अब नॉर्थ कोरिया को 'दोस्त' चीन ने दिया झटका, कहा- अपना बोरिया-बिस्तर समेटो
प्योंगयांग। यूएन ने लगाए प्रतिबंधों के बाद नॉर्थ कोरिया के सहयोगी चीन ने भी किम जोंग उन सरकार को तगड़ा झटका दिया है। चीन ने गुरूवार को बीजिंग में स्थित नॉर्थ कोरिया की सभी कंपनियों को बंद करने का आदेश दिया है। यूएन और अमेरिका ने लगाए प्रतिबंधों के बाद यह पहली बार है, जब चीन ने भी नॉर्थ कोरिया को अपने देश से बोरिया बिस्तर समेटने को कहा है। चीन सरकार के इस कदम के बाद नॉर्थ कोरिया को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

नॉर्थ कोरियाई कंपनियों को 120 दिन का दिया वक्त
चीन के वाणिज्य मंत्री ने गुरूवार को बयान देते हुए कहा कि बीजिंग में संयुक्त रूप से जो भी नॉर्थ कोरियाई कंपनी चल रही है, उनके पास सयुंक्त राष्ट्र के 11 सितम्बर को पारित होने के दिन से 120 दिनों का वक्त है। हालांकि, चीन सरकार ने नॉर्थ कोरिया में स्थित अपनी कंपनियों को वापस बुलाने का अभी कोई निर्णय नहीं लिया है और ना ही किम जोंग सरकार से इसको लेकर कोई बयान आया है।

नॉर्थ कोरिया की अर्थव्यवस्था पर चोट
चीन के इन प्रतिबंधों से नॉर्थ कोरिया की अर्थव्यवस्था को खतरनाक धक्का लगा है। इससे नॉर्थ कोरिया के व्यापार पर 80 से 90 प्रतिशत तक प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इन प्रतिबंधों में उत्तर कोरिया को रिफाईन पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात को कम करना और पड़ोसी देश से कपड़ा आयात को बंद करना शामिल है। प्योंगयांग के लिए चीन बहुत बड़ा व्यापारिक साझेदार था, लेकिन अब इस प्रकार के प्रतिबंधों से नॉर्थ कोरिया भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना होगा।

सयुंक्त राष्ट्र भी लगा चुका है प्रतिबंध
इससे पहले 11 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र ने एक प्रस्ताव पारित कर नॉर्थ कोरिया पर जबरदस्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे। इन प्रतिबंधों में नॉर्थ कोरिया पर ऑयल/पेट्रोलियम में 30 प्रतिशत की कटौती और टेक्सटाइल पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। इसके अलावा, नॉर्थ कोरिया के 90 प्रतिशत निर्यात पर और विदेशों में श्रमिकों पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। उस दौरान, यूएन में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा था कि नॉर्थ कोरिया के टेक्सटाइल पर प्रतिबंध लगने से उनके वार्षिक राजस्व को 800 मिलियन डॉलर का नुकसान होगा।












Click it and Unblock the Notifications