Watch: साउथ चाइना सी में चीन और US की आमने-सामने की भिड़ंत, अमेरिकी प्लेन को मारी टक्कर! कांप गया जेट
दक्षिण चीन सागर को चीन ने विवादित बना रखा है और चीन का कहना है, कि पूरा समुद्र उसका है। जबकि, इंटरनेशनल कोर्ट चीन के इस दावे को खारिज कर चुका है।

US China maneuver in South China Sea: दक्षिण चीन सागर में चीन की दादागीरी बढ़ती ही जा रही है और अब चीन ने अमेरिका के प्लेन को सामने से टक्कर मारने की कोशिश की है, जिसका वीडियो अमेरिका की तरफ से जारी किया गया है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, चीन के एक लड़ाकू जेट ने शुक्रवार को दक्षिण चीन सागर के ऊपर अमेरिकी निगरानी विमान के सामने डार्ट करके "अनावश्यक रूप से आक्रामक युद्धाभ्यास" किया है।
अमेरिकी सैनिकों ने फाइटर जेट के अंदर से वीडियो रिकॉर्ड किया है, जिसमें चीनी फाइटर जेट को अमेरिकी प्लेन की तरफ तेजी से बढ़ते हुए देखा जा रहा है और अत्यंत करीब से गुजरने के दौरान अमेरिकी जेट में कांपते हुए देखा जा सकता है।
साउथ चायना सी की है घटना
अमेरिका और चीन के फाइटर जेट की आमने-सामने की भिडंत की ये घटना दक्षिण चीन सागर की है, जिसपर चीन अपना दावा करता है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय अदालत साफ साफ कह चुका है, कि दक्षिण चीन सागर पर बाकी देशों का भी अधिकार है, जिसमें ब्रूनेई, इंडोनेशिया, वियतनाम और फिलीपींस शामिल हैं।
वहीं, दक्षिण चीन साहर में फ्री नेविगेशन और फ्री ओसियन, अंतर्राष्ट्रीय जल में विचरन करने के इंटरनेशन अधिकारों के तहत अमेरिका अपने विमान भेजता रहता है, जिसको लेकर चीन कड़ी प्रतिक्रिया देता है।
दक्षिण चीन सागर में चीन के एयरक्राफ्ट कैरियर भी मौजूद रहते हैं, जिनको लेकर भी चीन अपनी आपत्तियां जताता है। वहीं, इससे पहले भी एक अमेरिकी फाइटर जेट का पीछा चीन की तरफ से किया गया था, जिसका वीडियो भी अमेरिका ने रिलीज किया था।
इस बार अमेरिका ने कहा है, कि अमेरिकी वायुसेना की आरसी-135 सर्विलांस जेट, अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहा था। तभी चीनी J-16 फाइटर जेट काफी तेजी से उसकी ओर बढ़ा, जिसकी वजह से अमेरिकी विमान को हवा में टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा।
अमेरिका ने चीन की इस हरकत को 'अनावश्यक पैंतरेबाजी' कहा है और कहा है, कि अमेरिका दक्षिण चीन सागर के अंतर्राष्ट्रीय जल में उड़ान भरना जारी रखेगा।
अमेरिका का सख्त रूख
यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड ने कहा है, कि "संयुक्त राज्य अमेरिका, जहां भी अंतरराष्ट्रीय कानून इजाजत देता है, वहां पर वह सुरक्षित और जिम्मेदारी से उड़ान भरना, नौवहन करना और अलग अलदग ऑपरेशंस को अंजाम देता रहेगा"।
यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड ने आगे कहा, कि "अमेरिका, इंडो-पैसिफिक संयुक्त बल, सभी जहाजों और विमानों की सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानून के उचित सम्मान के साथ अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ान भरना जारी रखेगा। हम उम्मीद करते हैं, कि भारत-प्रशांत क्षेत्र के सभी देश अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र का सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार उपयोग करेंगे।"
चीन की तरफ से दक्षिण चीन सागर में आक्रामकता उस वक्त दिखाई गई है, जब अमेरिका के रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन वहां के अधिकारियों के साथ परामर्श के लिए जापान पहुंचते हैं। जापान के बाद अमेरिका के रक्षा मंत्री भारत का भी दौरा करने वाले हैं, जिसके बाद सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग में उनका एक प्रमुख भाषण होने वाला है।
आपको बता दें, कि पिछले दिनों अमेरिका ने चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू को बातचीत का न्योता दिया था, लेकिन उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री से बात करने से इनकार कर दिया। अमेरिका ने कहा है, कि चीन ने बार बार बातचीत से इनकार किया है।
इससे पहले चीनी फाइटर जेट्स ने इस साल फरवरी में और पिछले साल दिसंबर में दक्षिण चीन सागर के ऊपर अमेरिकी सैन्य विमानों के सामने आक्रामकता दिखाई थी, जिसका वॉशिंगटन ने विरोध किया था।












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