रोहिंग्या संकट: रोहिंग्याओं के गढ़ में अरबों डॉलर का निवेश, चीन ने चली नई चाल
बीजिंग। भारत और बांग्लादेश के लिए सबसे ज्यादा सिरदर्द बनता जा रहे म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थी संकट के बीच अब चीन ने भी चाल चल दी है। म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के पलायन को रोकने के लिए चीन वहां अरबों डॉलर के निवेश में जुटा गया है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, म्यांमार के रखाइन प्रांत में इंन्फ्रास्ट्रक्चर समेत कई प्रोजेक्ट्स के लिए चीन 7.3 अरब डॉलर (करीब 4 खरब 80 करोड़) रुपये का निवेश करने की योजना बना रहा है।

चीन विकसित करेगा स्पेशल इकनॉमिक जोन
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, सिंगापुर के आरएसआईएस में चाइना प्रोग्राम के असोसिएट रिसर्च फेलो आइरिनी चेन ने कहा कि म्यांमार के रखाइन क्षेत्र में चीन 7.3 अरब डॉलर का निवेश कर रहा है। चीन इस क्षेत्र में इंडस्ट्रियल पार्क और स्पेशल इकनॉमिक जोन विकसित करने के लिए भारी मात्रा में बड़ी मात्रा में पैसा खर्च कर रहा है।

चीन के व्यापारिक हित जुड़े हैं म्यांमार से
इससे पहले रायटर्स ने चीन की जो ऑफिशियल रिपोर्ट जारी की है इससे साबित होता है कि चीन इस निवेश से सिर्फ अपने व्यापारिक हित साधना चाहता है। रायटर्स के अनुसार, चीन के ऑफिशियल डॉक्यूमेंट से पता चलता है कि चीन CITIC कॉर्पोरेशन वाले डीप सी पोर्ट में 70 से 85 प्रतिशत तक निवेश करना चाहता है। इससे चीन को अपने OBOR (वन बेल्ट वन रोड) प्रोजेक्ट में मदद मिलेगी और आसानी से बंगाल की खाड़ी तक जोड़ा दिया जाएगा। यही वजह है कि चीन रोहिंग्या मुसलमानों को रोकने के लिए म्यांमार सरकार का समर्थन कर रहा है।

चीन हमेशा म्यंमार के साथ खड़ा रहेगा
वॉशिंगटन में सेंटर फॉर इंटरनैशनल स्टडीज ऐंड स्ट्रैटिजिक साउथ ईस्ट एशिया प्रोग्राम के डेप्युटी डायरेक्टर मरी हीबर्ट ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर चीन स्पष्ट रूप से म्यांमार का समर्थन कर रहा है। चीन यह बताने की कोशिश कर रहा है कि वह यूएन में रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर म्यांमार के प्रयासों का समर्थन करता है। मरी हीबर्ट के अनुसार, 'मुझे नहीं लगता कि म्यांमार को लेकर चीन अपना रुख बदल सकता है। यहां तक कि चीन हमेशा म्यांमार के साथ खड़ा दिखेगा, चाहे यूएन इसके खिलाफ पॉलिटिकल या डायरेक्ट एक्शन भी ले।

चीन ने नही की है म्यांमार की आलोचना
मरी हीबर्ट ने कहा कि रखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार को लेकर चीन ने म्यांमार की आलोचना नहीं की है। हालांकि, चीन ने म्यांमार को रखाइन में हो रही सिक्योरिटी फोर्सेज और रोहिंग्या मुसलमानों के बीच हो रही ही हिंसा को खत्म करने को जरूर कहा है।












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