रंप वर्तमान में 48 फीसदी रिपब्लिकन के पसंदीदा नेता बने हुए हैं। हालांकि एक महीने पहले उन्हें 51 फीसदी लोग पसंद कर रहे थे।
रिपब्लिकन पार्टी की राष्ट्रपति पद की दौड़ में अकेली महिला निक्की हेली को 20 प्रतिशत समर्थन मिला है। दिसंबर में उन्हें 16 फीसदी लोगों का समर्थन मिला था। वहीं फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डिसेंटिस 16 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं।
डिसेंटिस हालांकि अभी भी दौड़ में बने हुए हैं, लेकिन विवेक रामास्वामी अब काफी पिछड़ गए हैं। विशेषज्ञों को 15 जनवरी से शुरू होने वाले प्राथमिक सत्र के दौरान 38 वर्षीय बायोटेक उद्यमी के लिए ज्यादा उम्मीद नहीं दिख रही है।












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