2.2 मिलियन किलोमीटर की दूरी से चीनी अंतरिक्ष यान तिआनवेन-1 ने मंगलग्रह की पहली तस्वीर भेजी
चीन के अंतरिक्ष यान tianwen 1 ने मंगल ग्रह से पहली तस्वीर भेजी है।
बीजिंग: चीनी अंतरिक्ष यान तिआनवेन (Tianwen-1) ने स्पेस से मंगल ग्रह की पहली तस्वीर भेजी है। पिछले साल 23 जुलाई को चीन ने तिआनवेन-1 को मंगल ग्रह के लिए भेजा था जिसने पहली बार तस्वीर पृथ्वी पर भेजी है। चीन की नेशनल स्पेश एजेंसी के मुताबिक अभी तिआनवेन ने पहली तस्वीर पृथ्वी पर भेजी है और इस साल अंत तक तिआनवेन का रोवर मंगल ग्रह पर भी उतरने में कामयाबी हासिल करेगा।

स्पेस से ली गई मंगल ग्रह की तस्वीर
चीन की नेशनल स्पेस एजेंसी के मुताबिक 10 फरवरी को तिआनवेन-1 मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश कर जाएगा। और इस साल के अंत तक तिआनवेन का रोवर मंगल ग्रह पर उतरेगा। लेकिन तिआनवेन-1 अंतरिक्ष द्वारा स्पेस से मंगल की तस्वीर भेजना एक बड़ी कामयाबी है। ये तस्वीर ब्लैक एंड व्हाइट है। तिआनवेन-1 ने मंगल ग्रह का फोटो करीब 2.2 मिलियन किलोमीटर यानि 1.4 मिलियन माइल्स की दूरी से ली है। चीनी स्पेस एजेंसी के मुताबिक फिलहाल तिआनवेन-1 एयरक्राफ्ट मंगल ग्रह से 1.1 मीलियन किलोमीटर दूर है। तस्वीर में मंगल के सतह की भूगर्भीय विशेषताओं को दिखाया गया है। तस्वीर में कुछ क्रेटर्स भी देखे गये हैं।
अमेरिका का प्रतिद्वंदी है तिआनवेन-1
पिछले साल 23 जुलाई को तिआनवेन-1 को चीन के सबसे हैवी रॉकेट लॉंग मार्च-5Y4 से इस अंतरिक्ष यान को मंगल ग्रह के लिए रवाना किया गया था। चीन का दावा है कि इस यान के जरिए अनंत अंतरिक्ष में खोज के नये युग की शुरूआत होगी। इस अंतरिक्ष यान के साथ रोवर को भी भेजा गया है जो मंगल ग्रह पर उतरने की कोशिश करेगा।
चीनी स्पेश एजेंसी के मुताबिक इस अंतरिक्ष यान तिआनवेन-1 के जरिए ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या मंगल ग्रह पर पानी या फिर बर्फ मौजूद है? इसके साथ ही तिआनवेन-1 के जरिए मंगल की भौगोलिक संरचना, जलवायु और पर्यावरण के बारे में भी पता लगाने की भी कोशिश की जाएगी।
चीन ने मंगल ग्रह पर खोज के लिए 2011 में रूस की मदद से एक मिशन लॉन्च किया था मगर वो मिशन फेल हो गया था। चीन के इस अंतरिक्ष अभियान को अमेरिका के प्रतियोगी के तौर पर माना जाता है। क्योंकि, अमेरिका का मिशन मार्श भी लगातार जारी है। चीनी स्पेश एजेंसी के मुताबिक पिछले साल जब चीन भी कोरोना महामारी का सामना कर रहा था उस वक्त भी इस मिशन को पूरी ताकत के साथ जारी रखा गया था। इस मिशन के जरिए मंगल ग्रह की वो जानकारियां जुटाने की कोशिश की जाएंगी जो इंसानी पहुंच से अभी काफी दूर है।












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