समुद्र से बैलिस्टिक मिसाइल दागने वाला पहला देश बना चीन, PLA के नये वीडियो से भारत-US को टेंशन?
पीएलए ने जो वीडियो जारी किया है, उसका विश्लेषण करने वाले डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि, YJ-21 को वूशी नाम के एक युद्धपोत, टाइप 055 क्रूजर से दागा गया है...
हांगकांग, मई 03: चीन अपने शस्त्रागार में ऐसे ऐसे नये हथियारों को तैनात कर रहा है, जो ना सिर्फ पश्चिमी देशों से से उसकी प्रतिद्वंदिता दिखाता है, बल्कि कई चीनी हथियार ऐसे होते हैं, जो पश्चिमी देशों के हथियारों के नकल होते हैं। चीन पर अमेरिका की टेक्नोलॉजी को चुराने के आरोप कोई नये नहीं हैं, लेकिन इस बार दावा किया जा रहा है, कि चीन ने चोरी की टेक्नोलॉजी से ऐसी बैलिस्टिक मिसाइल तैयार कर ली है, जो पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ाने वाला है।
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पीएलए ने दिखाई नई मिसाइल
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने 19 अप्रैल को एक वीडियो जारी किया है, जिसमें टाइप-055 गाइडेड-मिसाइल क्रूजर को दागते हुए देखा जा रहा है। वीडियो में जो मिसाइल दिख रही है, उसे पूरी तरह से अभी तक अज्ञात रखा गया था और दुनिया को चीन के इस नये मिसाइल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, लिहाजा मिसाइल देखते ही पूरी दुनिया चौंक गई। ज्यादातर डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है, कि चीन ने जिस मिसाइल को लांच किया है, वो असल में एक एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे विश्लेषकों ने फिलहाल YJ-21 का नाम दिया है। और यदि इस YJ-21 का प्रारंभिक विश्लेषण सही है, तो चीन दुनिया का पहला ऐसा देश बन जाता है, जिसने नौसैनिक पोत से इस तरह की मिसाइल का संचालन किया है।

टाइप-055 क्रूजर से दागी गई मिसाइल
पीएलए ने जो वीडियो जारी किया है, उसका विश्लेषण करने वाले डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि, YJ-21 को वूशी नाम के एक युद्धपोत, टाइप 055 क्रूजर से दागा गया है, जिसे मार्च में, यानि एक महीने पहले ही क़िंगदाओ में कमीशन किया गया था। यानि, अब यह एक सक्रिय युद्धपोत के तौर पर पीएलए की नेवी के लिए अपनी सक्रिय ड्यूटी दे रहा है और ये मिसाइल भी अब लगभग निश्चित रूप से पीएलए सेवा में है। वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है, कि नए चीनी हथियार में छोटे पंख और एक द्वि-शंकु नाक बना है। मिसाइल की छोटी नियंत्रण सतहों से पता चलता है कि, यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एसएएम) नहीं है, यानि, एक ऐसा वर्ग जिसे तेज गति वाले विमान को हिट करने के लिए अत्यंत युद्धाभ्यास की आवश्यकता होती है।

कैसे लांच की गई नई मिसाइल
विश्लेषकों ने बताया कि, YJ-21 को पीएलए ने अपने वूशी युद्धपोत के स्टर्न वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) से कोल्ड-लॉन्च किया है, जिसका अर्थ ये हुआ, कि मिसाइल का इंजन स्टार्ट होने से पहले इसे गैस लांचर के जरिए सेल से बाहर निकाला गया और फिर हवा के संपर्क में आने के बाद मिसाइल प्रज्वलित हो उठी। चीनी वीएलएस सेल 9 मीटर लंबी और 850 मिमी व्यास वाली मिसाइलों को समायोजित कर सकते हैं, इसलिए YJ-21 इन मापदंडों के भीतर होना चाहिए। हालांकि, अभी तक YJ-21 मिसाइल को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है और इसका प्रदर्शन कैसा है या इसकी क्वालिटी क्या है, इसको लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि, इसकी मारक क्षमता एक हजार से 1500 किलोमीटर के बीच हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि, साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट, जो पीएलए पर अपनी रिपोर्टिंग करता है, वो हमेशा सटीक जानकारी नहीं दता है। YJ-21 की रफ्तार 10-MACH यानि, आवाज की रफ्तार से 10 गुना ज्यादा तेज हो सकती है।

