शी जिनपिंग का कम्युनिस्ट पार्टी पर कब्जा, कल से चीन चलाएंगे उनके ये चार सिपहसालार, जाने कौन हैं?
शी जिनपिंग के विरोधी खेमे के माने जाने वाले प्रधानमंत्री ली केकियांग को भी निपटा दिया गया है और उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया है।
China News: चीन कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस की बैठक खत्म हो गई है और इस बैठक की सबसे खास बात ये है, कि अब कम्युनिस्ट पॉर्टी ऑफ चायना पर पूरी तरह से शी जिनपिंग का कब्जा हो गया है। 16 अक्टूबर से शुरू हुई कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस सम्मेलन में शी जिनपिंग का 'राजकुमार गैंग' पूरी तरह से हावी रहा और उन सभी नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया गया, जो जिनपिंग के विरोधी खेमे के थे। इतन ही नहीं, 79 साल के पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ को भी बैठक के समापन समारोह से जबरदस्ती बाहर कर दिया गया। यानि, अब शी जिनपिंग चीन के सर्वशक्तिशाली नेता बन गये हैं। शी जिनपिंग को कल लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति घोषित किया जाएगा। ऐसे में आईये जानते हैं उन चार चेहरों के बारे में, जो शी जिनपिंग के सबसे विश्वासपात्र हैं और कल से चीन को चलाएंगे।

प्रधानमंत्री ली केकियांग की पारी खत्म
शी जिनपिंग के विरोधी खेमे के माने जाने वाले प्रधानमंत्री ली केकियांग को भी निपटा दिया गया है और उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया है। चीनी मामलों के जानकारों का कहना है कि, प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद अब ली केकियांग का राजनीतिक भविष्य यहीं खत्म हो गया है। चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग, शी जिनपिंग के बाद कम्युनिस्ट पार्टी के सर्वोच्च अधिकारी थे, जो अब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का नेतृत्व करने वाली 205 सदस्यीय सेंट्रल कमेटी की सूची में नहीं हैं, जिसका अर्थ है कि ली केकियांग को अब रिटायर्ड कर दिया गया है और पार्टी में उनकी भूमिकाएं अब खत्म कर की दी गई हैं। हालांकि, ली केकियांग के मार्च 2023 तक अपना कार्यकाल पूरा होने तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने की संभावना है। हालांकि, ली केकियांग की उम्र अभी भी 67 साल है और रिटायर्ड होने की निर्धारित उम्र 68 साल से एक साल कम है, फिर भी उन्हें रिटायर्ड कर दिया गया है।

बनेगी नई स्टैंडिंग कमेटी
चीन में कल नई स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसकी घोषणा राष्ट्रपति शी जिनपिंग करेंगे। स्टैंडिंग कमेटी के लिए जो सदस्य चुने जाएंगे, वो शी जिनपिंग के वफादार होंगे। स्टैंडिंग कमेटी सात लोगों की टीम होती है, जिसपर पूर्ण नियंत्रण शी जिनपिंग को होगा। लिहाजा, शी जिनपिंग का स्टैंडिंग कमेटी पर पूरा नियंत्रण होगा। स्टैंडिंग कमेटी के चयन से यह भी पता चल सकता है, कि क्या शी जिनपिंग अपने संभावित उत्तराधिकारी को लेकर भी कोई संकेत देते हैं, या फिर जो दूसरा संकेत मिलेगा, वो ये, कि अब अपनी मर्जी के मुताबिक, जब तक चाहें, शी जिनपिंग चीन के राष्ट्रपति रह सकते हैं। ऐसे में स्टैंडिंग कमेटी की अहमियत काफी ज्यादा है और रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो चार चेहरे, जो स्टैंडिंग कमेटी में शामिल हो सकते हैं और रविवार से जिनका नियंत्रण पूरे चीन पर होगा, आईये उनके बारे में जानते हैं।

