भारत के 'चिकन नेक' को दबोचने की फिराक में 'ड्रैगन'! जानें चीन की नई चाल
चीन और भारत के बीच 16वें दौर की वार्ता खत्म हो चुकी है लेकिन कोई नतीजा अभी तक नहीं निकला है। हालांकि, चीन धीरे-धीरे भारत को घेरने की कोशिश करता जा रहा है।
नई दिल्ली/बीजिंग, 20 जुलाई : भारत के साथ लद्दाख ( india china relation) में चल रहे सैन्य गतिरोध के बीच चीन ने भूटान के दक्षिणी-पश्चिमी सीमा पर अपने अतिक्रमण को और बढ़ा दिया है। सैटलाइट इमेज बताती है कि, चीन की तरफ भारतीय सेना के साथ टकराव वाले डोकलाम पठार से 9 किमी पूर्व में एक गांव को पूरी तरह से बसा दिया गया है। जानकारी के मुताबिक यहां लोग रहते हैं, और कई गाड़ियां भी वहां खड़ी की गई हैं। इस खुलासे के बाद रक्षा विशेषज्ञों ने चेताया है कि चीन अपने खतरनाक हथियारों के बल पर भारत के (China's Inroads Near Doklam) चिकन नेक कहे जाने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर वार की तैयारी कर रहा है।

नहीं सुधरेगा चीन
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन इस गांव को पांगड़ा कहता है जो भूटान देश की जमीन पर स्थित है। वहीं दूसरी तरफ रक्षा मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी का कहना है कि, चीन भूटान के दक्षिणी-पश्चिमी सीमा में अपनी दखल को बढ़ा रहा है। चेलानी ने बताया कि, चीन का लक्ष्य चिकन नेक को अपने लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों के दायरे में लाकर वार करना है। बता दें कि, पश्चिम बंगाल को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने वाले बेहद संकरे सिलिगुड़ू कॉरिडोर को भारत का चिकन नेक कहा जाता है।

अपनी ताकत बढ़ा रहा चीन
बता दें कि, भारत का यह इलाका मात्र 20 से 22 किलोमीटर ही चौड़ा है। भारत के 7 राज्यों को जोड़ने वाला यह हिस्सा हर दृष्टिकोण से काफी अहम माना जाता है। यही कारण है कि भारत ने साल 207 में चीनी सेना को डोकलाम तक सड़क बनाने से रोक दिया था। अब चीन अपनी नई चाल चलते हुए भूटान के रास्ते से डोकलाम के पास एक गांव बसा दिया है।

वार्ता खत्म, नहीं निकला कोई नतीजा, अब नई चाल
बता दें कि, चीन और भारत के बीच 16वें दौर की वार्ता खत्म हो चुकी है लेकिन कोई नतीजा अभी तक नहीं निकला है। हालांकि, चीन धीरे-धीरे भारत को घेरने की कोशिश करता जा रहा है। भारत को इससे सचेत रहने की जरूरत है क्योंकि चीन ने वार्ता विफल होने के बाद लद्दाख के पास अपनी सैन्य गतिविधियों को बढ़ा दिया है।

भूटान चीन के सामने क्या करेगा
बता दें कि, भूटान चारों तरफ भूमि से घिरा एक छोटा सा देश है। वह किसी भी प्रकार से चीन का मुकाबला नहीं कर सकता है। वह अपनी जा रही जमीन को भी बचा नहीं पा रहा है। वहीं, नई दिल्ली में भूटान के राजदूत, मेजर जनरल वेत्सोप नामग्याल ने अमो चू घाटी में चीन के निर्माण की स्थिति पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं, विदेश मंत्रालय ने भी चीन की इस नई चाल पर कोई टिप्पणी नहीं की। एनडीटीवी की रिपोर्ट बताती है कि, पिछले एक साल में चीन ने भारत को घेरने और अपनी ताकत बढ़ाने के लिए जमीनों को हड़पने का काम जारी रखा है। भारत को अब ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है और चीन की इस करतूत का जवाब भी देना होगा, नहीं तो आने वाले समय में देश के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती है।












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