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Canada: कनाडा की वित्त मंत्री का इस्तीफा, अब जस्टिन ट्रूडो की बारी! खालिस्तानियों के हमदर्द से नहीं संभला देश

Canada News: आर्थिक मंदी से जूझ रहे कनाडा में अब राजनीतिक घमासान छिड़ गया है और प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ बढ़ते तनाव के बीच कनाडा की उप प्रधानमंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। क्रिस्टिया फ्रीलैंड, जो देश की वित्त मंत्री भी थीं, उन्होंने सोमवार (16 दिसंबर) को दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया, जिससे ओटावा में हड़कंप मच गया है।

अपने इस्तीफे की सार्वजनिक घोषणा करते हुए फ्रीलैंड ने कहा, कि वह और प्रधानमंत्री ट्रूडो "कनाडा के लिए भविष्य के लिए कौन सा सबसे अच्छा रास्ता हो, इसे लेकर असहमत हैं"। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ की धमकी से उत्पन्न "गंभीर चुनौती" को केन्द्र में रखा है।

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डोनाल्ड ट्रंप, जो अगले महीने की 20 तारीख को व्हाइट हाउस में वापसी कर रहे हैं, उन्होंने कनाडाई सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है और यदि ट्रंप वाकई कनाडाई सामानों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाते हैं, तो कनाडा की अर्थव्यवस्था में कोहराम मच जाएगा और उसका निर्यात बुरी तरह से प्रभावित होगा।

लिहाजा, वित्तमंत्री फ्रीलैंड के इस्तीफे ने अब प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि उनके इस्तीफे की तो पहले से ही मांग की जा रही थी। पार्टी के कई नेता चाहते हैं, कि जस्टिन ट्रूडो प्रधामंत्री पद से इस्तीफा दें और उनकी जगह देश की कमान कोई और संभाले।

लिहाजा, जानना जरूरी हो जाता है, कि खालिस्तानियों के 'सरदार' को इस्तीफा देना पड़ सकता है या नहीं?

कनाडा की वित्त मंत्री के सामने क्या चुनौतियां थीं?

क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा ऐसे समय दिया है, जब ट्रूडो सरकार मुसीबत में फंसी हुई है। उन्होंने यह घोषणा सोमवार दोपहर को सरकार के आर्थिक नजरिए को पेश करने से कुछ घंटे पहले की।

फ्रीलैंड ने अपने इस्तीफे में कहा, कि कनाडा को ट्रंप की "आक्रामक आर्थिक राष्ट्रवाद" की नीति को "बेहद गंभीरता से" लेने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, कि कनाडा को अमेरिका में आने वाले ट्रंप प्रशासन की तरफ से लगाए जाने वाले टैरिफ से निपटने के लिए अपने "राजकोषीय घाटे" को कम रखना होगा। कनाडा की पहली महिला वित्त मंत्री रहीं फ्रीलैंड ने कहा, "इसका मतलब है, कि हमें महंगी राजनीतिक चालों से बचना होगा, जिन्हें हम बर्दाश्त नहीं कर सकते और जिनसे कनाडाई लोगों को संदेह होता है, कि हम इस समय की गंभीरता को समझ रहे हैं या नहीं।"

रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने देश में जीवन-यापन की लागत के संकट से निपटने के लिए जो प्रस्ताव पेश किया है, वित्तमंत्री फ्रीलैंड उससे असहमत हैं।

इसमें नए साल में किसी समय 150,000 कनाडाई डॉलर से कम सालाना कमाने वाले कामकाजी लोगों को 250 डॉलर का चेक भेजना शामिल है। छुट्टियों के दौरान आवश्यक वस्तुओं पर अस्थायी टैक्स छूट प्रदान करना भी उनकी योजना है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है, कि कागज में ये देखना अच्छा हो सकता है, लेकिन हकीकत में इसे लागू करना काफी मुश्किल है।

बीबीसी के मुताबिक, कनाडा के बढ़ते घाटे को देखते हुए वित्तमंत्री फ्रीलैंड का दफ्तर इन नीतियों की लागत को लेकर चिंतित था।

फ्रीलैंड ने कहा है, कि प्रधानमंत्री ट्रूडो ने उन्हें किसी और मंत्रालय का कार्यभार संभालने का ऑफर दिया था, जिसे उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा, कि वह लिबरल सांसद के रूप में काम करना जारी रखना चाहती हैं और अगले चुनाव में फिर से अपनी सीट के लिए चुनाव लड़ेंगी।

क्या जस्टिन ट्रूडो को भी सौंपना होगा इस्तीफा?

सीबीसी न्यूज के मुताबिक, वित्तमंत्री फ्रीलैंड के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री ट्रूडो के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है, जिसमें उनकी लिबरल पार्टी के भीतर से उठती आवाजें भी शामिल हैं। फ्रीलैंड के कैबिनेट से बाहर होने के बाद आयोजित एक आपातकालीन लिबरल कॉकस मीटिंग में, कई सांसदों ने ट्रूडो से पद छोड़ने के लिए कहा है।

कॉकस मीटिंग के बाद लिबरल ओंटारियो के सांसद चैड कोलिन्स ने संवाददाताओं से कहा, "मैं कह सकता हूं कि हम एकजुट नहीं हैं। अभी भी हमारे कई सदस्य हैं, जो सोचते हैं कि हमें नेतृत्व में बदलाव की जरूरत है और मैं उनमें से एक हूं।"

उन्होंने विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोलीव्रे के "कनाडा को फिर से महान बनाओ" एजेंडे को रोकने के लिए ट्रूडो को पद से हटने के लिए कहा है। उन्होंने कहा, कि "मुझे लगता है कि हमारे लिए आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता एक नया नेता चुनना और एक अलग नजरिए के साथ कनाडाई लोगों के लिए एक नई योजना पेश करना है।"

ओंटारियो में मार्खम-स्टॉफविले से सांसद हेलेना जैकज़ेक ने भी ट्रूडो से इस्तीफा देने के लिए कहा। बीबीसी के अनुसार, उन्होंने कहा, "आइए इसे इस तरह से कहें - वित्त मंत्री को बर्खास्त करना, जिसने आपकी बहुत अच्छी सेवा की है, वह ऐसा कदम नहीं है जिसे मैं भरोसेमंद कदम कहूंगी।" फ्रीलैंड को "अच्छा दोस्त" बताते हुए, परिवहन मंत्री अनीता आनंद ने कहा, कि "इस खबर ने मुझे बहुत परेशान किया है और मैं इस पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करूंगी, जब तक कि मुझे इसे समझने का समय न मिल जाए।"

वहीं, लिबरल सांसद वेन लॉन्ग ने कहा कि 153 मौजूदा लिबरल सांसदों में से लगभग एक तिहाई चाहते हैं कि ट्रूडो तुरंत पद छोड़ दें, एक तिहाई सांसदों ने अभी फैसला नहीं लिया है और बाकी प्रधानमंत्री के वफादार हैं।

उन्होंने कहा, कि "वह अपनी विरासत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और अब आगे बढ़ने का समय आ गया है।"

सीबीसी के मुताबिक, जस्टिन ट्रूडो पर इस्तीफा देने का काफी दबाव है और उनके लिए सरकार को चलाने के साथ साथ सांसदों को भी अपने पाले में बनाए रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी, जो काफी मुश्किल होने वाला है और प्रधानमंत्री कब तक अपनी कुर्सी बचाए रखते हैं, ये देखने वाली बात होगी।

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