US Election: 'अमेरिका से अप्रवासियों के सफाए की जरूरत', डोनाल्ड ट्रंप का सबसे 'खतरनाक' भाषण, क्या होगा अंजाम?
In a recent speech in Colorado, Donald Trump addressed immigration issues, igniting tensions and fears of violence against migrants as the US election approaches.
US Election 2024: अमेरिका में अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले चुनावी कैम्पेन काफी आक्रामक और कई-कई मौकों पर 'खतरनाक' भी होता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को स्विंग स्टेट वाले राज्यों से हटकर कोलोराडो के एक उपनगर का दौरा किया।
कोलोराडो लगातार अवैध आव्रजन के कारण चर्चा में रहा है, क्योंकि यहां अप्रवासियों की अच्छी खासी तादात है और अकसर आरोप लगते रहे हैं, कि यहां के अप्रवासी पालतू जानवरों और पक्षियों को मारकर खा रहे हैं। कई तरह के भ्रामक दावे किए गये और कई दावे तो मशहूर हस्तियों की तरफ से भी किए गये, जिनमें एलन मस्क भी शामिल हैं, जिसमें अमेरिका में एक तरह का माहौल बना दिया है और पूरे अमेरिका में अप्रवासियों को लेकर एक तरह से नफरत पैदा होते देखा जा रहा है।

नवंबर के चुनाव से पहले ऑरोरा में ट्रंप की रैली डेमोक्रेटिक वोटर्स के बीच रिपब्लिकन पार्टी को मजबूत करना था। ये क्षेत्र डेमोक्रेटिक पार्टी का गढ़ माना जाता है, क्योंकि वो अप्रवासी, जिन्हें अमेरिका की नागरिकता मिल गई है, वो डेमोक्रेटिक पार्टी के कट्टर वोटर माने जाते हैं, उस क्षेत्र में डोनाल्ड ट्रंप वोट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। कोलोराडो में अप्रवासियों के खिलाफ बोलकर डोनाल्ड ट्रंप अप्रवासियों के खिलाफ बने माहौल से और वोट जोड़ना चाह रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का भाषण 'खतरनाक' क्यों है?
रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने लंबे समय से अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा निर्वासन अभियान चलाने का वादा किया है और 2015 में अपना पहला अभियान शुरू करने के बाद से ही आव्रजन को अपने राजनीतिक व्यक्तित्व का मुख्य हिस्सा बना लिया है। हाल के महीनों में, ट्रंप ने विशिष्ट छोटे समुदायों को चिन्हित किया है, जहां बड़ी संख्या में प्रवासियों का आगमन हुआ है, और स्थानीय स्तर पर संसाधनों को लेकर तनाव बढ़ रहा है।
कोलोराडो में लंबे समय से रहने वाले निवासी अचानक जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के बारे में बात कर रहे हैं और अप्रवासियों के खिलाफ आक्रामक हो रहे हैं। इसलिए माना जा रहा है, ट्रंप के भाषण और आक्रामक कैम्पेन से अप्रवासियों के खिलाफ हिंसा भी शुरू हो सकती है।
कोलोराडो का ऑरोरा, अगस्त में तब सुर्खियों में आया था, जब एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें हथियारबंद लोग वेनेजुएला के प्रवासियों के निवास वाली एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में घुसते हुए दिखाई दे रहे थे। ट्रंप ने बड़े पैमाने पर दावा किया है, कि वेनेजुएला के गिरोह इमारतों पर कब्जा कर रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है, कि यह डेनवर के पास उपनगर का एक ब्लॉक था, और यह क्षेत्र फिर से सुरक्षित है।
स्थानीय अधिकारियों के इन खंडनों को नजरअंदाज करते हुए, ट्रंप ने अपार्टमेंट परिसरों की एक तस्वीर दिखाई थी, और दावा किया था, कि यहां "बर्बर ठगों" का कब्ज़ा है और यहां की सड़कें अब असुरक्षित हो गई हैं। और इसके लिए उन्होंन राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को दोषी ठहराया।
ट्रंप ने डेमोक्रेट्स प्रतिद्वंदियों को लेकर कहा, "वे आपके राज्य को बर्बाद कर रहे हैं।" ट्रंप ने कहा, "कोई भी व्यक्ति जिसने इस समुदाय पर कमला हैरिस द्वारा फैलाई गई हिंसा और आतंक को फैलाया है, उसे कभी भी संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।"

