Dhaka Protest: चुनाव से 6 दिन पहले बांग्लादेश में बवाल, यूनुस के घर के बाहर सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन
Dhaka protest: बांग्लादेश की राजधानी ढाका आम चुनाव से ठीक छह दिन पहले एक बार फिर सुलग गई है। पिछले दो साल से राजधानी में युवाओं, छात्रों समेत कई समूहों ने बड़ा प्रदर्शन किया है। चुनावों से ठीक पहले इस बार सरकारी कर्मचारियों ने अपने ही देश की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
शुक्रवार को हजारों सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के सरकारी आवास 'जमुना' तक मार्च निकाला। इसी दौरान मामला बिगड़ गया और प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया।

Dhaka Protest: यूनुस के घर के बाहर भारी बवाल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नौवां वेतनमान आयोग लागू करने की मांग सरकारी कर्मचारियों की ओर से लगातार हो रही थी। इसी मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए सुबह देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रदर्शनकारी पहले शहीद मीनार पर इकट्ठा हुए थे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, यहां से उन्होंने 'नौवां राष्ट्रीय वेतनमान तुरंत लागू करो' के नारे लगाते हुए यूनुस के आवास की ओर कूच किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे। बताया जा रहा है कि पुलिस के लगाए गए बैरिकेड तोड़ दिए और जबरन जमुना गेट की तरफ बढ़ने लगे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बरसाई लाठियां, आंसू गैस के गोले दागे
प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ और हालात बेकाबू होते देखकर पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इसके बावजूद भीड़ नहीं रुकी तो लाठीचार्ज करना पड़ा। इस झड़प में कई लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी आजीविका से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है। प्रदर्शनकारी लगातार नारे लगा रहे थे, 'पेट में चावल नहीं तो मुंह में विकास कैसा?'
Bangladesh Election: चुनाव में गड़बड़ी के सवाल पर भड़के प्रदर्शनकारी
बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर रमना डिवीजन के डिप्टी कमिश्नर मसूद आलम ने एक सरकारी कर्मचारी से तल्ख सवाल किए थे। इसके बाद माहौल और भड़क गया। आलम ने प्रदर्शनकारियों पर चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पूछा, 'क्या आप चुनाव में गड़बड़ी करने के लिए यहां आए हैं?' इस सवाल से प्रदर्शनकारी भड़क उठे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी तेज कर दी।
सरकारी कर्मचारियों ने दी सरकार को चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकारी कर्मचारियों पर दमन जारी रहा तो आने वाले आम चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ढाका में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव से पहले भड़की यह हिंसा बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।












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