चीन में रहस्यमयी तरीके से गायब हो रहे बड़े नेता, क्या स्टालिन की तरह विरोधियों को मरवा रहे जिनपिंग?
चेयरमैन शी जिनपिंग के शाही दरबार में कुछ भयानक घट रहा है। वहां पर एक के बाद एक मंत्री और अधिकारी गायब हो रहे हैं। पोलिटिको की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि शी जिनपिंग, रूसी तानाशाह स्टालिन की राह पर चल निकले हैं।
जिस तरह से स्टालिन के समय में लोगों को पदों से या रास्ते से हटाया जा रहा था, शी जिनपिंग के काल में भी कुछ-कुछ वैसा ही देखने को मिल रहा है। पोलिटिको की रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन की अति-गोपनीय राजनीतिक व्यवस्था में स्टालिन जैसा शुद्धिकरण चल रहा है।

चीन से आने वाले संकेत बताते हैं कि चीन में कुछ भयानक घट रहा है लेकिन खबर बाहर नहीं आ पा रही है। बाहरी दुनिया का यह जानना लगभग असंभव हो गया है कि चीन के अंदर वास्तव में क्या हो रहा है।
चीन में शी जिनपिंग के बेहद वफादार माने जाने वाले विदेश मंत्री चिन गांग के गायब होने की खबर आई, फिर उनको पद से हटा दिया गया। इसके बाद चीन के रक्षा मंत्री ली शांग्फु भी गायब हो गए और उन्हें भी पद से हटा दिया गया। अफवाहें तैर रही हैं कि इन्हें मार डाला गया है।
ये दोनों ही शी जिनपिंग के काफी वफादार नेता माने जाते थे जिन्हें उनके तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में चुना गया था और उन्हें प्रमोशन मिला था। किन को जुलाई 2021 में अमेरिका में राजदूत के तौर पर नियुक्त किया गया था। सिर्फ 18 महीने के बाद ही उन्हें विदेश मंत्री के तौर पर नामित कर दिया गया था।
न सिर्फ मंत्री बल्कि चीन में अन्य हाई-प्रोफाइल पीड़ितों में परमाणु हथियार कार्यक्रम के प्रभारी जनरल और चीनी वित्तीय क्षेत्र की देखरेख करने वाले कुछ सबसे वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। शी के इन पूर्व अनुचरों में से कई की जाहिर तौर पर हिरासत में मौत हो गई है।
हाल ही में सेना निवृत हुए प्रधानमंत्री ली केकियांग की भी चीन में रहस्यमयी हालत में मौत हो गई थी। ऐसा कहा गया कि शंघाई के एक पूल में उनको हार्ट अटैक आया और इस वजह से उनकी मौत हो गई। ये तब हुआ जब उनके पास दुनिया की बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा मौजूद थी।
ली केकियांग की हत्या की आशंका तब जताई जाने लगी जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मौत के मातम के सार्वजनिक शोक को कम से कम मानने का आदेश दिया। चीन में कई लोगों के दिमाग में, "स्विमिंग पूल में दिल का दौरा" का वही अर्थ है जो रूस में "खिड़की से बाहर गिरना" होता है।
चीन में 2012 में शी जिनपिंग का शासनकाल शुरू होने के बाद से, शी जिनपिंग ने लाखों अधिकारियों को हटा दिया है। लेकिन इस बार अंतर यह है कि शी जिनपिंग अपने विरोधियों को नहीं बल्कि अपने पुराने करीबी रहे लोगों को हटा रहे हैं या फिर उन्हें गायब करवा दे रहे हैं। इससे जिनपिंग सरकार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
क्यों हो रही स्टालिन से तुलना?
तानाशाह स्टालिन पर रूस में लाखों लोगों की हत्या करवाने का आरोप है। स्टालिन के राज में उसकी साम्यवादी नीतियों का विरोध करना महापाप था। जो उसके विरोधी थे उन्हें यातना शिविरों में जिंदगी गुजारनी पड़ती थी। यहां स्लाटिन के विरोधियों से दिन रात काम कराया जाता और फिर वे एक दिन दम तोड़ देते।
कहा जाता है कि स्टालिन की नीतियों का विरोध करने वाले 30 लाख लोगों को प्रचंड ठंड वाले साइबेरिया के यातना शिविरों में रहने के लिए भेज दिया गया था। कई इतिहासकार कहते हैं कि इस तानाशाह ने विरोधियों से नफरत करने में हिटलर को भी मात दे दिया था।












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