चीनी फाइटर जेट्स और एयरशिप्स ने ताइवान को घेरा, राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन के अमेरिका दौरे से बौखलाया
चीन ने पिछले साल भी कई दिनों तक ताइवान के खिलाफ सैन्य प्रदर्शन किया था, जब अमेरिका की तत्कालीन हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने ताइवान का दौरा किया था।

China Taiwan Conflict: चीन ने भारी संख्या में फाइटर जेट्स और एयरशिप्स ताइवान के नजदीक भेज दिया है और ये चीनी जेट्स ताइवान की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बन गये हैं।
चीन अपनी ये बौखलाहट उस वक्त दिखा रहा है, जब ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने इसी हफ्ते अमेरिका का दौरा किया है और इस दौरान उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष केविन मैकार्थी के साथ कैलिफोर्निया में मुलाकात की।
रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन की अमेरिकी नेताओं के साथ बैठक पर बीजिंग गुस्से में बौखलाया हुआ है और उसने ताइवान के आसपास तीन दिनों के सैन्य अभ्यास की शुरुआत की है।
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने शनिवार को एक संक्षिप्त बयान में कहा है, कि चीन, जो ताइवान पर अपना दावा करता है और अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए बल के उपयोग से इंकार नहीं किया है, वो 10 अप्रैल तक "मुकाबला करने के लिए अभ्यास" का आयोजन करेगा।
कहां पर युद्धाभ्यास कर रहा है चीन?
युनाइटेड शार्प स्वॉर्ड नाम के इस अभ्यास में ताइवान द्वीप के उत्तर और दक्षिण में ताइवान जलडमरूमध्य के साथ-साथ इसके पूर्व में समुद्र और हवाई क्षेत्र में अभ्यास किया जा रहा है।
पीएलए ने कहा, कि "यह ताइवान की स्वतंत्रता अलगाववादी ताकतों और बाहरी ताकतों की मिलीभगत और उकसावे के लिए एक गंभीर चेतावनी है, और यह राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए एक आवश्यक कार्रवाई है।"
चीन, ताइवान के ऊपर अपना दावा करता है, जबकि ताइवान अपने आप को एक स्वतंत्र और संप्रभु देश मानता है। लिहाजा, ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन शुक्रवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष मैक्कार्थी से मिलने उनके घर पहुंची थीं।
बैठक होने से पहले ही बीजिंग ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी थी और चीन के शेडोंग विमानवाहक पोत को ताइवान के दक्षिण-पूर्वी जल के रास्ते पश्चिमी प्रशांत महासागर के रास्ते में देखा गया था।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह स्थिति की निगरानी कर रहा है और द्वीप की सुरक्षा के लिए उचित जवाब देगा।
ताइवान रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, कि चीन त्साई की अमेरिकी यात्रा का इस्तेमाल "सैन्य अभ्यास करने के बहाने के रूप में कर रहा था, जिसने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है।"
बयान में आगे कहा गया है, कि "सेना एक शांत, तर्कसंगत और गंभीर रवैये के साथ जवाब देगी, और राष्ट्रीय संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए 'ना तो विवाद बढ़ाएंगे और न ही विवाद बर्दाश्त करेंगे' के सिद्धांतों के अनुसार काम करेगी।"

चीन ने लगाए कई प्रतिबंध
शुक्रवार को, बीजिंग ने अमेरिका में तैनात ताइवान के राजदूत ह्सियाओ बी-खिम और रोनाल्ड रीगन लाइब्रेरी के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है, जिन्होंने त्साई और मैककार्थी को मिलवाया था। आपको बता दें, कि पिछले साल भी अमेरिका की तत्कालीन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव नैन्सी पेलोसी ने ताइवान की यात्रा की थी और उस वक्त भी चीन ने उग्र अभ्यास किया था।
चीन ने उस दौरान ताइवान के ऊपर से कई मिसाइल दागे थे और कई दिनों तक युद्ध का आयोजन किया था।
ताइवानी रक्षा मंत्रालय ने पहले कहा था, कि उसने "तीन जहाजों और 13 विमानों को स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे डिटेक्ट किया है। विमानों में से 4 ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार किया था और ताइवान के दक्षिण-पूर्व ADIZ में प्रवेश किया था"।
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आपको बता दें, कि इसके अलावा हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष माइकल मैककॉल के नेतृत्व में अमेरिकी विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल ताइवान में है और शनिवार को बाद में त्साई से मिलने वाला है।












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