Pakistan Curfew: बकरीद से पहले पाकिस्तान में आतंकवादी हुए कंट्रोल से बाहर, लगाना पड़ा कर्फ्यू, बिगड़े हालात
Pakistan Curfew: पाकिस्तानी सेना देश में आतंकवाद को नियंत्रित करने में लगातार विफल हो रही है। इसके बावजूद, सेना अपनी गलतियों को स्वीकार करने के बजाय, भारत या तालिबान पर देश में आतंकवाद फैलाने का आरोप लगा रही है। जबकि वह खुद पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में आतंकवाद को खत्म करने में नाकाम रहने के बाद। यही नहीं पाकिस्तानी सेना अब वहां के नागरिकों के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है। दरअसल आतंकवादियों के दखल के चलते स्थानीय नागरिक और आतंकवादियों में तनाव चलते कर्फ्यू लगा दिया है। खुद आतंकवादियों को पालने वाला पाकिस्तान इसके लिए कभी तालिबान पर आरोप लगाता है, कभी भारत पर। हालांकि अब उसके द्वारा पाले गए आतंकी ही, उसके हाथ से बाहर निकल गए हैं।
ईद से पहले लगाया कर्फ्यू
रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को उत्तरी वजीरिस्तान में कड़ा कर्फ्यू लगा दिया, जिससे अफगान सीमा के पास अशांत क्षेत्र में नागरिकों की आवाजाही गंभीर रूप से बाधित हो गई। ईद से पहले इस तरह के प्रतिबंधों के कारण नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मेडीकल इमरजेंसी पर भी प्रतिबंध
स्थानीय लोगों ने बताया कि मंगलवार सुबह से लागू हुए इन प्रतिबंधों में शहरों के भीतर और उनके बीच यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है। यहां तक कि मेडिकल इमरजेंसी में भी सैन्य चौकियों से गुजरने की अनुमति नहीं दी जा रही है। स्थानीय लोगों और नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं ने इस स्थिति को भयावह बताया है। उनका कहना है कि मरीज और उनके परिवार चेकपॉइंट पर फंसे हुए हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पूरी तरह से बंद हो गई है। ईद-उल-अज़हा से पहले कई सड़कों पर नाकेबंदी और सैन्य निरीक्षणों ने रोजमर्रा की जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
लोगों किया घरों में कैद
एक स्थानीय नागरिक ने नाम ना बताने की शर्त पर बताया कि "सेना किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं दे रही है, यहां तक कि मेडिकल इमरजेंसी वाले लोगों को भी नहीं।" उन्होंने आगे कहा कि अस्पतालों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, बाजार बंद हैं, और लोग अपने घरों में कैद हैं। कई युवा कार्यकर्ताओं ने इस स्थिति से निपटने के लिए सेना की आलोचना की है और आतंकवाद को रोकने में विफल रहने के बाद नागरिकों को दंडित करने का आरोप लगाया है। एक कार्यकर्ता ने कहा, "यह सामूहिक दंड है। राज्य सैन्य रूप से सफल नहीं हुआ है, और अब नागरिक इसकी कीमत चुका रहे हैं।"
लंबे समय से आतंकियों से जूझ रहा KPK
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत का हिस्सा उत्तरी वजीरिस्तान लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों और आतंकवाद विरोधी अभियानों का केंद्र रहा है। हाल के हफ्तों में, इस क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे अधिकारियों और स्थानीय लोगों दोनों में चिंता बढ़ गई है। सेना के नए कर्फ्यू ने नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, खासकर ईद के त्योहार के करीब आने के साथ। अधिकारियों ने हाल के बयानों में जनजातीय क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरों को स्वीकार किया है।
सरकार के खिलाफ लोगों में आक्रोश
उत्तरी वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना द्वारा लगाए गए कर्फ्यू ने नागरिकों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में बाधा और रोजमर्रा की जिंदगी में व्यवधान के कारण, स्थानीय लोग कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच, नागरिकों के लिए राहत की उम्मीद कम होती जा रही है। साथ ही लोगों का सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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