China:जबर्दस्ती का आरोप लगाने वाली पूर्व वर्ल्ड टेनिस चैंपियन कहां गई? ये हस्तियां भी हो चुकी हैं गायब
बीजिंग, 16 नवंबर: चीन के एक पूर्व उप प्रधानमंत्री पर मी टू का आरोप लगाने वाली पूर्व विम्बलडन और फ्रेंच ओपन डबल्स की विजेता रहीं चाइनीज स्पोर्ट्स स्टार पेंग शुआई गायब बताई जा रही हैं। जबसे उन्होंने चीन की सरकारी पार्टी के नेता पर जबर्दस्ती का आरोप लगाया है, वह गुमशुदा हो गई हैं। अब दुनिया भर में इसको लेकर चिंता हो रही है। क्योंकि, चीन में इस तरह से आवाज उठाने के बाद गुमशुदा हो जाने वाली वह पहली शख्सियत नहीं हैं। ऐसी एक लंबी लिस्ट है, जिसमें जो लोग सरकार के खिलाफ बोले वो फिर कभी लौट कर दुनिया के सामने नहीं आए।

चीन से कहां गायब हो गईं पूर्व वर्ल्ड टेनिस वर्ल्ड चैंपियन ?
चीन ने अपनी पूर्व टेनिस स्टार की गुमशुदगी पर चुप्पी साध ली है। विश्व की पूर्व नंबर-1 महिला टेनिस डबल्स खिलाड़ी रह चुकीं पेंग शुआई चीन के पूर्व उप प्रधानमंत्री झांग गाओली पर जबर्दस्ती करने का आरोप लगाने के बाद से गायब हैं। रविवार को वीमेंस टेनिस एसोसिएशन ने पेंग के दावों की पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता से जांच की मांग की है, जिसमें किसी तरह की सेंसरशिप ना लगाई जाए। पूर्व और मौजूदा खिलाड़ियों ने भी सोशल मीडिया के जरिए पूर्व विम्बलडन और फ्रेंच ओपन डबल्स चैपिंयन की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। हालांकि, जब इस मसले पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिआन से पूछा गया तो उन्होंने कहा है, 'आपने जो मुद्दा उठाया है, मैंने उसके बारे में नहीं सुना है।' यही नहीं उन्होंने एक बार फिर से यह कहकर इस मसले को टाल दिया है कि 'यह कोई राजनयिक सवाल नहीं है।' इसके चलते पूर्व वर्ल्ड टेनिस चैंपियन की सुरक्षा को लेकर संदेह बढ़ गया है।

शी जिपिंग के आने के बाद क्यों गायब हो रहे हैं लोग ?
ये कोई पहला मामला नहीं है। 2013 में जबसे चीन की सत्ता पर शी जिनपिंग काबिज हुए हैं अनगिनत लोग गायब हो चुके हैं, जिसमें इंटरपोल चीफ से लेकर उद्योगपति, अभिनेत्री से लेकर वैज्ञानिक, पत्रकार और विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। कई तो महीनों बाद गोपनीयता के नाम पर टॉर्चर झेलने के बाद वापस भी लौटे हैं, लेकिन ज्यादातर तो हमेशा के लिए ही विलुप्त हो चुके हैं। दरअसल, जिनपिंग ने धीरे-धीरे खुद को चीन के इतिहास का सबसे बड़ा नेता के तौर पर स्थापित करते जा रहे हैं। इसलिए वह शुरू से ऐसे-ऐसे कानून बनाने पर जोर देते रहे हैं, जिससे उनकी तानाशाही को कानूनी चश्मा पहनाया जा सके। परिणाम सिर्फ ये हुआ है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना या चीन की सरकार इसमें से किसी के खिलाफ आवाज उठी तो वह सख्ती से दबा दी गई।

जिसने भी चीन की सत्ता के खिलाफ आवाज उठाई !
पिछले से पिछले साल चीनी अरबपति और ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के फाउंडर जैक मा अचानक महीनो तक लापता रहे। कहा जाता है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उनकी मुलाकात के बाद उनका राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ कुछ विवाद हो गया था। हालांकि, उनकी किस्मत अच्छी रही की वो दुनिया के सामने आ गए। लेकिन, सबका भाग्य उनके जैसा नहीं है। 2017 के जनवरी में चीनी मूल के कनाडा के कारोबारी जियाओ जियान्हुआ गायब हुए और कभी नहीं लौटे। इसी तरह चीन के वारेन बफेट समझे जाने वाले गुओ गुआंगचांग भी कुछ दिनों के लिए रहस्यम ढंग से गायब कर दिए गए। अगस्त 2018 में लैंडिंग इंटरनेशनल डेवलपमेंट के चेयरमैन यांग झिहुई भी तीन महीने के लिए कंबोडिया से उठाकर गायब कर दिए गए थे। मार्च, 2020 में चाइनीज उद्योगपति रेन झिकियांग तब लापता हो गए, जब उन्होंने कोरोना वायरस के मामले में जिनपिंग को घेरने की कोशिश की थी। उन्होंने ब्लॉग के जरिए शी को 'सत्ता का भूखा जोकर' कह दिया था। बाद में वे 18 साल के लिए जेल भेज दिए गए।

चीन में सत्ता के खिलाफ बोलने का मतलब है मौत ?
चीन में आम लोगों और बड़ी हस्तियों के गायब होने की फेहरिस्त लंबी है। मशहूर अभिनेत्री फैन बिंगबिंग, जीन वैज्ञानिक ही जुआनकुई, इंटरपोल चीफ मेंग होंग्वी, फोटोग्राफर लु गुआंग और चर्च के नेता वांग ई के अलावा कनाडा के तीन नागरिक भी गायब हो चुके हैं। जिनपिंग सरकार का सबसे ताजा कहर कोरोना वायरस पर वुहान का सच दुनिया को दिखाने वाले सिटीजंस जर्नलिस्टों पर टूटा है। एक-दो पत्रकार गायब हैं और एक महिला सिटीजन जनर्लिस्ट 38 साल की झांग झान को जेल की यातनाओं के बाद मरने के लिए छोड़ दिया गया है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के मुताबिक वो अब बिना सहारे के ना तो चल-फिर ही सकती हैं और ना ही अपना सिर ही उठा सकती हैं।

पेंग शुआई का आरोप क्या है ?
इसी महीने रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया था कि विश्व की नंबर एक महिला डबल्स टेनिस चैंपियन रह चुकीं पेंग शुआई ने सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के बड़े नेता और पूर्व डिप्टी पीएम झांग गाओली पर कई साल तक उनके साथ जबर्दस्ती करने का आरोप लगाने के बाद अपना सोशल मीडिया पोस्ट हटा लिया था। लेकिन, उस पोस्ट का स्क्रीन शॉट वायरल हुआ और लोगों ने उसपर बवाल काटना शुरू कर दिया। लेकिन, बाद में उन बवालियों की भी बोलती बंद होने लगी और सबने उस पोस्ट से दूरी बनानी शुरू कर दी थी। टेनिस चैंपियन ने पोस्ट में आरोप लगाया था कि सीपीसी के नेता गाओली ने पहले उनके साथ जबर्दस्ती की, फिर दोनों के बीच सहमति से संबंध बनने लगे।












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