अमेरिका में बड़ा चुनावी मुद्दा बना अप्रवासी
ट्रंप अकसर अमानवीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को "कचरा" और प्रवासियों को "जानवर" कह रहे हैं, और आरोप लगा रहे हैं, कि अप्रवासियों ने ऑरोरा पर "आक्रमण करके उसे जीत लिया है"।
उन्होंने कहा, कि यह शहर "वेनेज़ुएला से संक्रमित है"।
ट्रंप ने कहा, "हमें अपने देश को साफ करना होगा।"
इससे पहले भी 2016 के राष्ट्रपति चुनाव कैम्पेन के दौरान उन्होंने अपने चुनाव अभियान शुरुआत यह कहकर की थी, कि "प्रवासी बलात्कारी हैं और ड्रग्स और अपराध लेकर आते हैं।" ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा, "मैंने यह कहने के लिए बहुत आलोचना झेली, लेकिन मैं सही था।" उन्होंने यह झूठा दावा दोहराया, कि "अन्य देश अपनी जेलों और पागखाने को खाली कर रहे हैं और अपने सबसे बुरे अपराधियों को संयुक्त राज्य अमेरिका में डाल रहे हैं।"
डोनाल्ड ट्रंप जब ऐसा आक्रामक भाषण देते हैं, तो भीड़ से तालियों की जोरदार गड़गड़ाहट निकलती है और उन्होंने कोलोराडो में भाषण देते हुए कहा, कि "अगर कोई अप्रवासी किसी अमेरिकी नागरिक या कानून प्रवर्तन अधिकारी की हत्या करता है, को उसे मौत की सजा मिलनी चाहिए।"
वहीं, बाद में शुक्रवार को नेवादा के रेनो ट्रंप ने जोर देकर कहा, कि अमेरिका "एक कब्जा किया हुआ देश" है, और "मैं आपसे यह वादा करता हूं, 5 नवंबर 2024, अमेरिका में मुक्ति दिवस होगा। मुक्ति दिवस।"
ट्रंप ने कोलोराडो में घोषणा की, कि राष्ट्रपति के रूप में वे वेनेजुएला के गिरोह ट्रेन डे अरागुआ या टीडीए के सदस्यों को निर्वासित करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए "ऑपरेशन ऑरोरा" शुरू करेंगे। हिंसक गिरोह की उत्पत्ति एक दशक से भी अधिक समय से कुख्यात कानूनविहीन जेल में कठोर अपराधियों से जुड़ी हुई है।
इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप ने एलियन एनिमीज एक्ट को लागू करने की अपनी प्रतिज्ञा को भी दोहराया, जो 1798 का एक कानून है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति को किसी भी गैर-नागरिक को निर्वासित करने की अनुमति देता है, जो उस देश से है जिसके साथ अमेरिका युद्ध में है।
इस साल जुलाई में, बाइडेन प्रशासन ने गिरोह के खिलाफ प्रतिबंध जारी किया था और इसके तीन नेताओं की गिरफ्तारी के लिए 12 मिलियन डॉलर का इनाम देने की पेशकश की थी।
हालांकि, ट्रंप की रैली में मौजूद 54 साल के जोडी पॉवेल ने कहा, कि "ऐसा नहीं हैस कि वेनेजुएला के गिरोहों ने शहर पर कब्जा कर लिया है, लेकिन हां, नये लोगों के आने के बाद अपराध में तेजी से इजाफा हुआ है।" हालांकि, उन्होंने अप्रवासियों को एक बड़ा संकट बताते हुए इसे 'डरावना' बताया।
अमेरिका में अप्रवासी बहुत बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है और डोनाल्ड ट्रंप को इस मुद्दे से काफी फायदा मिलने की उम्मीद है और कमला हैरिस, जो अप्रवासियों के बीच लोकप्रिय हैं, वो इस मुद्दे पर बैकफुट पर नजर आ रही हैं।












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