Crans-Montana Tragedy: नए साल के जश्न ने छीनी अब तक 40 जिंदगियां, भारत ने जताया शोक, अब तक क्या पता चला?
Crans-Montana Tragedy: स्विट्जरलैंड के मशहूर अल्पाइन स्की रिज़ॉर्ट क्रांस-मोंटाना में नए साल की पूर्व संध्या पर आयोजित एक पार्टी उस वक्त मातम में बदल गई, जब एक बार में भीषण आग और धमाके से कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई और 115 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे स्विट्ज़रलैंड में पांच दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। विस्तार से जानिए अब तक इस पूरे हादसे में क्या-क्या जानकारी सामने आई हैं...

भारत सरकार ने क्या कहा?
स्विट्ज़रलैंड स्थित भारतीय दूतावास (Embassy of India in Switzerland) ने एक बयान जारी कर कहा- क्रांस-मोंटाना में हुई दुखद आग की घटना में कई कीमती जिंदगियों के जाने पर हमें गहरा दुख है। पीड़ित परिवारों और घायलों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदनाएं। इस कठिन समय में हम स्विट्ज़रलैंड सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हैं।
कैसे हुआ हादसा?
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, यह हादसा 31 दिसंबर की रात करीब 1:30 बजे क्रांस-मोंटाना के लोकप्रिय 'ले कॉन्स्टेलेशन' (Le Constellation) बार में हुआ। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और चश्मदीदों ने बताया कि नए साल के जश्न के दौरान शैंपेन की बोतलों में स्पार्कलर या फ्लेयर डाले गए। एक बारटेंडर एक महिला स्टाफ सदस्य के साथ बोतल लेकर अंदर गया और अचानक आग ने छत को पकड़ लिया। कुछ ही सेकंड में आग पूरे बेसमेंट में फैल गई। बार का बेसमेंट उस वक्त पूरी तरह भरा हुआ था, जहां सैकड़ों लोग जश्न मना रहे थे।
संकरी सीढ़ी बनी मौत का कारण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही लोग जान बचाने के लिए एक संकरी सीढ़ी से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान भगदड़ मच गई। फ्रेंच न्यूज़ चैनल BFMTV के मुताबिक, लोगों का सैलाब ऊपर की ओर उमड़ पड़ा। हर कोई भागना चाहता था, लेकिन रास्ता बहुत संकरा था। बताया जा रहा है कि इस हादसे में मरने वालों में कई किशोर (Teenagers) भी शामिल हैं।
इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक
स्विट्ज़रलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने इस हादसे को देश के इतिहास की सबसे भयावह घटनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा- यह एक ऐसी त्रासदी है, जिसका पैमाना हमने पहले कभी नहीं देखा। कई युवा जिंदगियां, जिनके सपने, योजनाएं और भविष्य थे, अचानक खत्म हो गए। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि देश का कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि ऐसी त्रासदी दोबारा कभी न हो।
सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में बार के ऊपर से तेजी से फैलती आग और ग्राउंड फ्लोर से उठती ऊंची लपटें दिखाई दीं। आग इतनी भीषण थी कि सड़क पर लोग बेहोश होकर गिर पड़े थे। पुलिस को 1:30 बजे इमरजेंसी कॉल मिली और 1:32 बजे पुलिस मौके पर पहुंच गई तुरंत रेड अलर्ट जारी किया गया। राहत कार्य में कई फायर ब्रिगेड टीमें 42 एंबुलेंस, 13 हेलीकॉप्टर लगाए गए। घायलों को सियॉन, लॉज़ान, जिनेवा और ज़्यूरिख के अस्पतालों में भेजा गया।
जांच जारी, कारणों पर अभी भी सस्पेंस
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक हादसा कैसे हुआ इसकी आधिकारिक जांच जारी है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि आग किस वजह से लगी। जांच के बाद ही सटीक कारण सामने आएगा। ऐसा माना जा रहा था कि बार के बेसमेंट की सीढ़ियां बहुत संकरी थीं, लेकिन इमरजेंसी एग्जिट को लेकर अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
मृतकों की पहचान सबसे बड़ी चुनौती
जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे कठिन काम शवों की पहचान करना है। पीड़ित परिवारों से DNA सैंपल लेकर ही इनकी पहचान कि जा सकती है। बताया जा रहा है कि कई लोग दूसरे देशों से छुट्टियां मनाने यहां आए थे। इटली ने कहा कि उसके 16 नागरिक लापता हैं और 12 घायल हैं।
वहीं फ्रांस के 8 नागरिक लापता हैं और मृतकों में फ्रांसीसी नागरिकों के शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता इस हादसे से पूरा शहर शोक में डूब गया है। नए साल के दिन सैकड़ों लोग ठंड में खड़े होकर फूल चढ़ाने मोमबत्तियां जलाने के लिए जमा हुए। इस मौन श्रद्धांजलि सभा में कई ऐसे लोग भी थे, जिनके अपने अब भी लापता या गंभीर रूप से घायल हैं।












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