दोस्त बने दुश्मन: चीनी नागरिकों का पाकिस्तान में जीना हुआ मुश्किल, 15 दिन के अंदर दूसरा बड़ा हमला
नई दिल्ली, 28 जुलाई: चीन और पाकिस्तान की दोस्ती का किस्सा किसी से छिपा नहीं है। भारत को घेरने के लिए चीनी सरकार पाकिस्तान में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जिसके लिए उसके इंजीनियर और कर्मचारी दिन-रात जुटे हुए हैं, लेकिन अब उनका वहां पर रहना मुश्किल हो गया है। बुधवार को कराची में चीनी नागरिकों पर 15 दिन के अंदर दूसरा बड़ा हमला हुआ। जिसमें एक शख्स की मौत हो गई।

किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी
पुलिस उप महानिरीक्षक जावेद अकबर रियाज के मुताबिक दो चीनी नागरिकों को कराची के औद्योगिक क्षेत्र ले जाया जा रहा था। तभी बाइक पर सवार होकर दो नकाबपोश वहां पर पहुंचे और उन्होंने ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। जिसमें एक चीनी नागरिक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। रियाज के मुताबिक दोनों बिना पुलिस एस्कॉर्ट के यात्रा कर रहे थे। हालांकि अभी तक घटना की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने नहीं ली है। वहीं चीनी विदेश मंत्रालय ने घटना पर दुख व्यक्त किया। साथ ही उम्मीद जताई कि पाकिस्तान उनके नागरिकों और संपत्तियों की सुरक्षा जरूर करेगा।

9 चीनी नागरिकों की गई थी जान
आपको बता दें कि दो हफ्ते पहले उत्तरी पाकिस्तान के कोहिस्तान में चीनी नागरिकों को ले जा रही बस को बम धमाके से उड़ा दिया गया। जिसमें 13 लोगों की मौत हुई। मृतकों में 9 चीनी नागरिक शामिल थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक बस में 36 चीनी नागरिक सवार थे, जो दासू बांध प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। उसी दौरान सड़क किनारे विस्फोटक लगाकर बम धमाका किया गया। शुरू में पाकिस्तान ने इसे दुर्घटना बताते हुए मामले को छिपाने की कोशिश की, लेकिन बाद में इसकी सच्चाई दुनिया के सामने आ गई।

एके-47 लेकर घूम रहे चीनी
वहीं चीनी इंजीनियरों को ले जा रही बस पर हमले के कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें सामने आईं, जिसमें चीनी वर्कर्स खुद प्रोजेक्ट साइट पर अपना बचाव करने के लिए हथियारबंद दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरें पाकिस्तान में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) में काम करने वाले चीनी इंजीनियर्स की बताई जा रही हैं। तस्वीरों में उनके कंधे पर साफतौर पर एके -47 जैसे ऑटोमैटिक हथियार नजर आ रहे हैं।












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