कनाडा में फिर हिन्दू मंदिर को बनाया गया निशाना, दीवारों पर लिखे एंटी-इंडिया नारे, 6 महीने में पांचवीं घटना
कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया भारत विरोधियों के लिए सुरक्षित ठिकाने बनते जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से इन जगहों पर खालिस्तानियों की गतिविधियां भी बढ़ी हैं।

Hindu temple vandalised in Canada: कनाडा में हिन्दू मंदिरों के खिलाफ नफरती हिंसा बढ़ती ही जा रही है और लगातार भारत विरोधी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। घृणा अपराध की एक और घटना में, कनाडा के ओंटारियो प्रांत में विंडसर में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है और इस बार BAPS श्री स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर एंटी-इंडिया नारे लिखे गये हैं।
घटना की सीसीटीवी वीडियो
बताया जा रहा है, कि एंटी-इंडिया स्लोगन्स मंगलवार रात को लिखे गये हैं और इस घटना का एक सीसीटीवी फूटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो नकाबपोशों को मंदिर पर एंटी-इंडिया नारे लिखते हुए देखा जा सकता है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, BAPS संगठन के एक प्रवक्ता ने कहा है, कि "हम अपने मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी भित्तिचित्रों से बहुत हैरान हैं।" संगठन ने कहा, कि "घटना की सूचना तत्काल आवश्यक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को दे दी गई है।" एंटी इंडिया स्लोगन्स में हिन्दुओं के साथ साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ भी नारे लिखे गये हैं, और विंडसर पुलिस ने इस बर्बरता को "घृणा से प्रेरित घटना" बताया है।
दो संदिग्धों का विवरण जारी
दोषियों को पकड़ने में मदद की गुहार लगाते हुए, विंडसर पुलिस ने दो संदिग्धों का विवरण भी जारी किया है, जिसमें कहा गया है, कि "मंदिर के आसपास के निवासियों को सबूत खोजने में मदद करने के लिए कहा गया है और आम लोगों से अपील की गई है, कि रात 11 बजे से 1 बजे तक के सीसीटीवी फूटेज अलग अलग इलाकों के देखें, ताकि आरोपियों को लेकर कोई जानकारी मिल सके"। वहीं, पुलिस ने जिस वीडियो फूटेज को जारी किया है, उसमें नकाब पहने दो लोगों को दीवारों पर एंटी-इंडिया नारे लिखते देखा जा सकता है। इससे पहले 30 जनवरी को भी ब्रैम्पटन में गौरी शंकर मंदिर को निशाना बनाया गया था।
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6 महीने में पांचवीं घटना
कनाडा में लगातार एंटी इंडिया तत्व बढ़ रहे हैं और पिछले 6 महीने में ये पांचवीं घटना है, जब हिन्दू मंदिरों को निशाना बनाया गया है। पिछले साल जुलाई में भी इसी मंदिर को निशाना बनाया गया था और भारत विरोधी नारे लिखे गये थे। आपको बता दें, कि कनाडा के स्टैटिक्स कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 से साल 2021 के बीच कनाडा में धर्म, यौन अपराध और नस्लीय घृणा अपराधों के मामलों में 72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। इसने अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से भारतीय समुदाय, जो कनाडा में सबसे तेजी से बढ़ने वाला जनसांख्यिकीय समूह है, उसके बीच के डर को बढ़ा दिया है, जो जनसंख्या के लगभग चार प्रतिशत हैं। वहीं, भारत सरकार ने बार बार कनाडा सरकार के अधिकारियों के सामने सख्त विरोध दर्ज कराया है।












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