Aliens News: क्या एलियंस मौजूद हैं? आसमान में रहस्यमयी उड़नतश्तरियों के देखे जाने पर रिसर्च करेगा NASA
नासा के विज्ञान मिशन प्रमुख थॉमस ज़ुर्बुचेन ने नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज वेबकास्ट के दौरान कहा कि, “हम प्रतिष्ठित जोखिम से दूर नहीं भाग रहे हैं।
वॉशिंगटन, जून 10: एलियंस और यूएफओ को लेकर पिछले हफ्ते अमेरिकी कांग्रेस सार्वजनिक सुनवाई के बाद अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी ने एलियंस को लेकर रिसर्च करने का फैसला किया है। नासा ने अपने इस मिशन में उच्च जोखिम और उच्च प्रभाव वाले विज्ञान का पता लगाने के लिए एक वैज्ञानिक टीम बनाने की योजना की भी घोषणा की है।

नासा करेगा एलियंस की खोज
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा कि, उनका लक्ष्य उपलब्ध आंकड़ों को छांटना, भविष्य के आंकड़ों को इकट्ठा करने के सर्वोत्तम तरीकों की पहचान करना और फिर उस वैज्ञानिक समझ को आगे बढ़ाने के लिए, उस टीम की मदद करेंगे, जिसे सरकार ने बनाया है और वो उस टीम को बताएंगे, कि नासा के उपलब्ध किए गये आंखड़ों का इस्तेमाल वो किस तरह से कर सकते हैं। स्वतंत्र टीम सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों का आकलन करेगी और यह समझने की कोशिश करेगी कि रहस्यमयी दृश्यों की वैधता को स्थापित करने के लिए कितना आवश्यक है।

एलियंस की खोज पर नासा का बयान
नासा के विज्ञान मिशन प्रमुख थॉमस ज़ुर्बुचेन ने नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज वेबकास्ट के दौरान कहा कि, "हम प्रतिष्ठित जोखिम से दूर नहीं भाग रहे हैं। हमारा दृढ़ विश्वास यह है कि, इन घटनाओं की सबसे बड़ी चुनौती यह है, कि जो डेटा हैं, वो काफी ज्यादा कम हैं'। नासा के विज्ञान मिशन प्रमुख थॉमस ज़ुर्बुचेन ने नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज वेबकास्ट के दौरान कहा कि, यह स्वीकार करते हुए, कि पारंपरिक वैज्ञानिक समुदाय नासा को एक ऐसी संस्था के तौर पर देखता है, जो 'जोखिम से बचने' की कोशिश करता है, लेकिन वह ऐसी बातों से दृढ़ता से असहमत हैं। उन्होंने कहा कि, नासा इसे यूएपी या अज्ञात हवाई घटना के रूप में ज्ञात आकाश में रहस्यमय दृश्यों को समझाने की कोशिश में पहला कदम मानता है।

स्पेशल टीम का होगा गठन
नासा की टीम ने एलियंस की खोज के लिए वैज्ञानिकों के एक टीम के जल्द ही गठन रकने की बात कही है, जो करीब 9 महीने तक एलियंस को लेकर अमेरिकी खुफिया एजेंसी के साथ मिलकर रिसर्च करेगी, जिसमें करीब एक लाख डॉलर का खर्च आएगा। नासा ने कहा कि, टीम का नेतृत्व वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए सिमंस फाउंडेशन के अध्यक्ष एस्ट्रोफिजिसिस्ट डेविड स्परगेल करेंगे। एक समाचार सम्मेलन में, स्पर्गेल ने कहा कि, स्टडी में जाने वाली एकमात्र पूर्वकल्पित धारणा यह है कि यूएपी के पास कई स्पष्टीकरण होंगे। उन्होंने कहा कि, 'हमें इन सभी सवालों को विनम्रता की भावना से देखना होगा। मैंने अपना अधिकांश करियर एक ब्रह्मांड विज्ञानी के रूप में बिताया। मैं आपको बता सकता हूं कि, हम नहीं जानते कि ब्रह्मांड का 95% हिस्सा क्या है। इसलिए, ऐसी चीजें हैं जिन्हें हम नहीं समझते हैं'।

यूएफओ देखे जाने की घटनाओं में इजाफा
नेवल इंटेलिजेंस के उप निदेशक स्कॉट ब्रे ने पिछले महीने यूएफओ पर आयोजित सार्वजनिक ब्रीफिंग के दौरान कहा था कि, 2000 के दशक की शुरुआत से हवाई क्षेत्र, सैन्य-नियंत्रित प्रशिक्षण क्षेत्रों और प्रशिक्षण रेंज और अन्य नामितों में अनधिकृत और / या अज्ञात विमानों या वस्तुओं की बढ़ती संख्या देखी है। अमेरिकी सरकार ने पिछले साल एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसे राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के कार्यालय द्वारा नौसेना के नेतृत्व वाले टास्क फोर्स के साथ संकलित किया गया था और ज्यादातर "अज्ञात हवाई घटना" या यूएपी के नौसेना कर्मियों द्वारा विस्तृत रिसर्च किया गया था।

टास्क फोर्स का किया गया है गठन
आपको बता दें कि, पिछले महीने अमेरिकी संसद में 54 वर्षों में पहली बार 'अनआइडेंटिफाइड एरियल फेनोमेना' (यूएपी) पर पहली सार्वजनिक कांग्रेस की सुनवाई के बाद यूएफओ और एलियंस की खोज को लेकर कई सवाल उठे। वहीं, संसद में सुनवाई के दौरान पता चला, कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन कर रखा है, जिसका काम अज्ञात हवाई घटनाओं पर नजर रखना है, जिसे आम तौर पर यूएपी या यूएफओ के रूप में जाना जाता है। इस टास्क फोर्स का काम पुरानी और नई रिपोर्ट्स के आधार पर यूएफओ पर रिसर्च करना है। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, नासा नई जांच टीम ने टास्क फोर्स की मदद करने के लिए अपनी कोशिशें तेज करने का फैसला लिया है।

यूएफओ के राज सुलझा पाएगा नासा?
डेली मेल ने पिछले महीने एक रिपोर्ट में नासा के सूत्रों के हवाले से कहा था कि, 'ये हमारी एक सामूहिक कोशिश होगी, जिसके तहत हम उन चश्मदीदों से बात करेंगें, जिन्होंने सबसे पहले यूएफओ को देखा था और फिर हम नासा के खगोलविदों से बात करेंगे, इसके साथ ही हम अलग अलग घटनाओं के वक्त के पुराने वीडियो की गहनता से जांच करेंगे और अगर किसी भी तरह की कुछ भी नई जानकारी मिलती है, तो हम स्पेशल टास्क फोर्स के साथ शेयर करेंगे।' आपको बता दें कि, इस स्पेशल टास्क फोर्स का नाम एयरबोर्न ऑब्जेक्ट आइडेंटिफिकेशन एंड मैनेजमेंट सिंक्रोनाइजेशन ग्रुप रखा गया है, जो अमेरिकी डिफेंस मिनिस्ट्री को डायरेक्ट रिपोर्ट करेगी।












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