रूस के इस्कंदर जैसी है चीनी मिसाइल?
चीन की नई YJ-21 मिसाइल किस विरासत की है, ये अभी तक अज्ञात है, लेकिन अगर YJ-21 को चीनी CM-401 मिसाइल से विकसित किया गया है, तो ये मिसाइल रूस की इस्कंदर बैलिस्टिक मिसाइल के बराबर है, जिसका उपयोग हाल के हफ्तों में यूक्रेन के खिलाफ किया गया है। जब 2018 में CM-401 की शुरुआत हुई, तो कहा गया था कि, इसे भविष्य में युद्धपोतों पर फिट किया जाना तय है। हालांकि, YJ-21 CM-401 की तुलना में एक बड़ा बूस्टर जोड़ता है। हालांकि, मिसाइल YJ-21 का अचानक खुलासा पूर्ण आश्चर्यडजनक भी नहीं है, क्योंकि, अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) ने 2020 में वापस सुझाव दिया था, कि चीन अपने टाइप 055 क्रूजर को इस प्रकार के हथियार से लैस करेगा।

चीन के नये मिसाइल से अमेरिका को टेंशन?
इस वक्त चीन अपनी नौसेना को काफी ज्यादा ताकतवर करने में लगा हुआ है और चीन की नौसेना विश्व की नंबर-1 नौसेना बन भी चुकी है। तो क्या चीन के इस रहस्यमयी मिसाइल ने अमेरिका को टेंशन में डाल दिया, क्योंकि ताइवान को लेकर भी स्थिति धीरे धीरे नाजुक बनती जा रही है। चीन की सेना को लेकर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में पेंटागन ने कहा कि, ‘टाइप-055 में 112 वीएलएस सेल है युद्धपोत है, जो इस तरह की एंटी शिप मिसाइल को लांच कर सकता है, जो एसएएम समेत बड़े हथियारों की जगह ले सकता है।' रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, इस युद्धपोत से टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी हथियार, संभावित भूमि-हमला क्रूज मिसाइलों और एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ मार करने में सक्षम है।

यानि, जल में भी जलजला....
इस तरह की नौसैनिक बैलिस्टिक मिसाइल का एक और अनुमान पीएलएएन के रिटायर्ड रियर एडमिरल झाओ डेंगपिंग के एक लेक्चर के दौरा आय़ा था, जो पीएलए उपकरण विभाग के पूर्व डायरेक्टर थे। साल 2017 में एक लेक्चर देते वक्त किसी छात्र ने उसकी तस्वीरें खींचकर इंटरनेट पर वायरल कर दी थी। तस्वीरों से पता चला था कि, एक आश्चर्यजनक भविष्य के जहाज-प्रक्षेपित एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की तैयारी चीन कर रहा है, जिससे चीन के युद्धपोतों की मारक क्षमता में असीमित इजाफा हो जाएगा।

डेंजरस हो रहा है ड्रैगन
इसके साथ ही भविष्य में स्पेस के बाद चीन के पास जल में भी हाइपरसोनिक एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल की क्षमता हासिल हो जाएगी। PLA पहले से ही DF-21D एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल को तैनात करता आया है, हालांकि इसे भूमि आधारित वाहनों से लॉन्च किया जाता है। जाहिर है, DF-21D की लगभग 1,200 किमी की क्षमता है। लिहाजा, YJ-21 से चीन की नौसेना की क्षमता में जबरदस्त इजाफा होता है, जो भारत के लिए भी एक बड़ी चिंता की बात है, क्योंकि ये मिसाइलें दुनिया के महासागरों में कहीं भी यात्रा कर सकती हैं।












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