वुहान से दुनियाभर में फैला कोरोना, 4 लाख से अधिक की मौत, लेकिन चीन ने श्वेत पत्र जारी कर खुद को बताया निर्दोष
नई दिल्ली। दुनियाभर में जानलेवा कोरोना वायरस महामारी 4 लाख से अधिक लोगों की जान ले चुका है लेकिन चीन भी अब खुद को पीड़ित के तौर पर प्रस्तुत कर रहा है। रविवार को जारी अपने एक कोविड-19 श्वेत पत्र में चीन ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा, 19 जनवरी, 2020 तक उसे पता ही नहीं चला कि यह एक महामारी है और वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान तक फैल सकता है। गौरतलब है कि दुनियाभर में कोरोना वायरस फैलने को लेकर अमेरिका सहित कई बड़े देश चीन पर आरोप मढ़ चुके हैं, जिस वजह से आज कई देशों को जानमान के साथ-साथ आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ रहा है।

चीन के वुहान शहर से निकला था कोरोना
चीन के वुहान शहर से निकले कोरोना वायरस का कहर आज पूरे विश्व में देखा जा सकता है, भारत सहित कई देश इस समय लॉकडाउन के दौर से गुजर रहे हैं। चीन ने खुद को इस वायरस के कहर से उबार लिया है लेकिन कई देश अभी भी महामारी के चंगुल से खुद को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। वायरस के सामने आने के बाद दुनियाभर में चीन की मटिया पलीद हुई, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो कोरोना वायरस को चाइनीज वायरस का नाम दे दिया है।

19 जनवरी को पता चला ये है महामारी
रविवार को चीन ने महामारी पर एक श्वेत पत्र जारी किया है जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताया है। चीन ने कोरोना को लेकर लगाए जा रहे आरोपों से खुद को अलग करते हुए कहा वायरस को पहली बार 27 दिसंबर, 2020 को वायरल निमोनिया के रूप में देखा गया था, इसके बाद 19 जनवरी, 2020 को इसके एक इंसान से दूसरे इंसान तक फैलने का खुलासा हुआ। हमने कोविड-19 के संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए तेजी से कदम उठाए।

चीन ने सभी आरोपों को किया खारिज
चीन सरकार द्वारा जारी श्वेत पत्र में पिछले साल वुहान में कोविड-19 के प्रकोप की जानकारी को छुपाने और कोरोना वायरस के बारे में देर से खबर देने के आरोपों को खारिज करते हुए एक लंबा स्पष्टीकरण दिया गया है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और कई देशों के नेताओं ने चीन पर महामारी की जानकारी में पारदर्शी नहीं होने का आरोप लगाया, जिससे दुनिया भर में बड़े पैमाने पर मानव हताहत और आर्थिक संकट पैदा हो गया।

नई बीमारी के बारे में पहले ही कर दिया था अलर्ट
चीन के मुताबिक 27 दिसंबर को वुहान के एक अस्पताल द्वारा COVID-19 की पहचान करने के बाद, स्थानीय सरकार ने विशेषज्ञों को मरीजों की स्थिति और टेस्ट परिणामों का विश्लेषण, महामारी विज्ञान संबंधी जांच के निष्कर्षों और प्रारंभिक प्रयोगशाला परीक्षण के परिणाम की जांच करने के लिए कहा। विशेषज्ञों के निष्कर्ष यह निकला कि वे वायरल निमोनिया के मामले थे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (NHC) द्वारा आयोजित एक उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ टीम के शोधकर्ताओं ने 19 जनवरी को पुष्टि की कि यह वायरस मनुष्यों के बीच संक्रमण की तरह फैलता है। इससे पहले जनता को सूचित किया गया था और विशेषज्ञों को अलर्ट किए जाने से एक महीने से भी कम समय पहले नई खोज की गई बीमारी के बारे में जानकारी दी गई थी।

दुनियाभर में 68 लाख से अधिक संक्रमित
बता दें कि कोरोना वायरस रिसोर्स सेंटर जॉन्स हॉपकिंस के अनुसार कोरोना ने 68 लाख से अधिक लोगों को संक्रमित किया है और दुनिया भर में लगभग 4 लाख लोग मारे गए हैं। 1.9 मिलियन से अधिक मामलों और 1,09,000 से अधिक मौतों के साथ अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित देश है, जबकि चीन में मामलों की कुल संख्या 84,177 है। भारत में कोरोना वायरस का मामला अब तेजी से बढ़ रहा है, यहां संक्रमित मरीजों की संख्या 2,46,628 हो गई है।
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