कनाडा के 14 गुरुद्वारों में भारत सरकार के अधिकारियों के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध
ऑटेरियो। कनाडा में 14 गुरुद्वारों के भीतर भारत सरकार के प्रतिनिधियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है, कनाडा के ऑटेरियो प्रांत में गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने उन सभी 14 गुरुद्वारों में भारत सरकार के अधिकारियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है जिनपर उनका अधिकार है। यह फैसला ब्रैंपटन में 20 दिदसंबर को जोत प्रकाश गुरुद्वारा की बैठक में लिया गया है। हालांकि इन भारतीय अधिकारियों पर व्यक्तिगत तौर पर आने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

हस्तक्षेप पर लगेगी रोक
वहीं जब इस बाबत गुरुद्वारा कमेटी के प्रवक्ता अमरजीत सिंह मान ने कहा कि हमने इसका आधिकारिक ऐलान कर दिया है, भारतीय अधिकारी गुरुद्वारे के भीतर किसी भी तरह का कार्यक्रम नहीं कर सकते हैं और ना ही बोल सकते हैं। हमने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि भारतीय अधिकारी हमारे कार्यक्रमों में हस्तक्षेप की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हमारे फैसले के बाद भारत सरकार के इस तरह के हस्तक्षेप पर लगाम लगेगी।
सुरक्षा के चलते लिया फैसला
गुरुद्वारे की ओर से एक प्रेस नोट जारी किया गया है जिसमे कहा गया है कि अनाधिकृत तरह से प्रवेश को रोकने के लिए पीटीपी एक्ट 1990 के तहत यह फैसला लिया गया है कि गुरुद्वारा कमेटी गुरुद्वारे के भीतर किसी भी भारतीय सरकार के अधिकारी के प्रवेश पर रोक लगाते हैं। इसमे कहा गया है कि भारत द्वारा कनाडा के सिख समुदाय के जीवन में हस्तक्षेप को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया। इन अधिकारियों की मौजूदगी की वजह से गुरुद्वारे में अन्य लोग असहज होते हैं, लिहाजा यह हमारी जिम्मेदारी है कि वह संगत करने आए लोगों को सुरक्षा मुहैा कराई जाए, इसी के चलते यह फैसला लिया गया है।
लोगों ने जताई थी आपत्ति
इस फैसले के बारे में मान ने कहा कि इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आए थे जब सिख समुदाय के भाई-बहनों ने भारतीय हाई कमीशन के अधिकारियों के गुरुद्वारे में प्रवेश को लेकर आपत्ति जताई थी, उनकी मांग थी कि इन्हे किसी भी तरह से गुरुद्वारे में आने से रोकना चाहिए। लिहाजा इस मुश्किल को खत्म करने के लिए हमने यह फैसला लिया है, जिसके बाद भारतीय सरकार के राजदूत, अधिकारी, काउंसिल यहां आकर किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं कर सकते हैं और ना ही किसी भी तरह का भाषण नहीं दे सकते हैं। वह यहां अब सिर्फ एक श्रद्धालु की हैसियत से आ सकते हैं, हम इन लोगों की विजिट पर करीब से नजर रखेंगे।
पहले भी रद्द करना पड़ा था कार्यक्रम
इससे पहले भी पिछले वर्ष कनाडा में भारतीय अधिकारियों को इस तरह की पाबंदी का सामना करना पड़ा था, जब भारतीय अधिकारी को अपने कार्यक्रम को आखिरी समय पर रद्द करना पड़ा था। इस कार्यक्रम के रद्द होने के बाद इसका श्रेय खालिस्तान ग्रुप ने लिया था, उनका दावा था कि हमारी वजह से ही यह कार्यक्रम रद्द करना पड़ा है।












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