पाकिस्तान के कई इलाकों में डेल्टा वेरिएंट की पुष्टि, लोग डरे

इस्लामाबाद, 14 जुलाई। पाकिस्तानी सरकारी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर कई क्षेत्रों में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के फैलने की पुष्टि की है. डेल्टा के मामले में बढ़ोतरी ने आम जनता में यह आशंका बढ़ा दी है कि संस्करण से प्रभावित क्षेत्रों में एक सख्त तालाबंदी की जा सकती है. डेल्टा वेरिएंट को पहली बार भारत में साल 2020 के आखिर में पाया गया था.

distress in pakistan as delta variant of covid-19 hits cities

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 31 मई 2021 को इसे डेल्टा संस्करण का नाम दिया था. पाकिस्तान में पिछले महीने गिरावट के बाद जुलाई में नए संक्रमण तेजी से बढ़े हैं. पड़ोसी देश भारत में डेल्टा वेरिएंट की तबाही के बाद अब पाकिस्तान में इसके मामले सामने आ रहे हैं.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार में वरिष्ठ मंत्री असद उमर पहले ही कह चुके हैं कि देश जुलाई में कोरोना की चौथी लहर का सामना कर सकता है. अब उनका डर सच साबित होने लगा है. कई शहरों में, डेल्टा वेरिएंट के डर से जांच के लिए हजारों लोग हर रोज अलग-अलग परीक्षण केंद्रों पर कतार में लग रहे हैं.

इस संदर्भ में पाकिस्तान के स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता अफजल खान ने समाचार एजेंसी डीपीए से बात करते हुए इस बात की पुष्टि की कि वास्तव में लोग इस वेरिएंट से डरे हुए हैं. खान के मुताबिक, "डेल्टा वेरिएंट के फैल जाने के बाद से हजारों भयभीत लोग जांच केंद्रों में सुबह से ही कतार में लग जाते हैं. वे सभी परेशान लग रहे हैं."

लग रहा है लॉकडाउन

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी में डेल्टा के मामले सामने आने के बाद लगभग दो दर्जन इलाकों में लॉकडाउन लगाया गया है.

इस्लामाबाद जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख जईम जिया के मुताबिक, "पाकिस्तान में कोरोना के जितने वेरिएंट आए उसके मुकाबले डेल्टा वेरिएंट बहुत तेजी से फैल रहा है. यह चिंता का विषय है."

जिया ने यह भी कहा कि सरकार स्थिति से अवगत है और इसे प्रभावित क्षेत्रों तक सीमित रखने की पूरी कोशिश कर रही है.

पाकिस्तान में चौथी लहर!

घातक वायरस की चौथी लहर का सामना कर रहे पाकिस्तान ने इस सप्ताह रोजाना संक्रमण में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और 22,500 से अधिक मौतें. देश में अब तक कोरोना के 10 लाख के करीब मामले आ चुके हैं.

पाकिस्तान सरकार के स्वास्थ्य मामलों के विशेष सहायक डॉ. फैसल सुल्तान का कहना है कि अब तक पाकिस्तान कोविड-19 के चंगुल में आने से कुछ हद तक बच गया था लेकिन डेल्टा संस्करण ने चिंता बढ़ा दी है. पड़ोसी देश भारत में तबाही का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान में ऐसा हुआ तो यह भारी तबाही होगी.

रावलपिंडी में एक बच्चे के पिता 42 वर्षीय मुदस्सर इरशाद कहते हैं, "हमने अपने टेलीविजन स्क्रीन पर देखा है कि इस वेरिएंट ने भारत में क्या किया है. मुझे डर है कि अगर पाकिस्तान में भी ऐसा ही होता है, तो यह बहुत बड़ी त्रासदी होगी."

पाकिस्तान में कोरोना के खिलाफ टीका लगाने की रफ्तार बहुत सुस्त है. वैक्सीन की सप्लाई में कमी के कारण अब तक सिर्फ दो करोड़ लोगों को ही टीका लग पाया है. 22 करोड़ की आबादी वाला देश अपनी जनता को वैक्सीन लगाने के लिए विदेशी टीकों पर निर्भर पर है.

एए/वीके (डीपीए, रॉयटर्स)

Source: DW

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