Ding Xuexiang
60 साल के डिंग कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल ऑफिस के डायरेक्टर हैं, यानि वो शी जिनपिंग के चीफ ऑफ स्टाफ की तरह हैं। लिहाजा, वो शी जिनपिंग के सबसे विश्वासपात्र माने जाते हैं। डिंग, पिछले कई सालों से शी जिनपिंग से जुड़े हुए हैं, लिहाजा पूरी उम्मीद है, कि वो सेन्ट्रल कमिटी में शामिल होंगे। शी जिनपिंग के सबसे महत्वपूर्ण सहयोगियों में से एक के रूप में डिंग, शी जिनपिंग के साथ कई विदेशी कार्यक्रमों और राजनीतिक बैठकों में भी भाग लेते हैं। उदाहरण के लिए, जब शी जिनपिंग और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2019 में ट्रेड वार पर चर्चा करने के लिए एक बंद कमरे में बैठक की थी, तो डिंग भी उस बैठक में शी जिनपिंग के साथ शामिल थे।

Chen Min’er
62 साल के चेन शी जिनपिंग के लंबे समय से करीबी सहयोगियों में शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 2002 से 2007 तक उइगर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र शिनजियांग में शी जिनपिंग की छवि को चमकाने के लिए उन्होंने काफी काम किया। वहीं, चीन के सबसे कमजोर प्रांत गुइझोउ में भी उन्होंने सचिव के तौलप पर काम किया। साल 2017 में चेन उस वक्त सुर्खियों में आये थे, जब शी जिनपिंग ने एक उभरते हुए नेता को बर्खास्त कर चेन को चीन के सबसे बड़े शहरों में से एक चोंगकिंग का पार्टी सचिव युक्त कर दिया। चेन बाद में 2017 में 19वीं पार्टी कांग्रेस में पोलित ब्यूरो में शामिल हो गए और अब वो स्टैंडिंग कमेटी में शामिल हो सकते हैं।

Li Qiang
ली कियांहग का एक लंबा राजनीतिक जीवन रहा है, जो पहले झेजियांग प्रांत के गवर्नर और जिआंगसु प्रांत के पार्टी सचिव के रूप में कार्यरत थे। वह अब पोलित ब्यूरो के सदस्य और शंघाई के पार्टी सचिव हैं। ये वही पद है, जहां पर खुद शी जिनपिंग 2007 में स्थायी समिति के लिए चुने जाने से पहले थे। हालांकि, ली कियांग पर शंघाई में कोविड के समय लगाए गये लॉकडाउन को सभी संभाल नहीं पाने का आरोप भी है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। लेकिन, विश्वासपात्र होने की वजह से वो अभी भी बच रहे हैं। शंघाई में लॉकडाउन के दौरान लोगों तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंचाई गई थी, जिसकी वजह से शंघाई में शी जिनपिंग की काफी आलोचना की गई।

Hu Chunhua
59 साल के हू चुनहुआ चीन के उप प्रधानमंत्रियों में से एक हैं, जो प्रीमियर ली केकियांग के अधीन काम कर रहे हैं। इस भूमिका को निभाने से पहले, उन्होंने चीन के दक्षिणी प्रांत, ग्वांगडोंग के पार्टी सचिव के रूप में काम किया है। पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ के एक आश्रित, उन्हें लंबे समय से शी के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में जाना जाता है, लेकिन उन्हें 2017 में स्थायी समिति में प्रमोट नहीं किया गया था, जिसकी वजह से उनका राजनीतिक उदय रूक गया था। कई एक्सपर्ट का मानना है, कि वो आने वाले वक्त में चीन के राष्ट्रपति बन सकते हैं। इस साल की शुरुआत में, हू ने रोजगार को स्थिर करने के लिए "सभी प्रयासों" का आह्वान करने के बाद सुर्खियां बटोरीं थी और उन्होंने यह स्वीकार किया था, कि चीन कोविड से काफी प्रभावित हुआ है।












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