नए शोध का दावा- 'स्पर्म की क्वालिटी को प्रभावित करता है कोरोना, गर्भधारण में हो सकती है समस्या'
लंदन, 23 दिसंबर। 'ओमिक्रॉन वायरस' की दहशत के बीच एक चौंकाने वाली स्टडी सामने आई है, जिसके मुताबिक कोरोना वायरस स्पर्म की क्वालिटी को प्रभावित करता है। ये बात लंदन की यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए शोध में सामने आई है। ये बात इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन ने 120 लोगों पर रिसर्च करने के बाद कही गई है। ये सभी लोग कोरोना संक्रमित हुए थे और उससे ठीक हुए उन्हें एक या 2 महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका था लेकिन इनके शुक्राणुओं को कोरोना वायरस ने प्रभावित किया था।

'स्पर्म की क्वालिटी को प्रभावित करता है कोरोना'
ये सभी लोग बेल्जियम के रहने वाले थे और सभी की उम्र 35 वर्ष से ज्यादा थी। इन लोगों का तीन बार टेस्ट किया गया जिसमें ये रिपोर्ट सामने आई।
- एक महीने पर कोरोना का असर: 60% मरीजों की स्पर्म मोटिलिटी और 37% के स्पर्म काउंट पर कोविड का असर
- 1.5 महीने पर कोरोना का असर: 37% की स्पर्म मोटिलिटी और 29% का स्पर्म काउंट पर कोविड का असर
- 2 महीने पर कोरोना का असर : 28% की स्पर्म मोटिलिटी और 6% का स्पर्म काउंट पर कोविड का असर

कोविड Sexually Transmitted नहीं है
हालांकि शोध में कहा गया है कि जैसे-जैसे COVID-19 से रिकवरी बढ़ी, शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ और कोविड Sexually Transmitted नहीं है और ना ही वीर्य के जरिए ये पार्टनर की बॉडी में पहुंचता है।

अगर आप गर्भवती होना चाहती हैं तो COVID से बचें
शोधकर्ताओं ने कहा है कि COVID-19 का प्रजनन क्षमता पर दीर्घकालिक प्रभाव हो सकता है या नहीं इस बारे में स्पष्ट रूप से अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है और इस पर अभी बहुत ज्यादा रिसर्च करने की जरूरत है लेकिन उन्होंने ये जरूर कहा कि अगर कोई महिला गर्भवती होना चाहती है तो उसे कोविड से बचना चाहिए और जो कपल बच्चे की इच्छा रखते हैं उन्हें ये पता होना चाहिए कोविड के बाद स्पर्म की गुणवत्ता प्रभावित होती है लेकिन ये तीन -चार महीने के बाद ठीक हो जाता है।

बुखार और शुक्राणु की गुणवत्ता के बीच रिलेशन नहीं
मालूम हो कि इन्फ्लूएंजा जैसे कुछ वायरस शुक्राणुओं को नुकसान पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं और इस दौरान बॉडी का तापमान काफी बढ़ जाता है लेकिन COVID-19 के मामले में, शोधकर्ताओं ने बुखार और शुक्राणु की गुणवत्ता के बीच अभी तक कोई संबंध नहीं पाया है।
कोरोना वायरस सेक्स लाइफ को प्रभावित करता है
हालांकि इससे पहले इटली के एक शोध में कहा गया था कि कोरोना वायरस सेक्स लाइफ को प्रभावित करता है। COVID-19 के कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन के शिकार पुरूष हो रहे हैं, जिसकी वजह से उनके अतरंग रिश्तों में दिक्कत आ रही है। शोध में कहा गया था कि कोरोना के कारण कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम प्रभावित होता है और इसकी वजह से पुरुषों के लिंग में ब्लड का सर्कुलेशन अच्छे से नहीं होता है, जिसके कारण वो सेक्स नहीं कर पाते हैं।












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