गलवान घाटी झड़प में चीन ने बदली मृतक सैनिकों की संख्या, माना भारतीय सैनिक पड़े थे PLA पर भारी

गलवान घाटी में मृतक सैनिकों के आंकड़े को चीन ने बदल दिया है। चीन ने पहली बार भारतीय सेना के शौर्य को कबूल किया है।

बीजिंग, जुलाई 20: गलवान घाटी संघर्ष में चीन की सैनिकों पर भारतीय सैनिक काफी ज्यादा भारी पड़े थे, पहली बार चीन ने भारतीय सैनिकों के शौर्य को कबूल किया है और इसके साथ ही चीन ने मृतक सैनिकों की संख्या को बदल दिया है। जिसके बाद एक बार फिर से चीन का झूठ बेनकाब हो गया है। गलवान घाटी संघर्ष के बाद पहले चीन ने कहा था कि उसके एक भी सैनिक नहीं मारे गये हैं, फिर चीन ने कहा कि उसके कुछ सैनिक मारे गये हैं, और फिर करीब पांच महीने पहले चीन ने पहली बार कहा कि भारतीय सैनिकों के साथ संघर्ष में उसके चार सैनिक मारे गये हैं, लेकिन एक बार फिर से चीन ने मृतक सैनिकों की संख्या को बदल दिया है। ऐसे में सवाल ये उठ रहे हैं कि आखिर चीन बार बार मृतक सैनिकों की संख्या को क्यों बदल रहा है?

चीन ने बदली मृतक सैनिकों की संख्या

चीन ने बदली मृतक सैनिकों की संख्या

पिछले साल लद्दाख में भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों की जमकर पिटाई की थी, जिसे मानने में चीन ने सवा साल से ज्यादा का वक्त लगा दिया है। हर कुछ महीने पर चीन मृतक सैनिकों की संख्या को बदल लिया है। गलवान घाटी संघर्ष को लेकर चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने नया दावा करते हुए कहा है कि गलवान घाटी संघर्ष में पीएलए के चार नहीं, बल्कि पांच सैनिक मारे गये थे। शिन्हुआ न्यूज ने गलवान घाटी संघर्ष को लेकर नई रिपोर्ट दी है, जिसमें कहा गया है कि गलवान घाटी में उस रात भारतीय सैनिकों ने हर तरफ से चीनी सैनिकों को घेर लिया था और चीनी सैनिकों के पास जान बचाने का कोई रास्ता नहीं था। शिन्हुआ न्यूज ने ताजा रिपोर्ट में कहा है कि गलवान घाटी में मारे जाने वाले उसके पांचवें सैनिक का नाम चेन होंगजबून है।

''चार नहीं पांच सैनिक मारे गये थे''

''चार नहीं पांच सैनिक मारे गये थे''

चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के हवाले से लिखा है कि गलवान घाटी हिंसक झड़प में उसका 33 साल का बटालियन कमांडर चेन होंगजून ने भारतीय सैनिकों के साथ संघर्ष में अपनी जान गंवा दी थी। चेन होंगजून के साथ चार और पीएलए के सैनिक ड्यूटी के दौरान मारे गये थे। शिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने लिखा है कि ये सभी सैनिक शिंजियांग मिलिट्री कमांड के सैनिक थे और काराकोरम की पहाड़ी पर ड्यूटी कर रहे थे। चीन के इस नये कबूलनामे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चीन बार बार झूठ क्यों बोल रहा है। आखिर क्या वजह है कि फरवरी में तामझाम से अपने चार सैनिकों को 'शहीद' बताकर विदाई देने वाला चीन अपनी ही बात से मुकर गया है और मृतकों की संख्या में एक सैनिक का नाम और जोड़ दिया है।

चीन ने क्यों बदले मृतक सैनिकों के आंकड़े ?

चीन ने क्यों बदले मृतक सैनिकों के आंकड़े ?

चीन ने नया कबूलनामा उस वक्त किया है, जब भारत और चीन के सैनिक पैंगोग त्सो झील के दक्षिणी किनारे और उत्तरी किनारे में डिसइंगजमेंट कर रहे हैं। हालांकि, भारत शुरूआत से ही दावे करता आ रहा है कि भारतीय सैनिकों के साथ झड़प में 45 से ज्यादा चीनी सैनिक मारे गये हैं, जबकि भारत के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। वहीं, रूसी खुफिया एजेंसी ने भी चीन के 40 से ज्यादा जवानों के मारे जाने की बात कही थी। लेकिन, चीन की तरफ से हर दावे को गलत कहा गया। लेकिन, एक बार फिर से मृतक सैनिकों की संख्या को बदलकर ड्रैगन खुद घिर गया है। भारतीय सेना के उच्च अधिकारियों ने मार्च में नाम ना छापने की शर्त पर कहा था कि चीनी सैनिकों से साथ बैठक के दौरान अनौपचारिक बातचीत में भी चीन के अलग अलग सैन्य अधिकारी मृतक सैनिकों के बारे में अलग अलग जानकारी दे रहे थे। चीन के एक प्रमुख अधिकारी ने तो 14 सैनिकों के मारे जाने की बात कबूली थी, लेकिन अनाधिकारिक तौर पर। ऑफिसियली चीन चार सैनिकों की मौत की बात करता रहा।

चीन ने भारतीय सैनिकों को लेकर क्या कहा ?

चीन ने भारतीय सैनिकों को लेकर क्या कहा ?

चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि गलवान घाटी में काफी ज्यादा संख्या में भारतीय सैनिक तैनात थे और चीन के सैनिक चारों तरफ से बुरी तरह से घिरे हुए थे। जबकि, फरवरी में चीन की सरकार की तरफ से जारी रिपोर्ट में कहा गया था कि गलवान घाटी में भारतीय सैनिक घिर गये थे और चीन के सैनिक काफी ज्यादा थे। द प्रिंट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ''जब चीनी सैनिकों के ऊपर भारतीय सैनिक काफी ज्यादा भारी पड़ने लगे थे, तब चीन ने अपने और सैनिकों को बुला लिया था''।

पांचवें सैनिक को लेकर कबूलनामा

पांचवें सैनिक को लेकर कबूलनामा

ग्लोबल टाइम्स ने अपने पांचवें सैनिक चेन होंगजून को लेकर लिखा है कि ''युद्ध के दौरान जब रेजिमेंटल कमांडर क्यूई फाबाओ को भारतीय सैनिकों ने चारों तरफ से घेर लिया था, तब चेन होंगजून अपने साथ कुछ और सैनिकों को लेकर आगे बढ़ गये और भारतीय सैनिकों की तरफ से चलाए जा रहे पत्थर और लाठियों का मुकाबला करने लगे। चेन होंगजून ने अपने शरीर को ढाल के रूप में इस्तेमाल करते हुए कमांडर क्यूई को बचा लिया। और जब चेन ने देखा कि कई और चीनी सैनिक मदद के लिए आ गये हैं, तो वो एक बार फिर से जंग के मैदान में कूद पड़े''। आपको बता दें कि गलवान घाटी हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे और ज्यादातर सैनिकों की मौत काफी ज्यादा ठंडे पानी में गिरने की वजह से हुई थी। वहीं, भारत सरकार का आज भी कहना है कि गलवान घाटी में चीन के कम से कम 45 सैनिक मारे गये थे, जिसे मानने के लिए अब भी चीन तैयार नहीं है। हां, मृतक सैनिकों के आंकड़े को बार बार बदलने वाला चीन हो सकता है कुछ महीने बाद कबूल कर ले कि गलवान घाटी में उसके 45 सैनिक मारे गये थे।

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