Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

चीन के पूर्व प्रधानमंत्री ली केकियांग का निधन, 'शंघाई गैंग' के नेता ने कैसे कर रखा था शी जिनपिंग की नाक में दम

Li Keqiang Death: चीन के पूर्व प्रधान मंत्री ली केकियांग का शुक्रवार को 68 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। सिर्फ 10 महीने पहले ही प्रधानमंत्री पद से रिटायर होने वाले ली केकियांग को चीन के शंघाई गैंग का सदस्य माना जाता था, जिन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नाक में दम कर रखा था।

करीब 10 सालों तक चीन के प्रधानमंत्री रहने वाले ली केकियांग को पिछले साल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस में रिटायर किया गया था।कभी कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के दावेदार के रूप में देखे जाने वाले ली केकियांग को हाल के वर्षों में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दरकिनार कर दिया था, क्योंकि शी जिनपिंग उन्हें अपनी सत्ता के लिए सबसे बड़ा खतरा मानते थे।

चूंकी ली केकियांग के आर्थिक फैसले काफी मजबूत हुआ करते थे, और उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान चीन की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में काफी मजबूत योगदान दिया था, लिहाजा चीन के अंदर उन्हें काफी पसंद किया जाता था, जो शी जिनपिंग को पसंद नहीं आ रही थी।

पेकिंग विश्वविद्यालय से पढ़े अर्थशास्त्री ली केकियांग को उदार बाजार अर्थव्यवस्था के समर्थक के रूप में देखा जाता था, लेकिन उन्हें अंत में सत्तावादी शक्ति शी जिनपिंग के आगे झुकना पड़ा।

Li Keqiang dies

चीन की सरकारी सीसीटीवी ने कहा है, कि "हाल के दिनों में ली केकियांग शंघाई में रहते थे और 26 अक्टूबर को अचानक दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन 27 अक्टूबर की आधी रात को शंघाई में उनकी मृत्यु हो गई।"

मार्च में पद छोड़ने तक ली केकियांग, एक दशक तक शी जिनपिंग के अधीन चीन के प्रधान मंत्री और कैबिनेट के प्रमुख थे।

वो पहली बार शी जिनपिंग की नजरों में तब खटके थे, जब साल 2020 में उन्होंने अपने एक यादगार भाषण में चीन की अर्थव्यवस्था की आलोचना की थी औऱर कहा था, कि चीन में 600 मिलियन लोग प्रति माह 140 डॉलर के बराबर या उससे कम कमाते हैं, जिसके बाद चीन में गरीबी और आय असमानता पर व्यापक बहस छिड़ गई है। और कहा जाता है, उसके बाद ही शंघाई गैंग, शी जिनपिंग के खिलाफ खुलकर खड़ा हो गया था, हालांकि शी जिनपिंग ने शंघाई गैंग को काफी कमजोर कर दिया है।

Li Keqiang dies

शंघाई गैंग बनाम राजकुमार गैंग

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर दो ग्रुप हैं। एक ग्रुप, जिसके ज्यादातर नेता शंघाई से आते हैं, उन्हें शंघाई गैंग कहा जाता है, जबकि दूसरे ग्रुप को राजकुमार गैंग कहा जाता है, क्योंकि शी जिनपिंग, चीन के अंदर राजकुमार कहे जाते हैं।

कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर अभिजात्य गठबंधनों या राजकुमारों का प्रतिनिधित्व शी जिनपिंग करते हैं, जिन्हें खुद चीन में राजकुमार कहा जाता है।

कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर कई शक्तिशाली राजकुमार हैं, जो पूर्व क्रांतिकारियों की संताने हैं। ये राजकुमार अब काफी रसूखदार हो चुके हैं और शी जिनपिंग को ये अटूट समर्थन देते हैं।

राजकुमार गुट के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी में एक 'शंघाई गैंग' भी है, जिसका नेतृत्व पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन और वरिष्ठ नेता जेंग किंगहोंग करते हैं। शंघाई गुट भी काफी प्रभावशाली माना जाता है और इस गुट के लोग चीन के अंदर बड़े बड़े कारोबार का प्रतिनिधित्व करते हैं और पिछले कुछ सालों में शी जिनपिंग की नाक में इस गैंग ने नाक में दम कर रखा है।

चीन के प्रमुख कारोबारी जैक मा भी शंघाई गैंग से ही आते हैं, जिनके कई बार नजरबंद करने की खबर सामने आ चुकी है। वहीं, शंघाई गैंग के एक और प्रमुख नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सन लिजुन को पिछले दिनों उम्रकैद की सजा दे दी गई थी। वहीं, शंघाई गुट का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व न्याय मंत्री फू झेंहुआ को भी सलाखों के पीछे डाल दिया गया है।

पूर्व प्रधानमंत्री ली केकियांग, जो शंघाई गुट से आते हैं, उन्हें हटाने में पिछले साल शी जिनपिंग ने कामयाबी पाई थी।

राजकुमार गुट और शंघाई गैंग के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर एक और गुट है, जिसे 'तुआनपाई' गुट कहा जाता है और इस गुट का नेतृत्व एक और पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ करते हैं, जिसमें कम्युनिस्ट यूथ लीग पृष्ठभूमि वाले सदस्य शामिल हैं।

Li Keqiang dies

इस गुट को आमतौर पर "लोकलुभावन" कहा जाता है। साल 2012 में शी जिनपिंग के राष्ट्रपति बनने के बाद कम्युनस्ट पार्टी के अंदर इस गुट का वर्चस्व काफी बढ़ा हुआ है। 19वीं पार्टी कांग्रेस की बैठक से पहले तक कम्युनिस्ट पार्टी में आगे बढ़ने के लिए उम्मीदवारों की उम्र, उनकी कार्यशैली, उनका बैकग्राउंड जैसे फेक्टर्स काम करते थे, लेकिन 19वीं पार्टी कांग्रेस की बैठक के साथ ही यह स्पष्ट हो गया, कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के प्रति समर्पण ही पार्टी में पदोन्नति के लिए सर्वोच्च गुण बन गया है।

पिछले 10 सालों के दौरान कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर उम्र के मानदंडों का सख्ती से पालन किया गया और उम्र को ढाल बनाकर शी जिनपिंग ने अपने तमाम बड़े विरोधियों को ठिकाने लगा दिया, जिसमें ली केकियांग भी शामिल थे, जिनकी उम्र 65 साल से ज्यादा थी। हालांकि, शी जिनपिंग, जो खुद 65 साल से ज्यादा हैं, उन्होंने उम्र के दायरे से खुद को आजाद रखा।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+