एनएसजी में भारत की सदस्यता पर फिर चीन ने लगाया ग्रहण
बीजिंग। भारत की एनएसजी सदस्यता पर अब फिर से चीन ने ग्रहण लगा दिया है। चीन ने सोमवार को साफ कर दिया है कि इस हफ्ते साउथ कोरिया की राजधानी सियोल में होने वाली एनएसजी के 48 सदस्यों की मीटिंग के एजेंडे में भारत की सदस्यता का मुद्दा ही नहीं है।

सुषमा के बयान से अलग चीन का बयान
चीन के इस बयान से साफ इशारा मिल रहा है कि भारत को एनएसजी में शामिल किए जाने को लेकर ग्रुप के मेंबर्स के बीच एकमत नहीं है।
चीन का यह बयान हैरान करने वाला है, क्योंकि भारत की विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को ही कहा था कि चीन इस ग्रुप में भारत की सदस्यता के खिलाफ नहीं है।
भारत की सदस्यता पर और चर्चा की जरूरत
चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से सोमवार को बयान जारी कर कहा गया है कि भारत की सदस्यता को लेकर चर्चा भारतीय विदेश सचिव एस. जयशंकर की पिछले हफ्ते हुई चीन यात्रा के दौरान भी जारी रही थी। लेकिन चीन ने बता दिया है कि इस मुद्दे पर और चर्चा किए जाने की ज़रूरत है।
एस. जयशंकर ने पिछले दिनों विदेशमंत्री वान्ग यी से मुलाकात कर भारत को एनएसजी सदस्यता दिए जाने की वकालत की थी, लेकिन अब साफ है कि चीन सहमत नहीं हुआ।
अमेरिका की अपील किनारे
गौरतलब है कि पिछले दिनों अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन कैरी की ओर से एनएसजी के सभी सदस्य देशों से अपील की गई थी कि वे भारत की सदस्यता का समर्थन करें। साथ ही इसमें कोई रुकावट न पैदा करें। अमेरिका पहले ही भारत की सदस्यता के समर्थन का ऐलान कर चुका है। वहीं भारत को स्विट्जरलैंड, मैक्सिको, न्यूजीलैंड और कुछ हद तक रूस का भी समर्थन हासिल हो चुका है।












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