नॉर्थ कोरिया के खिलाफ एक्शन के नाम पर दुनिया को ऐसे बेवकूफ बना रहा है चीन
बीजिंग। नॉर्थ कोरिया पर हाल ही में यूएन और अमेरिका ने जो प्रतिबंध लगाए थे, उसका चीन ने भी समर्थन किया था। वॉशिंगटन ने नॉर्थ कोरिया पर लगाए प्रतिबंधों का समर्थन कर रहे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश चीन की तारीफ की थी। इस बीच एशियन स्टडीज के एक डायरेक्टर ने खुलासा किया है कि चीन का नॉर्थ कोरिया का विरोध स्थायी नहीं है। उनके अनुसार, चीन हाल ही में नॉर्थ कोरिया की जिन प्रतिबंधों का समर्थन कर रहा है, उसमें शी जिनपींग सरकार के हित छिपे हुए हैं।

ट्रंप को दिखाने के लिए नॉर्थ कोरिया का विरोध
टोक्यो के टेंपल यूनिवर्सिटी में एशियन स्टडीज के डायरेक्टर जेफरी किंग्स्टन ने कहा है कि अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की यात्रा कर रहे हैं। किंग्स्टन के अनुसार, शी जिनपिंग नवंबर में होने वाली ट्रंप की यात्रा को सफल बनाने के लिए यह सब कर रहे हैं। अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया पर जो प्रतिबंध लगाए हैं, उसको लेकर चीन ने समर्थन करते हुए मीडिया में 'एक बहुत बड़ा कदम और 'बहुत महत्वपूर्ण दबाव' जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि मैं चीन को कहना चाहता हूं कि नॉर्थ कोरिया के साथ सभी बैंकिंग रिश्तों को खत्म करें। ट्रंप के इस बयान के बाद चीन ने बीजिंग में स्थित नॉर्थ कोरियाई बैंको को बंद करने का आदेश दिया था।

चीन में चुनाव है इसलिए नॉर्थ कोरिया का विरोध
चीन इसी महीने होने वाली कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस से पहले हर कदम सोच समझ कर उठा रहा है। चीन कम्युनिस्ट पार्टी के भविष्य को देखते हुए सरकार बड़ी राजनीतिक सभा करने जा रही है, जिसमें कई नए चेहरे देखने को मिलेंगे। चीन सरकार अपने डॉमेस्टिक और इंटरनेशनल मुद्दों को ध्यान में रखकर कदम उठा रही है। सिंगापुर के येल-NUS कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर चिन-हुआ हुआंग ने कहा कि चीन के इन प्रतिबंधों का समर्थन करना कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव को कम करना है। पार्टी कांग्रेस के विचार-विमर्श में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं चाहती और ना ही नॉर्थ कोरिया को एक तरफा उकसाना चाहती है।

इस बार चीन के हालात सही नहीं इसलिए नॉर्थ कोरिया का विरोध
फिलाडेल्फिया स्थित विदेश नीति अनुसंधान में सहयोगी बेंजामिन केटजेफ सिलबर्स्टाइन ने कहा, जब पूरा विश्व उत्तर कोरिया पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और टेंशन के बीच सामान्य व्यापार में बाधा आ रही है तब जाकर चीन प्रतिबंध लगाता है, लेकिन वो भी स्थाई नही है। यह गौर करने वाले बात है कि नॉर्थ कोरिया 2006 से न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है और अमेरिका ने हमेशा इसका विरोध किया है। वहीं, दूसरी और चीन ने इससे पहले कभी नॉर्थ कोरिया की हरकतों को गलत नहीं ठहराया। इस बार हालात कुछ समय के लिए चीन के साथ नहीं है, इसलिए कम्युनिस्ट सरकार नॉर्थ कोरिया का विरोध कर रही है।












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