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अफगानिस्तान में शांति के लिए हम तालिबान से बात नहीं करेंगे, जो किसी ने नहीं किया वो हम करने जा रहे हैं: ट्रंप

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    वॉशिंगटन। अफगानिस्तान में शांति के लिए तालिबान से बात करने के विचार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रद्द कर दिया है। अफगानिस्तान में एक के बाद एक हो रहे अटैक के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे तालिबान से किसी भी प्रकार की बात के लिए तैयार नहीं है। अफगानिस्तान में अमेरिका अब तक की सबसे लंबी लड़ाई लड़ रहा है। काबुल में हुए आतंकी हमलों को लेकर सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी निंदा की है।

    शांति के लिए हम तालिबान से बात नहीं करेंगे: ट्रंप

    ट्रंप ने न्यूज एजेंसी रायटर्स से बात करते हुए कहा, 'हमारी सेना तालिबान पर जीत हासिल कर रही है। मैं उनसे किसी भी तरह की बातचीत के बारे में नहीं सोचता। वहां एक अलग तरह की लड़ाई चल रही है। ट्रंप ने आगे कहा कि मुझे नहीं लगता कि हम तालिबान से बात करने के बारे में विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे (तालिबान) मासूम लोगों को मार रहे हैं।'

    डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही अपनी अफगान नीति में बदलाव करते हुए कहा था कि वे अफगानिस्तान में अमेरीकी सैनिकों की संख्या को बढाएंगे और वहां की मिलिट्री की हरसंभव मदद करेंगे। पिछले साल अगस्त में ट्रंप ने अफगानिस्तान में 4,000 अतिरिक्त सैनिकों को भेजने के लिए कहा था।

    डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान से वार्ता को लेकर कहा, 'जब तुम देखते हो कि ये लोग क्या कर रहे हैं और ये लोग अपने ही लोगो को मार रहे हैं, जिसमें कई बच्चें और महिलाएं भी है...यह भयानक है। हम उनसे बात नहीं करने वाले हैं, जो हमें खत्म करना है, उन्हें हम खत्म करने जा रहे हैं। जो कोई नहीं कर चुका है, वो हम करने में सक्षम है।'

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    English summary
    Donald Trump rejects peace talks with Taliban in departure from Afghan strategy

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