आ गए आंकड़े, औंधे मुंह गिरी चीन की इकोनॉमी, एक्सपर्ट बोले- अभी तो और डूबेगा ड्रैगन

चीन की आर्थिक वृद्धि दूसरी तिमाही में तेजी से धीमी हो गई है। ताजा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार चीन की इकोनॉमी 0.4 प्रतिशत टूट गई है। हालांकि इसके पीछे की वजह कोरोना संक्रमण के कारण लागू चीरो कोविड पॉलिसी को बताया जा रहा है।

बीजिंग, 15 जुलाई: पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था की स्थिति कुछ ठीक नहीं है। आने वाले समय में आर्थिक मंदी की आशंका जाहिर की जा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में कई बड़े देश इस मंदी का शिकार हो सकते हैं। इस बीच चीन पर भी इसका असर दिखना शुरू हो गया है। चीन की आर्थिक वृद्धि दूसरी तिमाही में तेजी से धीमी हो गई है। ताजा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार चीन की इकोनॉमी 0.4 प्रतिशत टूट गई है। हालांकि इसके पीछे की वजह कोरोना संक्रमण के कारण लागू चीरो कोविड पॉलिसी को बताया जा रहा है।

लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था चौपट

लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था चौपट

कोरोना वायरस के चलते लगाए गए लॉकडाउन से उसकी अर्थव्यवस्था जरूर पाताल में चली गई है। चीन की ओर से जारी चीन के नेशनल स्टेटिस्टिकल ब्यूरो ने गुरुवार को ये नए आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें बताया गया है कि कोरोना वायरस के प्रकोप से लड़ने के लिए इस साल मार्च अप्रैल में शंघाई के साथ ही दूसरे शहरों में सख्त लॉकडाउन लगाए गए, जिसके बाद अर्थव्यवस्था में गिरावट आयी।

आगे भी सुधार की उम्मीद नहीं

आगे भी सुधार की उम्मीद नहीं

मौजूदा गिरावट के बावजूद सरकार ने कहा कि अर्थव्यवस्था में 'स्थिर सुधार' जारी है। मई और जून में गतिविधि में सुधार हुआ है। हालांकि अधिकांश आर्थिक पूर्वानुमानकर्ताओं को उम्मीद है कि चीन इस साल सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के 5.5 प्रतिशत के विकास लक्ष्य को हासिल करने में विफल रहेगा। शुक्रवार के आए चीन के ये कमजोर आंकड़े वैश्विक मंदी की आशंका को बढ़ाते हैं क्योंकि दुनिया भर में नीति निर्माताओं ने बढ़ती मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए ब्याज दरों को बढ़ा दिया है, जिससे उपभोक्ताओं और व्यवसायों पर संकट बढ़ गया है क्योंकि वे यूक्रेन युद्ध और आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों से चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

30 सालों में सबसे बड़ी मंदी

30 सालों में सबसे बड़ी मंदी

शुक्रवारो को आए आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल-जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में एक साल पहले की तुलना में 0.4% की वृद्धि हुई। 2020 के कोरोना संकट के कारण हुए संकुचन को अपवाद माना जाए तो 1992 में डेटा सीरीज शुरू होने के बाद से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए यह सबसे खराब प्रदर्शन था। इंस्टीट्यूट टोक्यो में दाई-इची लाइफ रिसर्च में मुख्य अर्थशास्त्री तोरू निशिहामा ने कहा कि चीनी अर्थव्यवस्था गतिरोध के कगार पर खड़ी थी, हालांकि मई से जून तक सबसे खराब स्थिति खत्म हो गई थी।

आर्थिक प्रोत्साहन उपाय है विकल्प

आर्थिक प्रोत्साहन उपाय है विकल्प

तोरू निशिहामा का कहना है कि कमजोर विकास को देखते हुए, चीनी सरकार अपनी लड़खड़ाती वृद्धि को बढ़ाने के लिए अब से आर्थिक प्रोत्साहन उपायों को लागू करने की संभावना है, लेकिन पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के लिए ब्याज दरों में और कटौती करने के लिए बाधाएं बहुत बड़ी हैं क्योंकि इससे मुद्रास्फीति को बढ़ावा मिलेगा जो इस समय अपेक्षाकृत कम बनी हुई है। इससे पहले चीन की वाणिज्यिक राजधानी शंघाई सहित मार्च और अप्रैल में देश भर के प्रमुख केंद्रों में पूर्ण या आंशिक रूप से बंद कर दिया गया, जिसमें दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में 13.7% का वार्षिक संकुचन देखा गया।

जून के आंकड़े में सुधार, मगर ये नाकाफी

जून के आंकड़े में सुधार, मगर ये नाकाफी

हालांकि इनमें से कई प्रतिबंध हटा दिए गए हैं और जून के आंकड़ों ने सुधार के संकेत दिए हैं, लेकिन विश्लेषकों को तेजी से आर्थिक सुधार की उम्मीद नहीं है। चीन एक नए उतार-चढ़ाव के बीच कोरोनोवायरस के फैलने पर रोक लगाने की अपनी सख्त नीति का पालन कर रहा है, देश का रियल एस्टेट बाजार गहरी मंदी में है, और वैश्विक संभावनाएं धूमिल होती जा रही हैं। कुछ शहरों में नए लॉकडाउन लागू होने और अत्यधिक संक्रामक BA.5 वैरिएंट के आने से व्यवसायों और उपभोक्ताओं के बीच अनिश्चितता की लंबी अवधि के बारे में चिंता बढ़ गई है।

रोजगार की स्थिति भी नाजुक

रोजगार की स्थिति भी नाजुक

विश्लेषकों ने कहा कि चीन में उपभोक्ता मुद्रास्फीति में वृद्धि, हालांकि अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तरह तेज नहीं है, मौद्रिक नीति में ढील पर प्रतिबंध भी बढ़ा सकते हैं। नोमुरा के विश्लेषकों ने कहा, 'हमारा मानना है कि दूसरी छमाही में बाजार वृद्घि को लेकर काफी आशावादी हो गया है। इसके साथ ही देश में रोजगार की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। जून में युवा बेरोजगारी रिकॉर्ड 19.3% पर पहुंच गई है। वहीं, रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए तमाम कदमों के बावजूद चीन का बाजार अभी भी गहरी मंदी के दौर से गुजर रहा है। इस साल की दूसरी छमाही में इसमें भारी तेजी आएगी, जिसकी संभावना नहीं है।

लैंगिक समानता के मामले में पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे बदतर देश, भारत में क्या है स्थिति?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+